चर्चा में क्यों?
एक संसदीय समिति (Parliamentary Committee) ने भारतीय रेलवे (Indian Railways) से यात्री संतुष्टि (passenger satisfaction) के नियमित सर्वेक्षण (regular surveys) करने और अमृत भारत स्टेशन योजना (Amrit Bharat Station Scheme) के तहत पुनर्विकास (redevelopment) के प्रभाव का मूल्यांकन करने का आग्रह किया है। इस योजना का उद्देश्य 1,300 से अधिक रेलवे स्टेशनों को आधुनिक पारगमन केंद्रों (modern transit hubs) में बदलना है, और समिति यह सुनिश्चित करना चाहती है कि उन्नयन (upgrades) वास्तव में यात्री अनुभव (passenger experience) में सुधार करें।
पृष्ठभूमि
2022 में शुरू की गई, अमृत भारत स्टेशन योजना (Amrit Bharat Station Scheme - ABSS) पूरे भारत में रेलवे स्टेशनों को चरणबद्ध तरीके से (phased manner) पुनर्विकसित (redevelop) करने की एक दीर्घकालिक पहल (long-term initiative) है। केवल वास्तुशिल्प पहलुओं (architectural facades) पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय, यह योजना स्टेशनों को बेहतर सुविधाओं (improved facilities), मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी (multimodal connectivity) और टिकाऊ डिजाइनों (sustainable designs) के साथ एकीकृत परिवहन हब (integrated transport hubs) के रूप में देखती है। प्रत्येक स्टेशन के लिए मास्टर प्लान (Master plans) तैयार किए जाते हैं, और स्थानीय जरूरतों और अनुमानित विकास (projected growth) के अनुसार परियोजनाओं (projects) को क्रियान्वित (executed) किया जाता है।
रेल मंत्रालय (Ministry of Railways) ने ABSS के तहत परिवर्तन (transformation) के लिए 1,300 से अधिक स्टेशनों की पहचान की है। इनमें महानगरीय क्षेत्रों (metropolitan areas), राज्यों की राजधानियों (state capitals) और टियर-II और टियर-III शहरों के स्टेशन शामिल हैं। बुनियादी ढांचे (infrastructure) और यात्री सुविधाओं (passenger amenities) में सुधार करके, सरकार स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं (local economies) का समर्थन करते हुए ट्रेन यात्रा को सुरक्षित, अधिक आरामदायक और अधिक सुलभ (more accessible) बनाने की उम्मीद करती है।
मुख्य विशेषताएं
- यात्री सुविधाएं (Passenger amenities): पुनर्विकसित स्टेशन (Redeveloped stations) अच्छी तरह से डिज़ाइन किए गए प्रवेश और निकास बिंदु (entry and exit points), विशाल प्रतीक्षा कक्ष (spacious waiting halls), स्वच्छ शौचालय (clean toilets), पर्याप्त छत (adequate roofing) वाले प्लेटफार्म और लिफ्ट (lifts), एस्केलेटर (escalators) और मुफ्त वाई-फाई (free Wi-Fi) जैसी सुविधाएं प्रदान करेंगे।
- पहुंच और सुरक्षा (Accessibility and safety): फुट ओवरब्रिज (Foot overbridges), स्काईवॉक (skywalks), एयर-कॉन्कोर्स संरचनाएं (air-concourse structures) और बेहतर संकेत (improved signage) यात्रियों के लिए प्लेटफार्मों के बीच घूमना आसान बना देंगे। स्टेशनों में विकलांग व्यक्तियों (persons with disabilities) के लिए सुविधाएं शामिल होंगी।
- मल्टीमॉडल एकीकरण (Multimodal integration): परिवहन के विभिन्न साधनों के बीच निर्बाध स्थानान्तरण (seamless transfers) को सुविधाजनक बनाने के लिए स्टेशनों को बस टर्मिनलों (bus terminals), मेट्रो लाइनों (metro lines), टैक्सी बे (taxi bays) और पार्किंग क्षेत्रों (parking areas) से जोड़ा जाएगा।
- वन स्टेशन वन प्रोडक्ट (One Station One Product): समर्पित कियोस्क (Dedicated kiosks) स्थानीय हस्तशिल्प (local handicrafts) और उत्पादों (products) का प्रदर्शन करेंगे, आजीविका (livelihood) के अवसर प्रदान करेंगे और यात्रियों को क्षेत्रीय संस्कृति (regional culture) का स्वाद देंगे।
- सतत डिजाइन (Sustainable design): पर्यावरणीय प्रभाव (environmental impact) को कम करने के लिए ग्रीन बिल्डिंग (green buildings), सौर पैनल (solar panels), वर्षा जल संचयन (rainwater harvesting), अपशिष्ट प्रबंधन (waste management) और भूनिर्माण (landscaping) पर जोर दिया गया है।
महत्व
- उन्नत यात्री अनुभव (Enhanced passenger experience): आधुनिक, आरामदायक स्टेशन लाखों दैनिक यात्रियों और लंबी दूरी के यात्रियों के लिए ट्रेन यात्रा को अधिक आकर्षक और सुविधाजनक बना देंगे।
- आर्थिक प्रोत्साहन (Economic stimulation): अपग्रेडेड स्टेशन शहरी नवीनीकरण (urban renewal) के उत्प्रेरक के रूप में कार्य करते हैं, जिससे आसपास के क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों (commercial activity), पर्यटन (tourism) और संपत्ति के मूल्यों (property values) को बढ़ावा मिलता है।
- समावेशी विकास (Inclusive development): पहुंच (accessibility) और स्थानीय उत्पादों (local products) को प्राथमिकता देकर, यह योजना सुनिश्चित करती है कि पुनर्विकास विभिन्न उपयोगकर्ता समूहों (diverse user groups) को लाभान्वित करे और क्षेत्रीय कारीगरों (regional artisans) का समर्थन करे।
निष्कर्ष
अमृत भारत स्टेशन योजना (Amrit Bharat Station Scheme) बुनियादी ढांचे के प्रति भारत के दृष्टिकोण में बदलाव को दर्शाती है: केवल कार्यक्षमता (mere functionality) से समग्र डिजाइन (holistic design) तक जो यात्रियों के आराम, कनेक्टिविटी और पर्यावरण पर विचार करती है। चल रही निगरानी (Ongoing monitoring) और सामुदायिक प्रतिक्रिया (community feedback) यह सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण होगी कि सुधारित स्टेशन अपने उद्देश्यों को पूरा करें और वास्तव में आधुनिक, टिकाऊ शहरों (sustainable cities) के प्रवेश द्वार के रूप में काम करें।
स्रोत: Indian Express