पर्यावरण

Barnawapara Wildlife Sanctuary: छत्तीसगढ़, काला हिरण पुनर्वापसी और आवास बहाली

Barnawapara Wildlife Sanctuary: छत्तीसगढ़, काला हिरण पुनर्वापसी और आवास बहाली

समाचार में क्यों?

संरक्षणवादियों (Conservationists) ने अप्रैल 2026 में सूचना दी कि छत्तीसगढ़ के Barnawapara Wildlife Sanctuary में blackbuck reintroduction programme (काले हिरण पुनर्वास कार्यक्रम) के उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं। अभयारण्य में काले हिरणों की आबादी में लगातार वृद्धि हुई है, जिससे अन्य संरक्षित क्षेत्रों में भी इस मॉडल को दोहराने की योजना बन रही है।

पृष्ठभूमि

Barnawapara Wildlife Sanctuary छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में स्थित है और लगभग 245 km² में फैला है। 1976 में स्थापित, इसका नाम बार (Bar) और नवापारा (Nawapara) के जुड़वां गांवों के नाम पर रखा गया है। यह अभयारण्य पश्चिम में बालमदेही नदी (Balamdehi River) और उत्तर-पूर्व में जोंक नदी (Jonk River) से घिरा है। इसके इलाके में उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन (tropical dry deciduous forest) से ढकी कम और ऊंची पहाड़ियां हैं, जिनमें सागौन (teak), साल, बांस, महुआ और अन्य प्रजातियां शामिल हैं। यहाँ पाए जाने वाले जीवों में बाघ, तेंदुए, स्लॉथ भालू, चीतल, नीलगाय, गौर और पक्षियों की कई प्रजातियां शामिल हैं।

काले हिरण (Blackbuck) की कहानी

  • स्थानीय विलुप्ति: काले हिरण (Antilope cervicapra) कभी मध्य भारत में आम थे, लेकिन शिकार और आवास के नुकसान के कारण 1970 के दशक तक छत्तीसगढ़ में विलुप्त हो गए।
  • पुनर्वास योजना (Reintroduction plan): 2018 में, राज्य ने पांच वर्षीय पुनरुद्धार योजना शुरू की। सत्तर-सात काले हिरणों को नई दिल्ली और बिलासपुर के चिड़ियाघरों और रिजर्व से स्थानांतरित किया गया और उन्हें बारनवापारा में बड़े बाड़ों में रखा गया। अनुकूलन (acclimatisation) के बाद, उन्हें धीरे-धीरे जंगल में छोड़ दिया गया।
  • संरक्षण के उपाय: निमोनिया के प्रकोप जैसी शुरुआती असफलताओं के कारण, बाड़े के प्रबंधन में सुधार किया गया: नमी को कम करने के लिए रेत बिछाना, उचित जल निकासी, आक्रामक खरपतवारों (invasive weeds) को हटाना और शिकार को रोकने के लिए वॉचटावर और गश्त करने वाली टीमों की स्थापना।
  • आबादी में वृद्धि: 2025 तक काले हिरण की आबादी लगभग 190 तक पहुंच गई थी, जो अभयारण्य के घास के मैदानों के प्रति सफल अनुकूलन का संकेत देता है। अधिकारी अब इस कार्यक्रम को गोमर्डा (Gomardha) जैसे अन्य अभयारण्यों में दोहराने की योजना बना रहे हैं।

महत्व

  • पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली (Ecosystem restoration): काले हिरण चरने वाले (grazers) जीव हैं जो खुले घास के मैदानों को बनाए रखने में मदद करते हैं। उनकी वापसी पारिस्थितिक संतुलन को बहाल करती है और अन्य प्रजातियों को लाभान्वित करती है।
  • सामुदायिक भागीदारी: स्थानीय समुदायों और वन कर्मचारियों को जानवरों की निगरानी और सुरक्षा में शामिल किया गया है, जिससे जिम्मेदारी (stewardship) की भावना को बढ़ावा मिला है।
  • अन्य राज्यों के लिए मॉडल: बारनवापारा में मिली सफलता से पता चलता है कि अच्छी तरह से नियोजित पुनर्वास, और आवास प्रबंधन के संयोजन से स्थानीय रूप से विलुप्त प्रजातियों को पुनर्जीवित किया जा सकता है।

निष्कर्ष

बारनवापारा में काले हिरण का पुनरुद्धार यह प्रदर्शित करता है कि कैसे विज्ञान-आधारित स्थानांतरण (translocation) और आवास प्रबंधन से खोई हुई वन्यजीव आबादी को वापस लाया जा सकता है। उनके दीर्घकालिक अस्तित्व को सुनिश्चित करने के लिए निरंतर सतर्कता और आवास संरक्षण महत्वपूर्ण होगा।

स्रोत: The Indian Express · Wikipedia

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