समाचार में क्यों?
सोशल मीडिया यूज़र्स ने हाल ही में इंडोनेशिया के आसमान में देखे गए पेस्टल रंग के "इंद्रधनुषी बादलों" के वीडियो साझा किए हैं। इस नज़ारे ने सूर्य के पास ऐसे ज्वलंत रंगों के कारणों के बारे में जिज्ञासा और अटकलों को जन्म दिया।
पृष्ठभूमि
इस घटना को cloud iridescence कहा जाता है। यह तब होता है जब सूर्य का प्रकाश समान आकार की पानी की छोटी बूंदों या बर्फ के क्रिस्टल से बने पतले बादलों से होकर गुज़रता है। कण प्रकाश को विवर्तित (diffract) करते हैं, जिससे अलग-अलग तरंग दैर्ध्य (wavelengths) हस्तक्षेप करते हैं और रंग की चमकीली पट्टियां बनाते हैं। Iridescent बादल आमतौर पर altocumulus, cirrocumulus या lenticular बादलों में बनते हैं जब वे सूर्य के सापेक्ष सही स्थिति में होते हैं।
मुख्य तथ्य
- दिखावट: Cloud iridescence नरम पेस्टल शेड्स पैदा करता है जो एक दूसरे में घुलमिल जाते हैं। एक इंद्रधनुष के विपरीत, जो सूर्य के विपरीत एक धनुष में बनता है, iridescent बादल सूर्य की डिस्क के करीब दिखाई देते हैं।
- स्थितियां: ज्वलंत iridescence के लिए, बादल का पतला होना और लगभग समान आकार की बूंदों या बर्फ के क्रिस्टल से बना होना ज़रूरी है। ऐसी स्थितियां अपेक्षाकृत दुर्लभ हैं, इसलिए iridescent बादल अक्सर नहीं देखे जाते हैं।
- सुरक्षा: इन बादलों को देखने के लिए सावधानी की आवश्यकता होती है। कभी भी सीधे सूर्य की ओर न देखें; बादलों के रंगों को देखते समय सूर्य को छिपाने के लिए अपने हाथ या किसी इमारत का उपयोग करें।
- इंद्रधनुष से अंतर: एक पारंपरिक इंद्रधनुष बारिश की बूंदों के अंदर प्रकाश के अपवर्तन (refraction) और परावर्तन (reflection) से बनता है, जिससे सूर्य के विपरीत रंगों का एक स्पेक्ट्रम पैदा होता है। Iridescent बादल छोटी बूंदों में विवर्तन (diffraction) के परिणामस्वरूप होते हैं और सूर्य के पास दिखाई देते हैं।