समाचार में क्यों?
भारत के विदेश मंत्री (External Affairs Minister) ने जमैका (Jamaica) से शुरू होकर कैरेबियन (Caribbean) और दक्षिण अमेरिका (South America) का नौ दिवसीय दौरा शुरू किया। इस यात्रा का उद्देश्य कैरेबियाई समुदाय (Caribbean Community - CARICOM) और उसके सदस्य देशों के साथ संबंधों को मजबूत करना है।
पृष्ठभूमि
CARICOM एक क्षेत्रीय एकीकरण संगठन (regional integration organisation) है जिसमें 15 सदस्य देश और छह सहयोगी सदस्य (associate members) शामिल हैं। इसकी स्थापना 4 जुलाई 1973 को चगुआरामास की संधि (Treaty of Chaguaramas) द्वारा की गई थी और इसका मुख्यालय जॉर्जटाउन, गुयाना (Georgetown, Guyana) में है।
- स्तंभ (Pillars): CARICOM आर्थिक एकीकरण (economic integration) को बढ़ावा देता है, विदेश नीति का समन्वय करता है, मानव और सामाजिक विकास (social development) को आगे बढ़ाता है और अपने सदस्यों के बीच सुरक्षा मामलों (security matters) पर सहयोग करता है।
- सदस्य: एंटीगुआ और बारबुडा, बहामास, बारबाडोस, बेलीज, डोमिनिका, ग्रेनाडा, गुयाना, हैती, जमैका, मोंटसेराट, सेंट किट्स और नेविस, सेंट लूसिया, सेंट विंसेंट और ग्रेनेडाइंस, सूरीनाम, और त्रिनिदाद और टोबैगो। सहयोगी सदस्यों में एंगुइला, बरमूडा, ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स, केमैन आइलैंड्स, तुर्क और कैकोस आइलैंड्स और मोंटसेराट (एक ब्रिटिश प्रवासी क्षेत्र के रूप में) शामिल हैं। (मोंटसेराट अपने दर्जे के आधार पर एक पूर्ण सदस्य और सहयोगी सदस्य के रूप में भाग लेता है)।
- संशोधित संधि (Revised treaty): 2001 की चगुआरामास की संशोधित संधि ने CARICOM सिंगल मार्केट एंड इकोनॉमी (CSME) की स्थापना की, जिसका उद्देश्य वस्तुओं (goods), सेवाओं, पूंजी और कुशल व्यक्तियों (skilled persons) की मुक्त आवाजाही (free movement) की अनुमति देना था।
- सबसे पुराना एकीकरण आंदोलन: CARICOM विकासशील दुनिया (developing world) में सबसे पुराना जीवित क्षेत्रीय एकीकरण समूह (regional integration grouping) है। सरकार के प्रमुखों के बीच अध्यक्षता (chairmanship) हर छह महीने में घूमती है।
- भारत-CARICOM संबंध: भारत CARICOM देशों के साथ विकास सहायता, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, रियायती ऋण (concessional credit) और व्यापार के माध्यम से जुड़ता है। वर्तमान यात्रा स्वास्थ्य, डिजिटल प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय ऊर्जा (renewable energy) और डायस्पोरा (diaspora) जुड़ाव में सहयोग का पता लगाएगी।
वैश्विक मंचों (global forums) पर कैरेबियाई हितों का प्रतिनिधित्व करने में CARICOM महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। CARICOM के साथ संबंधों को मजबूत करने से भारत को दक्षिण-दक्षिण सहयोग (south-south cooperation) को गहरा करने और इस क्षेत्र में अपने बड़े डायस्पोरा के साथ जुड़ने में मदद मिलती है।