Defence

Assam Rifles: भारत का सबसे पुराना अर्धसैनिक बल, भारत-म्यांमार सीमा और उग्रवाद विरोधी

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ख़बरों में क्यों?

मार्च 2026 में अपने स्थापना दिवस (Raising Day) के अवसर पर, केंद्रीय गृह मंत्री ने भारत के पूर्वोत्तर में सीमा सुरक्षा और मानवीय कार्यों के प्रति समर्पण के लिए असम राइफल्स के साहसी कर्मियों की प्रशंसा की। उनकी शुभकामनाओं ने भारत-म्यांमार सीमा की रक्षा करने और प्राकृतिक आपदाओं और विद्रोह (insurgencies) के दौरान नागरिकों की सहायता करने में बल की दोहरी भूमिका पर प्रकाश डाला।

पृष्ठभूमि

असम राइफल्स भारत का सबसे पुराना अर्धसैनिक बल (paramilitary force) है। इसकी जड़ें 1835 से जुड़ी हैं जब अंग्रेजों ने असम में चाय बागानों और चौकियों को पहाड़ी आदिवासियों के हमलों से बचाने के लिए कछार लेवी (Cachar Levy) का गठन किया था। दशकों से इस इकाई का कई बार पुनर्गठन किया गया और नाम बदला गया—असम फ्रंटियर पुलिस, असम मिलिट्री पुलिस और ईस्ट बंगाल और असम मिलिट्री पुलिस—और अंततः 1917 में असम राइफल्स बनी। दोनों विश्व युद्धों के दौरान, इसके जवानों ने मध्य पूर्व से लेकर बर्मा तक दूर-दराज के युद्धक्षेत्रों में लड़ाई लड़ी। 1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद इसका परिचालन नियंत्रण (operational control) भारतीय सेना के पास चला गया, जबकि प्रशासनिक नियंत्रण गृह मंत्रालय के पास है।

भूमिकाएं और जिम्मेदारियां

  • सीमा रक्षक: यह बल 1,643 किलोमीटर लंबी भारत-म्यांमार सीमा पर गश्त करता है, अवैध घुसपैठ और तस्करी को रोकता है। आवश्यकता पड़ने पर यह अन्य संवेदनशील सीमाओं की रक्षा में सेना की सहायता भी करता है।
  • विद्रोह-रोधी (Counter-insurgency): असम राइफल्स की इकाइयां पूर्वोत्तर भारत में विद्रोह-रोधी अभियान चलाती हैं, आतंकवादी समूहों को बेअसर करने और कानून व्यवस्था बहाल करने के लिए राज्य पुलिस के साथ काम करती हैं।
  • मानवीय सहायता: "पहाड़ी लोगों के मित्र (Friends of the Hill People)" के उपनाम से प्रसिद्ध यह बल दूरदराज के गांवों में चिकित्सा शिविर, आपदा राहत और बुनियादी ढांचा सहायता प्रदान करता है। नागरिकों की मदद करने की इसकी प्रतिष्ठा ने स्थानीय समुदायों के बीच गहरा विश्वास पैदा किया है।
  • प्रशिक्षण और एकीकरण: कर्मियों को जंगल युद्ध और पहाड़ी अभियानों में विशेष प्रशिक्षण प्राप्त होता है। महिलाएं अब युद्धक (combat) और सहायक भूमिकाओं में काम करती हैं, जो एक अधिक समावेशी बल को दर्शाता है।

महत्व

  • रणनीतिक महत्व: भारत की एक्ट ईस्ट (Act East) नीति और दक्षिण पूर्व एशिया से कनेक्टिविटी के लिए एक स्थिर पूर्वोत्तर महत्वपूर्ण है। असम राइफल्स शांति बनाए रखने में मदद करती है और सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को सक्षम बनाती है।
  • विरासत और विकास: औपनिवेशिक लेवी से आधुनिक आतंकवाद-रोधी बल तक, असम राइफल्स ने लोगों का मित्र होने के अपने आदर्श वाक्य को बनाए रखते हुए बदलते सुरक्षा परिदृश्य को अपनाया है।
  • मानवीय स्पर्श (Human touch): सैन्य कर्तव्यों के साथ-साथ मानवीय पहुंच पर बल का जोर यह दर्शाता है कि सुरक्षा और विकास साथ-साथ चलते हैं।

स्रोत: PIB

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