अर्थव्यवस्था

BHARATI Programme: APEDA की कृषि-खाद्य निर्यात पहल

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समाचार में क्यों?

Agricultural and Processed Food Products Export Development Authority (APEDA) ने जून 2026 में अपने BHARATI प्रोग्राम के पहले समूह (cohort) की घोषणा की। यह पहल नवाचार और क्षमता निर्माण के माध्यम से भारत के कृषि-खाद्य निर्यात को बढ़ाने के लिए 100 स्टार्टअप का चयन करती है।

पृष्ठभूमि

BHARATI का अर्थ Bharat’s Hub for Agritech, Resilience, Advancement and Incubation for Export Innovation है। सितंबर 2025 में लॉन्च किया गया यह कार्यक्रम 2030 तक भारत को 50 बिलियन अमरीकी डालर के कृषि-खाद्य निर्यात तक पहुंचने में मदद करने के लिए निर्यात के लिए तैयार उद्यमों की एक पाइपलाइन बनाना चाहता है। 700 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे, और 22 राज्यों व 2 केंद्र शासित प्रदेशों (Union Territories) से 100 स्टार्टअप का चयन किया गया था। इस कार्यक्रम में एक 120 घंटे का त्वरण (acceleration) पाठ्यक्रम शामिल है जो निर्यात की तत्परता, बाजार तक पहुंच, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और निवेशक जुड़ाव (investor engagement) को कवर करता है।

पहले समूह के मुख्य आकर्षण

  • विविध प्रतिनिधित्व: स्टार्टअप बाजरा (millets), GI-टैग वाले फलों, मसालों, जैविक उत्पादों और मूल्य वर्धित खाद्य पदार्थों पर काम करते हैं।
  • क्षमता निर्माण: प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से प्रशिक्षण, परामर्श (mentoring) सत्र और Gulfood 2026 जैसे वैश्विक व्यापार मेलों में एक्सपोजर प्राप्त किया।
  • प्रारंभिक सफलताएं: कुछ स्टार्टअप्स ने पहले ही दुबई में जर्दालू आम, ऑकलैंड में बाजरा न्यूट्रास्यूटिकल्स (nutraceuticals) और अमेरिका व ब्रिटेन में GI-टैग वाले अंजीर और जामुन के रस का निर्यात कर दिया है। अन्य ने यूरोपीय संघ (EU) और अमेरिका में जैविक उत्पादों को भेजा।

महत्व

  • निर्यात को बढ़ावा: युवा कंपनियों को पोषित करके, BHARATI निर्यात टोकरियों में विविधता ला सकता है और गुणवत्ता मानकों में सुधार कर सकता है।
  • ग्रामीण विकास: Agritech स्टार्टअप रोजगार पैदा कर सकते हैं और कृषि उपज में मूल्य जोड़ सकते हैं, जिससे किसानों व ग्रामीण अर्थव्यवस्थाओं को लाभ होगा।
  • नवाचार संस्कृति: यह कार्यक्रम प्रसंस्करण (processing), पैकेजिंग और रसद (logistics) में प्रयोग को प्रोत्साहित करता है, जिससे भारतीय उत्पाद अधिक प्रतिस्पर्धी बनते हैं।

निष्कर्ष

APEDA की BHARATI पहल दिखाती है कि लक्षित समर्थन कृषि-खाद्य क्षेत्र में नवाचार को कैसे बढ़ावा दे सकता है। निरंतर परामर्श और बाजार संपर्क स्टार्टअप्स को आगे बढ़ने और भारत की निर्यात महत्वाकांक्षाओं में योगदान करने में मदद करेंगे।

स्रोत

PIB

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