चर्चा में क्यों?
कंबोडिया (Cambodia) के अंगकोर थॉम (Angkor Thom) में पूल संख्या 11 साइट पर काम कर रहे पुरातत्वविदों ने 12वीं शताब्दी के अंत की एक परिष्कृत हाइड्रोलिक प्रणाली (hydraulic system) के अवशेषों का पता लगाया है। खुदाई से जल निकासी संरचनाओं (drainage structures), पत्थर की पट्टियों (stone slabs) और नावों तथा जलीय दृश्यों को दर्शाती नक्काशी का पता चला, जो सभी राजा जयवर्मन सातवें (King Jayavarman VII) के दरबार द्वारा उपयोग किए जाने वाले शाही पूल (royal pool) से जुड़े थे। यह खोज प्राचीन जल नेटवर्क की बहाली में सहायता करेगी और आगंतुकों के लिए जल प्रबंधन में सुधार करेगी।
पृष्ठभूमि
अंगकोर थॉम ("महान शहर") खमेर साम्राज्य (Khmer empire) की अंतिम और सबसे बड़ी राजधानी थी। 12वीं सदी के अंत में राजा जयवर्मन सातवें द्वारा निर्मित, यह शहर लगभग 9 वर्ग किलोमीटर में फैला है और हर तरफ 8 मीटर ऊंची और 3 किलोमीटर लंबी एक वर्गाकार दीवार से घिरा हुआ था। दीवारों के पार एक चौड़ी खाई बचाव और जल भंडारण प्रदान करती थी। शहर के प्रमुख मंदिरों में बेयोन (Bayon - अपने मुस्कुराते हुए पत्थर के चेहरों के लिए प्रसिद्ध), बाफुओन (Baphuon), फिमियानाकास (Phimeanakas) और महल की छतें (palace terraces) शामिल हैं। प्रत्येक मुख्य दिशा में विस्तृत प्रवेश द्वार विशाल पत्थर के चेहरों से सजे हैं जिन्हें बोधिसत्व अवलोकितेश्वर (bodhisattva Avalokiteshvara) या स्वयं राजा का प्रतिनिधित्व करने वाला माना जाता है। शहर की नहर और जलाशय प्रणाली ने सिंचाई, परिवहन और अनुष्ठान कार्यों को सुनिश्चित किया。
हालिया निष्कर्ष
- हाइड्रोलिक इंजीनियरिंग (Hydraulic engineering): खोदे गए पूल का आकार लगभग 65 मीटर गुणा 30 मीटर है। इसके फर्श के नीचे पुरातत्वविदों को जल प्रवाह को नियंत्रित करने और बाढ़ को रोकने के लिए डिज़ाइन किए गए पत्थर के चैनल (stone channels) और वेंट (vents) मिले हैं। तलछट की परतें (Sediment layers) इंगित करती हैं कि पूल 12वीं सदी के अंत का है।
- नक्काशी और कलाकृतियां (Carvings and artefacts): पूल के चारों ओर पत्थर की पट्टियों पर नावों, संगीतकारों और जलीय जीवन की नक्काशी (bas‑relief carvings) है, जो खमेर शाही दरबार के दैनिक जीवन और अनुष्ठानों की झलक पेश करती है।
- संरक्षण योजनाएं (Preservation plans): अनुसंधान और प्रलेखन के लिए अंगकोर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र (Angkor International Center for Research and Documentation) हाइड्रोलिक प्रणाली को बहाल करने, इसकी जैव विविधता को पुनर्जीवित करने और भारी बारिश के दौरान पानी की उचित निकासी सुनिश्चित करने की योजना बना रहा है, जिससे पर्यटकों के लिए साइट का लचीलापन (resilience) बढ़ेगा।
अंगकोर थॉम का महत्व
अंगकोर थॉम खमेर वास्तुकला (Khmer architecture) और शहरी नियोजन के शिखर का प्रतिनिधित्व करता है। इसका लेआउट, ब्रह्मांड विज्ञान (cosmology) और कलात्मकता हिंदू-बौद्ध प्रभावों और जयवर्मन सातवें की राजनीतिक शक्ति को दर्शाते हैं। नई खोजी गई हाइड्रोलिक विशेषताएं इस बात की हमारी समझ को बढ़ाती हैं कि शहर के निवासियों ने कृषि, समारोहों और दैनिक जीवन के लिए पानी का प्रबंधन कैसे किया। यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल (UNESCO World Heritage site) के संरक्षण और अंगकोर क्षेत्र में पर्यटन को बनाए रखने के लिए इन प्रणालियों को बनाए रखना आवश्यक है।
निष्कर्ष
पूल संख्या 11 की खुदाई खमेर जल इंजीनियरों (Khmer water engineers) की सरलता पर प्रकाश डालती है और अंगकोर थॉम के शहरी डिजाइन की हमारी समझ को समृद्ध करती है। इन प्रणालियों को बहाल करने और उनका अध्ययन करने से, कंबोडिया अपनी विरासत को संरक्षित कर सकता है और टिकाऊ पर्यटन (sustainable tourism) का समर्थन कर सकता है।