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Afghanistan Humanitarian Aid: भारत की विदेश नीति, आपदा राहत और ग्लोबल साउथ

Afghanistan Humanitarian Aid: भारत की विदेश नीति, आपदा राहत और ग्लोबल साउथ

खबरों में क्यों?

भारत ने अफगानिस्तान के उत्तरी क्षेत्रों में भयंकर बाढ़ (severe floods) और भूकंप (earthquake) आने के बाद किचन सेट, स्वच्छता किट (hygiene kits), प्लास्टिक शीट, तिरपाल (tarpaulins) और स्लीपिंग बैग सहित राहत सामग्री भेजी है। विदेश मंत्रालय (External Affairs Ministry) ने कहा कि यह सहायता अफगान लोगों के साथ भारत की एकजुटता (solidarity) और मानवीय सहायता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

पृष्ठभूमि

मार्च 2026 के अंत से शुरू होकर, भारी बारिश ने कई अफगान प्रांतों में अचानक बाढ़ (flash floods) ला दी। कुछ ही दिनों के भीतर हिंदू कुश क्षेत्र (Hindu Kush region) में 5.9 तीव्रता का भूकंप आया। रिपोर्टों के अनुसार, लगभग 150 लोगों की मौत हो गई, 200 से अधिक घायल हो गए और 1,100 से अधिक घर नष्ट हो गए। भूस्खलन (Landslides) और बाढ़ से 7,500 से अधिक परिवार प्रभावित हुए। गरीबी और बुनियादी ढांचे की कमी से जूझ रहा अफगानिस्तान इन आपदाओं (disasters) का सामना करने के लिए तैयार नहीं था। भारत सहित अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने मानवीय सहायता के साथ कदम बढ़ाया।

भारत ने क्या प्रदान किया

  • आपातकालीन आपूर्ति (Emergency supplies): भारत की राहत खेप (relief consignment) में पारिवारिक टेंट, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट, खाना पकाने के बर्तन, स्वच्छता किट (hygiene kits) और जल शोधन गोलियां (water purification tablets) शामिल थीं। ये वस्तुएं परिवारों को अस्थायी आश्रय स्थापित करने और बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में मदद करती हैं।
  • एकजुटता संदेश (Solidarity message): विदेश मंत्रालय ने अफगान लोगों के साथ भारत के ऐतिहासिक संबंधों पर जोर दिया और राजनीतिक विचारों (political considerations) के बावजूद मानवीय सहायता (humanitarian assistance) के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
  • पिछली सहायता: 2021 के बाद से भारत ने अफगानिस्तान को गेहूं, दवाएं, COVID-19 वैक्सीन और सर्दियों के कपड़ों की कई खेप भेजी हैं। यह देश के लिए प्रमुख क्षेत्रीय दाताओं (regional donors) में से एक बना हुआ है।

सहायता क्यों मायने रखती है

  • उच्च भेद्यता (High vulnerability): अफगानिस्तान का पहाड़ी इलाका (mountainous terrain) इसे बाढ़, भूस्खलन और भूकंप का शिकार बनाता है। वर्षों के संघर्ष ने बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया है और आपदा तैयारियों को कम किया है।
  • मानवीय आवश्यकताएं: आपदाएं पहले से ही गंभीर मानवीय स्थिति को और जटिल कर देती हैं। लाखों अफगान खाद्य असुरक्षा (food insecurity), स्वास्थ्य सेवा की कमी और विस्थापन (displacement) से पीड़ित हैं। त्वरित सहायता आगे जीवन के नुकसान को रोकती है।
  • क्षेत्रीय स्थिरता (Regional stability): अफगानिस्तान की सहायता करने से प्रवासन (migration) और सामाजिक अशांति (social unrest) के पड़ोसी देशों में फैलने का जोखिम कम हो जाता है। यह एक जिम्मेदार क्षेत्रीय भागीदार के रूप में भारत की भूमिका को भी प्रदर्शित करता है।

निष्कर्ष

बाढ़ और भूकंप के बाद अफगानिस्तान को राहत सामग्री का भारत का त्वरित प्रेषण अफगान लोगों के साथ उसकी लंबे समय से चली आ रही दोस्ती को रेखांकित करता है। देश जब कई संकटों के बीच घरों और आजीविका का पुनर्निर्माण कर रहा है, तो निरंतर मानवीय जुड़ाव (humanitarian engagement) आवश्यक होगा।

स्रोत: News On Air, Reuters

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