पर्यावरण

Amangarh Tiger Reserve: उत्तर प्रदेश इको-टूरिज्म और वन्यजीव

Amangarh Tiger Reserve: उत्तर प्रदेश इको-टूरिज्म और वन्यजीव

चर्चा में क्यों?

उत्तर प्रदेश वन विभाग ने अमानगढ़ टाइगर रिजर्व (Amangarh Tiger Reserve) में इको-टूरिज्म सीजन (eco-tourism season) को 30 जून 2026 तक बढ़ा दिया है। यह विस्तार चौथे पर्यटन सीजन के दौरान दर्शकों की भारी संख्या के बाद किया गया है, जो नवंबर 2025 में शुरू हुआ था। इस सीजन में 3,000 से अधिक पर्यटकों ने रिजर्व का दौरा किया, जिससे संरक्षण के लिए मूल्यवान राजस्व (revenue) उत्पन्न हुआ।

पृष्ठभूमि

अमानगढ़ टाइगर रिजर्व उत्तर प्रदेश की उत्तरी सीमा के पास बिजनौर जिले में स्थित है। यह क्षेत्र मूल रूप से उत्तराखंड में जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क (Jim Corbett National Park) का हिस्सा था, लेकिन उत्तर प्रदेश की ओर बाघ संरक्षण को मजबूत करने के लिए 2012 में एक अलग रिजर्व के रूप में इसे अलग कर दिया गया था। लगभग 95 वर्ग किलोमीटर में फैले इस रिजर्व में घने साल के जंगल (sal forests), खुले घास के मैदान, पहाड़ियाँ और मौसमी नदियाँ शामिल हैं। यह कॉर्बेट और उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जंगलों के बीच वन्यजीवों की आवाजाही के लिए एक महत्वपूर्ण गलियारा (corridor) बनाता है।

वन्यजीव और पर्यटन मुख्य विशेषताएं

  • पशुवर्ग (Fauna): यह रिजर्व बंगाल टाइगर, तेंदुए, हाथी, सांभर, चीतल, नीलगाय, जंगली सूअर और पक्षियों की 300 से अधिक प्रजातियों का घर है।
  • इको-टूरिज्म मॉडल (Eco-tourism model): प्रशिक्षित गाइड के साथ पूर्व-बुक की गई जीप सफारी के माध्यम से पर्यटन का प्रबंधन किया जाता है। आगंतुक घने जंगलों का अनुभव कर सकते हैं और प्राकृतिक आवासों में वन्यजीवों को देख सकते हैं।
  • आगंतुक आंकड़े (Visitor statistics): पहले पर्यटन सीजन (2022-23) में 3,068 आगंतुक आए; दूसरे सीजन में 6,500 से अधिक आगंतुक आए; और मौजूदा सीजन पहले ही 3,000 को पार कर चुका है।
  • राजस्व का उपयोग (Revenue use): टिकट बिक्री से अर्जित धन को आवास प्रबंधन, अवैध शिकार विरोधी गश्त (anti-poaching patrols) और सामुदायिक विकास में फिर से निवेश किया जाता है।
  • मौसमी बंदी (Seasonal closure): जंगल के पुनर्जीवन की अनुमति देने और आगंतुकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मानसून के महीनों में रिजर्व बंद रहता है।

निष्कर्ष

अमानगढ़ में पर्यटन सीजन का विस्तार करने से बाघ संरक्षण के बारे में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ संरक्षण के लिए संसाधन उत्पन्न करने में मदद मिलती है। कॉर्बेट से निकटता और इसकी समृद्ध जैव विविधता इसे जिम्मेदार वन्यजीव पर्यटन (responsible wildlife tourism) के लिए एक आशाजनक गंतव्य बनाती है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पर्यटन का प्रभाव कम से कम हो और इससे स्थानीय समुदायों को लाभ मिले।

स्रोत: ET
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