चर्चा में क्यों?
भारत के संचार मंत्रालय (Ministry of Communications) ने घोषणा की कि भारतनेट (BharatNet) कार्यक्रम ने मार्च 2026 तक 2.15 लाख से अधिक ग्राम पंचायतों (Gram Panchayats) को हाई-स्पीड इंटरनेट (high-speed internet) से जोड़ा है। फाइबर ऑप्टिक (fibre optic) नेटवर्क और 5G सेवाओं के विस्तार (expansion) से ग्रामीण भारत में डिजिटल परिवर्तन (digital transformation) में तेजी आने की उम्मीद है।
पृष्ठभूमि
भारतनेट एक सरकारी पहल (government initiative) है जिसे 2011 में (मूल रूप से राष्ट्रीय ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क - National Optical Fibre Network कहा जाता है) सभी 250,000 ग्राम पंचायतों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी (broadband connectivity) प्रदान करने के लिए शुरू किया गया था। ऑप्टिकल फाइबर (optical fibre), सार्वजनिक वाई-फाई (public Wi-Fi) और उपग्रह लिंक (satellite links) का लाभ उठाकर, भारतनेट का उद्देश्य गांवों में डिजिटल प्रशासन (digital governance), ई-स्वास्थ्य (e-health), ई-शिक्षा (e-education) और वित्तीय समावेशन (financial inclusion) को सक्षम करना है। यह परियोजना भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क लिमिटेड (Bharat Broadband Network Limited - BBNL) और राज्य सरकारों द्वारा कार्यान्वित की जाती है।
हालिया उपलब्धियां (Recent achievements)
- नेटवर्क विस्तार: फाइबर मार्ग की लंबाई (Fibre route length) 2019 में लगभग 19.35 लाख किमी से बढ़कर 2025 में 42 लाख किमी से अधिक हो गई है। 5.18 लाख से अधिक बेस ट्रांसीवर स्टेशन (base transceiver stations) अब लगभग हर जिले में 5G कवरेज (coverage) का समर्थन करते हैं।
- अंतिम मील पर कनेक्टिविटी (Connectivity at the last mile): 2.15 लाख से अधिक ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर (optical fibre) से जोड़ा गया है। पीएम-वानी योजना (PM-WANI scheme) के तहत सार्वजनिक वाई-फाई हॉटस्पॉट (Public Wi-Fi hotspots) और ग्राम-स्तरीय वाई-फाई टावर फाइबर कनेक्टिविटी को पूरक करते हैं।
- किफायती डेटा (Affordable data): डेटा लागत 2014 में 300 रुपये प्रति जीबी (GB) से तेजी से गिरकर 2025 तक लगभग 10 रुपये प्रति जीबी हो गई है, जिससे ब्रॉडबैंड सेवाएं (broadband services) ग्रामीण घरों (rural households) के लिए सुलभ हो गई हैं।
- सहायक अवसंरचना (Supporting infrastructure): सरकार डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र (digital ecosystem) को मजबूत करने के लिए क्लाउड (cloud) और डेटा सेंटर (data centre) क्षमताओं का विस्तार कर रही है, राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (National Supercomputing Mission) के तहत सुपर कंप्यूटर (supercomputers) तैनात कर रही है और नई सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन (semiconductor fabrication) सुविधाएं स्थापित कर रही है।
महत्व
भारतनेट के माध्यम से बेहतर कनेक्टिविटी ग्रामीण आबादी (rural populations) को टेली-मेडिसिन (tele-medicine), ऑनलाइन शिक्षा (online education) और ई-कॉमर्स (e-commerce) जैसी डिजिटल सेवाओं (digital services) के वितरण को सक्षम बनाती है। यह स्थानीय उद्यमिता (local entrepreneurship) और नौकरियों (jobs) के अवसर भी पैदा करता है। फाइबर और 5G बुनियादी ढांचे (infrastructure) का निरंतर रोलआउट (rollout) शहरी-ग्रामीण डिजिटल विभाजन (urban-rural digital divide) को पाटने और डिजिटल इंडिया (Digital India) जैसी सरकारी पहलों का समर्थन करने के लिए महत्वपूर्ण होगा।
स्रोत: DD News