विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

Cordyceps Fungi: पूर्वी हिमालय और औषधीय मूल्य

Cordyceps Fungi: पूर्वी हिमालय और औषधीय मूल्य

समाचार में क्यों?

पासीघाट में Central Agriculture University की एक मशरूम अन्वेषण टीम ने मई 2026 में बताया कि उन्हें अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी सियांग (East Siang) जिले में असामान्य रूप से कम ऊंचाई पर एक दुर्लभ Cordyceps कवक (fungus) मिला है। Cordyceps कवक आमतौर पर हिमालयी अल्पाइन क्षेत्रों से जुड़े होते हैं। यह खोज क्षेत्र में वैज्ञानिक अनुसंधान और स्थायी आजीविका के अवसर खोल सकती है。

पृष्ठभूमि

Cordyceps एंटोमोपैथोजेनिक कवक (entomopathogenic fungi) का एक जीनस है, जिसका अर्थ है कि वे कीड़ों को परजीवी बनाते हैं। दुनिया भर में 750 से अधिक प्रजातियों की पहचान की गई है, हालांकि केवल 35 का औषधीय महत्व मान्यता प्राप्त है। इसके बीजाणु (spores) कीट लार्वा या प्यूपा को संक्रमित करते हैं, और कवक जाल (mycelium) अंदर से मेजबान का उपभोग करता है। अंततः मृत कीट से एक लंबा फलन निकाय (fruiting body) निकलता है, जो अन्य मेजबानों को संक्रमित करने के लिए बीजाणु छोड़ता है। पारंपरिक चीनी और तिब्बती चिकित्सा में, Cordyceps sinensis – अधिक ऊंचाई वाला "कैटरपिलर फंगस" – रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने और ऊर्जा बढ़ाने सहित इसके स्वास्थ्य लाभों के लिए बेशकीमती है。

पूर्वी सियांग की खोज

  • अप्रत्याशित स्थान: Cordyceps आम तौर पर 3,000 मीटर से ऊपर पाए जाते हैं। पूर्वी सियांग से प्राप्त नमूना कम ऊंचाई पर एकत्र किया गया था, जो इसे जिले के पहले रिकॉर्ड में से एक बनाता है।
  • औषधीय क्षमता: Cordyceps प्रजातियां कॉर्डिसेपिन (cordycepin), एडेनोसाइन (adenosine), एर्गोस्टेरॉल (ergosterol) और विभिन्न पॉलीसेकेराइड (polysaccharides) जैसे यौगिकों का उत्पादन करती हैं। ये पदार्थ इम्यूनोमॉड्यूलेटरी (immunomodulatory), एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीवायरल, एंटीट्यूमर और मधुमेह विरोधी गुणों का प्रदर्शन करते हैं।
  • अनुसंधान और आजीविका: विश्वविद्यालय और College of Horticulture and Forestry के वैज्ञानिकों ने इसके स्ट्रेन के संवर्धन (culturing) और पहचान का काम शुरू कर दिया है। वे स्थायी कटाई को सक्षम करने और स्थानीय समुदायों के लिए आय के अवसर प्रदान करने के लिए खेती के प्रोटोकॉल विकसित करने की योजना बना रहे हैं।

Cordyceps के सामान्य गुण

  • परजीवी जीवन चक्र: प्रत्येक Cordyceps प्रजाति एक विशिष्ट कीट को लक्षित करती है, जैसे कि चींटियां, पतंगे (moths) या मकड़ियां। संक्रमण के बाद, कवक मेजबान का उपभोग करता है और एक डंठल जैसी संरचना (stalk‑like structure) भेजता है जो बीजाणु छोड़ती है।
  • प्रजाति विविधता: जीनस में उच्च मूल्य वाली प्रजातियां शामिल हैं जैसे Cordyceps sinensis, जो उच्च ऊंचाई पर भूत पतंगे (ghost moth) के लार्वा पर बढ़ता है, और Cordyceps militaris, जिसकी प्रयोगशालाओं में खेती की जा सकती है।
  • पारंपरिक उपयोग: पूर्वी एशियाई चिकित्सा में, माना जाता है कि Cordyceps की तैयारी थकान से निपटने, यौन स्वास्थ्य में सुधार करने और श्वसन व गुर्दे के कार्य (kidney function) का समर्थन करने में मदद करती है। हालांकि, वैज्ञानिक साक्ष्य अभी भी विकसित हो रहे हैं, और जंगली कवक की अत्यधिक कटाई प्राकृतिक आबादी को खतरे में डाल सकती है।

महत्व

अरुणाचल प्रदेश में खोज पूर्वी हिमालय की जैविक समृद्धि को दर्शाती है। उचित पहचान और खेती नए फार्मास्यूटिकल्स पैदा कर सकती है और जंगली आबादी को नुकसान पहुंचाए बिना एक स्थायी आय स्रोत प्रदान कर सकती है। साथ ही, यह उच्च बाजार मूल्य से प्रेरित अस्थिर कटाई को रोकने के लिए नियमन की आवश्यकता पर प्रकाश डालता है। चल रहे वैज्ञानिक अनुसंधान इस और अन्य Cordyceps प्रजातियों के औषधीय गुणों को स्पष्ट करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि लाभ स्थानीय समुदायों के साथ साझा किए जाएं。

स्रोत

East Mojo

Continue reading on the App

Save this article, highlight key points, and take quizzes.

App Store Google Play
Home Current Affairs 📰 Daily News 📊 Economic Survey 2025-26 Subjects 📚 All Subjects ⚖️ Indian Polity 💹 Economy 🌍 Geography 🌿 Environment 📜 History Exam Info 📋 Syllabus 2026 📝 Prelims Syllabus ✍️ Mains Syllabus ✅ Eligibility Resources 📖 Booklist 📊 Exam Pattern 📄 Previous Year Papers ▶️ YouTube Channel
Web App