समाचार में क्यों?
भारतीय मानक ब्यूरो (Bureau of Indian Standards - BIS) ने भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (Indian Council of Medical Research - ICMR) की राष्ट्रीय आवश्यक सहायक उत्पाद सूची (National List of Essential Assistive Products - NLEAP) के अनुरूप चिकित्सा सहायक प्रौद्योगिकियों (medical assistive technologies) के लिए नए मानक प्रकाशित किए। ये मानक सुगम्य भारत अभियान (Accessible India Campaign) का समर्थन करते हैं और विकलांग व्यक्तियों (persons with disabilities) के जीवन को बेहतर बनाने का लक्ष्य रखते हैं।
पृष्ठभूमि
सहायक प्रौद्योगिकियों में वे उपकरण शामिल हैं जो गतिशीलता (mobility), दृष्टि या अन्य दोषों वाले लोगों को स्वतंत्र जीवन जीने में मदद करते हैं। अब तक, भारत में ऐसे कई उत्पादों के लिए समान मानकों का अभाव था, जिसके परिणामस्वरूप असंगत गुणवत्ता और सुरक्षा होती थी।
- शामिल उत्पाद: मानक गतिशीलता सहायता (mobility aids) जैसे कि कोहनी बैसाखी (elbow crutches), छड़ी (walking sticks) और मल्टी-लेग स्टिक; स्पर्श गाइड मानचित्र (tactile guide maps); ब्रेल साइनेज (braille signage); और पोर्टेबल रैंप (portable ramps) को कवर करते हैं।
- विकास: BIS के चिकित्सा उपकरण और अस्पताल योजना प्रभाग (Medical Equipment and Hospital Planning division - MHD 09) ने ICMR, AIIMS, उद्योग विशेषज्ञों और जयपुर स्थित भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति (Bhagwan Mahaveer Viklang Sahayata Samiti) जैसे संगठनों के सहयोग से इन मानदंडों को विकसित किया।
- ISO के साथ संरेखण: उत्पाद सुरक्षा और प्रदर्शन के वैश्विक बेंचमार्क को पूरा करते हैं, यह सुनिश्चित करने के लिए भारतीय मानकों को अंतर्राष्ट्रीय दिशानिर्देशों (international guidelines) के साथ सामंजस्य (harmonised) स्थापित किया गया है।
- उद्देश्य: पहुंच (accessibility) में सुधार करना, स्थानीय विनिर्माण (local manufacturing) को बढ़ावा देना और नवाचार को प्रोत्साहित करना ताकि विकलांग व्यक्ति समाज में पूरी तरह से भाग ले सकें।
इन मानकों को अपनाने से निर्माताओं को विश्वसनीय और किफायती सहायक उपकरण (affordable assistive devices) तैयार करने में मदद मिलेगी। यह विकलांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम (Rights of Persons with Disabilities Act) के तहत भारत की प्रतिबद्धताओं का भी समर्थन करता है और वैश्विक सहायक प्रौद्योगिकी बाजार में देश की प्रतिस्पर्धात्मकता (competitiveness) में सुधार करता है।