रक्षा

CISF: केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और बुनियादी ढांचा सुरक्षा

CISF: केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और बुनियादी ढांचा सुरक्षा

चर्चा में क्यों?

10 मार्च 2026 को भारत ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (Central Industrial Security Force) का स्थापना दिवस (Raising Day) मनाया। प्रधान मंत्री और गृह मंत्री के संदेशों ने हवाई अड्डों (airports), परमाणु संयंत्रों (nuclear plants) और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे (critical infrastructure) की सुरक्षा के लिए बल (force) की प्रशंसा की। इस अवसर ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (public sector undertakings) की रक्षा करने वाली एक छोटी इकाई से बहुआयामी सुरक्षा संगठन (multifaceted security organisation) में CISF के विकास को प्रतिबिंबित करने का अवसर भी प्रदान किया।

पृष्ठभूमि

CISF गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) के तहत एक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (Central Armed Police Force) है। इसकी उत्पत्ति 1969 में हुई जब संसद ने CISF अधिनियम 1968 (CISF Act 1968) लागू किया। 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध और 1964 में हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (Heavy Engineering Corporation) संयंत्र में आग लगने से यह विचार जोर पकड़ने लगा कि औद्योगिक संपत्तियां (industrial assets) तोड़फोड़ (sabotage) और दुर्घटनाओं (accidents) के प्रति कितनी कमजोर थीं। प्रारंभ में CISF में तीन बटालियन (battalions) शामिल थीं, जिन्हें कुछ संवेदनशील सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (sensitive public sector undertakings) को एकीकृत सुरक्षा (integrated security) प्रदान करने का काम सौंपा गया था।

1983 में एक संशोधन ने CISF को संघ का एक सशस्त्र बल (armed force of the Union) घोषित किया, जिससे इसके जनादेश (mandate) का विस्तार हुआ। बल की संख्या अब लगभग 1.9 लाख है और यह 70 नागरिक हवाई अड्डों (civil airports), परमाणु और अंतरिक्ष प्रतिष्ठानों (nuclear and space establishments), तेल रिफाइनरियों (oil refineries), इस्पात संयंत्रों (steel plants), बंदरगाहों (ports), बिजली संयंत्रों (power plants) और विरासत स्मारकों (heritage monuments) की सुरक्षा करता है। 1999 में इंडियन एयरलाइंस की उड़ान IC-814 के अपहरण (hijacking) और 2008 के मुंबई आतंकी हमलों (Mumbai terror attacks) के बाद, सरकार ने बल की जिम्मेदारियों को और व्यापक बना दिया, जिसमें निजी कॉर्पोरेट सुरक्षा (private corporate security) और आपदा प्रतिक्रिया (disaster response) के लिए तैनाती (deployment) शामिल है। CISF लागत-वसूली मॉडल (cost-recovery model) पर काम करता है, जो ग्राहकों को अपनी सेवाओं के लिए बिल देता है।

संगठन और कार्य

  • संरचना (Structure): बल का नेतृत्व भारतीय पुलिस सेवा (Indian Police Service) के महानिदेशक (Director-General) द्वारा किया जाता है। इसे सात परिचालन क्षेत्रों (operational sectors) (हवाई अड्डे, उत्तर, उत्तर-पूर्व, पूर्व, पश्चिम, दक्षिण और प्रशिक्षण) में बांटा गया है और इसमें एक समर्पित फायर सर्विस विंग (Fire Service Wing) है।
  • प्रशिक्षण संस्थान (Training institutes): हैदराबाद में छह रिक्रूटमेंट ट्रेनिंग सेंटर (Recruit Training Centres) और राष्ट्रीय औद्योगिक सुरक्षा अकादमी (National Industrial Security Academy) हैं, जो औद्योगिक सुरक्षा (industrial security), विमानन सुरक्षा (aviation security) और आपदा प्रबंधन (disaster management) में विशेष प्रशिक्षण (specialised training) प्रदान करते हैं।
  • भूमिकाएं और जिम्मेदारियां (Roles and responsibilities): CISF परमाणु प्रतिष्ठानों (nuclear installations), अंतरिक्ष केंद्रों (space centres), हवाई अड्डों (airports), बंदरगाहों (seaports), बिजली संयंत्रों (power plants) और इस्पात संयंत्रों (steel plants) की सुरक्षा करता है। यह दिल्ली मेट्रो (Delhi Metro), संसद भवन परिसर (Parliament House Complex) और महत्वपूर्ण विरासत स्मारकों (heritage monuments) को सुरक्षा प्रदान करता है। बल एक वीआईपी सुरक्षा (VIP Security) इकाई भी संचालित करता है और प्राकृतिक आपदाओं (natural disasters) के लिए रैपिड रिस्पांस टीम (rapid response teams) तैनात करता है।
  • सार्वजनिक इंटरफ़ेस (Public interface): CISF दैनिक सार्वजनिक इंटरफ़ेस वाले कुछ सशस्त्र बलों (armed forces) में से एक है - इसके जवान हवाई अड्डों और दिल्ली मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों (passengers) की जांच करते हैं, शिष्टाचार (courtesy) बनाए रखते हुए सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।

महत्व

  • महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा: CISF की उपस्थिति देश की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण संपत्तियों पर तोड़फोड़ (sabotage) और आतंकी हमलों (terror attacks) को रोकती है।
  • अनुकूलनशीलता (Adaptability): दशकों के दौरान बल ने लचीलेपन (flexibility) और व्यावसायिकता (professionalism) का प्रदर्शन करते हुए विमानन सुरक्षा (aviation security) से लेकर आपदा प्रतिक्रिया (disaster response) तक नई चुनौतियों को अनुकूलित किया है।
  • निजी क्षेत्र के साथ एकीकरण: हाल के संशोधनों (amendments) के तहत CISF निजी कंपनियों (private companies) को सुरक्षा सेवाएं (security services) प्रदान कर सकता है, इसकी विशेषज्ञता में विश्वास को दर्शाता है और सरकार के लिए राजस्व (revenue) जुटाता है।

निष्कर्ष

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (Central Industrial Security Force) एक छोटी निगरानी और वार्ड इकाई (watch-and-ward unit) से एक प्रमुख बहु-कौशल संगठन (multi-skilled organisation) में विकसित हुआ है। विशेष प्रशिक्षण (specialised training), व्यापक जनादेश (broad mandate) और ग्राहक-अनुकूल दृष्टिकोण (customer-friendly approach) के संयोजन से, यह भारत की संपत्ति (India’s assets) और नागरिकों (citizens) की रक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

स्रोत: India TV

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