पर्यावरण

Amblyceps vayavy: पश्चिमी घाट कैटफ़िश और गोवा स्थानिक प्रजाति

Amblyceps vayavy: पश्चिमी घाट कैटफ़िश और गोवा स्थानिक प्रजाति

चर्चा में क्यों?

शोधकर्ताओं ने उत्तरी पश्चिमी घाट में गोवा और महाराष्ट्र की पहाड़ी जलधाराओं में कैटफ़िश (catfish) की एक नई प्रजाति, एम्ब्लिसेप्स वायव्य (Amblyceps vayavy) की खोज की है। पाँच वर्षों के सर्वेक्षण (surveys) के दौरान मछली को केवल दो बार एकत्र किया गया था, जो इसकी दुर्लभता और इसके आवास की नाजुकता (fragility) को उजागर करता है।

पृष्ठभूमि

एम्ब्लिसेप्स (Amblyceps) जीनस में दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशिया की तेजी से बहने वाली धाराओं में पाई जाने वाली छोटी कैटफ़िश शामिल हैं। नव वर्णित एम्ब्लिसेप्स वायव्य की खोज ठाकरे वाइल्डलाइफ फाउंडेशन के बालाजी विजयकृष्णन, तेजस ठाकरे और अभिषेक शिर्के ने रेतीले और चट्टानी सबस्ट्रेट्स (sandy and rocky substrates) वाली उथली धाराओं की खोज करते समय की थी। प्रजाति का नाम "वायव्य" मराठी और कोंकणी में "उत्तर-पश्चिम (north-west)" का अर्थ है, जो इसके वितरण को दर्शाता है।

विशिष्ट विशेषताएं

  • द्विभाजित पूंछ (Bifurcated tail): अधिकांश जन्मजात (congeners) जिनकी पूंछ गोल होती है उनके विपरीत, कॉडल फिन (caudal fin) गहराई से कांटेदार (forked) होता है।
  • अलग वसायुक्त फिन (Separate adipose fin): वसायुक्त फिन (adipose fin) कॉडल फिन से अलग होता है और टेल फोर्क (tail fork) से बहुत पहले समाप्त हो जाता है।
  • अधूरी पार्श्व रेखा (Incomplete lateral line): पार्श्व रेखा (lateral line) पूरे शरीर के साथ विस्तारित नहीं होती है; यह विशेषता प्रजातियों को अलग करने में मदद करती है।
  • हुक की अनुपस्थिति: मध्यवर्ती कॉडल-फिन किरणों (Median caudal-fin rays) में केंद्रीय रूप से प्रक्षेपित हुक (centrally projecting hooks) का अभाव होता है, जो एक अन्य नैदानिक चरित्र है।

आवास और संरक्षण

  • धारा निवास (Stream dwelling): मछली रेत, कंकड़ और पत्थरों के साथ उथली पहाड़ी धाराओं में रहती है। ऐसे आवास मौसमी रूप से गतिशील होते हैं और आसानी से परेशान हो जाते हैं।
  • सीमित वितरण: नमूने अब तक केवल गोवा और महाराष्ट्र में बिखरे हुए इलाकों से दर्ज किए गए हैं, जो प्रजातियों को उत्तरी पश्चिमी घाट के लिए स्थानिक (endemic) बनाते हैं।
  • खतरे: खनन, औद्योगिक अपशिष्ट, माइक्रो-प्लास्टिक और पेश की गई मछली प्रजातियां इन धाराओं को खतरे में डालती हैं। ए. वायव्य की दुर्लभता हेडरवाटर आवासों (headwater habitats) के संरक्षण की आवश्यकता को रेखांकित करती है।

स्रोत: Mid-Day

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