चर्चा में क्यों? पश्चिम एशिया में हालिया तनाव के दौरान, यह बताया गया था कि इज़राइल की वायु सेना ने ब्लू स्पैरो (Blue Sparrow) नामक हवा से लॉन्च की जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइल (air-launched ballistic missile) का इस्तेमाल किया था। मूल रूप से एरो मिसाइल रक्षा प्रणाली (Arrow missile defence system) के परीक्षण के लिए एक लक्ष्य के रूप में विकसित, ब्लू स्पैरो एक आक्रामक हथियार (offensive weapon) के रूप में विकसित हुआ है और वैश्विक ध्यान आकर्षित किया है।
पृष्ठभूमि
ब्लू स्पैरो इज़राइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (Israel Aerospace Industries) द्वारा निर्मित हवा से लॉन्च की जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों के परिवार से संबंधित है। परिवार में ब्लैक स्पैरो (Black Sparrow) और सिल्वर स्पैरो (Silver Sparrow) मिसाइलें भी शामिल हैं। उन्हें रक्षा प्रणालियों के परीक्षण के लिए आने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों का अनुकरण करने के लिए डिज़ाइन किया गया था। बाद में, तकनीक को रॉक्स (ROCKS) मिसाइल में अनुकूलित किया गया, जो पारंपरिक या विशेष युद्धपोत (special warheads) वितरित कर सकती है।
विशेषताएँ
- आयाम (Dimensions): ब्लू स्पैरो लगभग 6.5 मीटर लंबा है और इसका वजन लगभग 1 900 किलोग्राम है।
- प्रणोदन (Propulsion): यह सिंगल-स्टेज सॉलिड रॉकेट मोटर (single-stage solid rocket motor) का उपयोग करता है। एक लड़ाकू विमान (fighter aircraft) से छोड़े जाने के बाद, मिसाइल वायुमंडल के ऊपर चढ़ जाती है, जिसके बाद उसका पुनः प्रवेश वाहन (re-entry vehicle) अलग हो जाता है।
- मार्गदर्शन (Guidance): नेविगेशन उपग्रह-आधारित जीपीएस (satellite-based GPS) के साथ संयुक्त जड़त्वीय मार्गदर्शन प्रणाली (inertial guidance system) द्वारा प्रदान किया जाता है। यह वारहेड को अर्ध-बैलिस्टिक प्रक्षेपवक्र (quasi-ballistic trajectory) का पालन करने और फिर अपने लक्ष्य की ओर तेजी से गोता लगाने की अनुमति देता है, जिससे अवरोधन (interception) मुश्किल हो जाता है।
- अनुकूलन (Adaptation): हालांकि शुरुआत में यह एक परीक्षण लक्ष्य था, ब्लू स्पैरो को एक परिचालन हथियार में बदल दिया गया है। इसे विभिन्न हथियारों (warheads) से लैस किया जा सकता है और इज़राइल के शस्त्रागार में एकीकृत किया गया है।
- परिवार: ब्लैक स्पैरो और सिल्वर स्पैरो मिसाइल रक्षा अभ्यास के दौरान विभिन्न खतरों का अनुकरण करने के लिए उपयोग किए जाने वाले छोटे रूप हैं। उनकी तकनीक ने ROCKS प्रिसिजन-स्ट्राइक सिस्टम की नींव रखी।
ब्लू स्पैरो दर्शाता है कि कैसे रक्षा प्रौद्योगिकियों को आक्रामक भूमिकाओं के लिए पुन: उपयोग किया जा सकता है। मिसाइल सुरक्षा से बचने की इसकी क्षमता क्षेत्रीय सुरक्षा योजनाकारों के लिए नई चुनौतियां पेश करती है।