Why in news?
- सरकार का Indiahandmade प्लेटफॉर्म एक ऑनलाइन मार्केटप्लेस के रूप में ध्यान आकर्षित कर रहा है जो बुनकरों और कारीगरों को सीधे खरीदारों से जोड़ता है।
- यह Geographical Indication (GI) और One District One Product आइटम प्रदर्शित करता है, जिससे कारीगरों को बिचौलियों के बिना नए बाजारों तक पहुंचने में मदद मिलती है।
- यह प्लेटफॉर्म उचित मूल्य और आधुनिक लॉजिस्टिक्स की पेशकश करके लाखों कारीगरों का समर्थन करना चाहता है, जो डिजिटल सशक्तिकरण पर सरकार के ध्यान को दर्शाता है।
Background
Indiahandmade पोर्टल 2023 में Ministry of Textiles के तहत Digital India Corporation द्वारा लॉन्च किया गया था। इसे पारंपरिक शिल्पकारों के सामने आने वाली चुनौतियों, जैसे सीमित बाजार पहुंच और बिचौलियों द्वारा शोषण को दूर करने के लिए बनाया गया था। भारत में 64 लाख से अधिक कारीगर हैं, जिनमें से अधिकांश महिलाएं हैं, और उनकी आजीविका हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पादों की बिक्री पर निर्भर करती है। एक डिजिटल मार्केटप्लेस उन्हें सीधे बेचने की अनुमति देता है, जिससे उनकी कमाई बढ़ती है और सांस्कृतिक विरासत संरक्षित होती है।
Key features and significance
- Direct connection: खरीदार सीधे कारीगरों से उत्पाद खरीद सकते हैं। कोई बिचौलिया नहीं है, जिससे विक्रेताओं को बेहतर कीमत सुनिश्चित होती है।
- Diverse catalogue: पोर्टल भारत भर से हथकरघा कपड़े, वस्त्र, आभूषण और हस्तशिल्प सूचीबद्ध करता है। GI tags वाले उत्पाद और जिन्हें One District One Product के रूप में पहचाना जाता है, उन्हें प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाता है।
- Seller‑friendly onboarding: पोर्टल एक सरल पंजीकरण प्रक्रिया प्रदान करता है। कारीगर Aadhaar और बैंक खाते के विवरण का उपयोग करके पंजीकरण कर सकते हैं, अपने उत्पादों की तस्वीरें अपलोड कर सकते हैं और जल्दी से बेचना शुरू कर सकते हैं।
- Empowerment of women: भारत के अधिकांश कारीगर महिलाएं हैं। उन्हें डिजिटल कॉमर्स तक पहुंच प्रदान करके, यह प्लेटफॉर्म वित्तीय स्वतंत्रता और सामाजिक उत्थान को बढ़ावा देने में मदद करता है।
- Export potential: पोर्टल लॉजिस्टिक्स भागीदारों से जुड़ता है ताकि उत्पादों को भारत और विदेशों में भेजा जा सके। यह ग्रामीण कारीगरों के लिए अंतर्राष्ट्रीय बाजार खोलता है।
- Preserving heritage: पारंपरिक शिल्पों की मांग पैदा करके, प्लेटफॉर्म युवा पीढ़ी को पारिवारिक परंपराओं को जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करता है और अमूर्त सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने में मदद करता है।
Conclusion
Indiahandmade दर्शाता है कि डिजिटल पहल कैसे ग्रामीण कारीगरों के लिए आय प्रदान करते हुए सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित कर सकती है। उत्पाद श्रेणियों का विस्तार करके और लॉजिस्टिक्स में सुधार करके, प्लेटफॉर्म प्रामाणिक भारतीय हस्तशिल्प के लिए वन‑स्टॉप शॉप बन सकता है। प्रशिक्षण और मार्केटिंग के माध्यम से निरंतर समर्थन कारीगरों को घरेलू और वैश्विक दोनों बाजारों में प्रतिस्पर्धा करने में मदद करेगा।
Source: DD India