विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी Innovation

Cyborg Botany: प्लांट-आधारित सेंसर और पर्यावरण निगरानी

Cyborg Botany: प्लांट-आधारित सेंसर और पर्यावरण निगरानी

समाचार में क्यों?

इंजीनियरों और जीवविज्ञानी (biologists) की एक टीम यह खोज कर रही है कि जीवित पौधों को इलेक्ट्रॉनिक सर्किट के साथ कैसे एकीकृत किया जाए। पौधों को सेंसर और एंटेना में बदलकर, शोधकर्ताओं को पर्यावरण निगरानी के लिए कम लागत वाले, स्व-संचालित (self-powered) उपकरणों को बनाने की उम्मीद है। “Cyborg botany” (साइबोर्ग बॉटनी) के विचार को हाल ही में प्रौद्योगिकी पत्रिकाओं में रेखांकित किया गया है क्योंकि यह जीव विज्ञान और इलेक्ट्रॉनिक्स के बीच की रेखा को धुंधला करता है।

पृष्ठभूमि

Cyborg botany (साइबोर्ग बॉटनी) का अर्थ पौधों के ऊतकों के अंदर प्रवाहकीय (conductive) सामग्रियों को एम्बेड करना है ताकि पौधे महसूस कर सकें और संचार कर सकें। यह अवधारणा पहले के कार्यों पर आधारित है जहां शोधकर्ताओं ने गुलाब के तनों और पत्तियों के भीतर प्रवाहकीय पॉलीमर (conductive polymer) “तारों” के नेटवर्क को विकसित किया था। ये तार पौधे को नुकसान पहुंचाए बिना विद्युत संकेतों (electrical signals) को ले जाते हैं। चूंकि पौधे पहले से ही सूर्य के प्रकाश को रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित करते हैं, वे सेंसर और एक्ट्यूएटर्स के लिए एक स्थायी मंच प्रदान करते हैं।

यह कैसे काम करता है

  • पौधों के अंदर प्रवाहकीय पॉलीमर: इंजीनियर कटे हुए तनों या पत्तियों में एक तरल पॉलीमर डालते हैं। पौधे की संवहनी प्रणाली (vascular system) पॉलीमर को सोख लेती है, जो लचीले, विद्युत रूप से प्रवाहकीय मार्गों (conductive pathways) में जम जाता है।
  • सेंसर और एंटीना कार्य: एक बार जब पौधे में प्रवाहकीय मार्ग बन जाते हैं, तो यह नमी (humidity) या स्पर्श सेंसर के रूप में कार्य कर सकता है। शोधकर्ताओं ने प्रदर्शित किया कि बायो-हाइब्रिड (bio-hybrid) पौधे रेडियो संकेतों को प्रसारित करने और प्राप्त करने के लिए एंटेना के रूप में कार्य कर सकते हैं।
  • बायो-फ्रेंडली डिजाइन: पारंपरिक इलेक्ट्रॉनिक्स के विपरीत, साइबोर्ग बॉटनी को बैटरी या बाहरी बिजली की आवश्यकता नहीं होती है। पौधे प्रकाश संश्लेषण (photosynthesis) के माध्यम से ऊर्जा उत्पन्न करते हैं। प्रवाहकीय पॉलीमर्स को गैर-विषाक्त होने और सामान्य विकास की अनुमति देने के लिए चुना जाता है।

संभावित उपयोग

  • पर्यावरण निगरानी (Environmental monitoring): जीवित सेंसर जटिल बुनियादी ढांचे (infrastructure) की आवश्यकता के बिना नमी, तापमान या प्रदूषकों में परिवर्तन का पता लगा सकते हैं और इस जानकारी को रिले कर सकते हैं।
  • स्मार्ट कृषि: फसलों में साधारण इलेक्ट्रॉनिक्स को एम्बेड करने से किसानों को पौधों से सीधे पानी के तनाव (water stress) या पोषक तत्वों के स्तर की निगरानी करने में मदद मिल सकती है।
  • बायो-प्रेरित डिजाइन (Bio-inspired design): यह शोध इस बात की अंतर्दृष्टि प्रदान करता है कि जीवन को बनाए रखते हुए जैविक संरचनाओं को मानव निर्मित सामग्रियों के साथ कैसे जोड़ा जा सकता है। यह भविष्य के स्थायी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को प्रेरित कर सकता है।

महत्व

Cyborg botany (साइबोर्ग बॉटनी) एक नई सीमा खोलता है जहां जीवित जीव और प्रौद्योगिकी सहयोग करते हैं। भारत जैसे देशों के लिए, जो कृषि पर बहुत अधिक निर्भर हैं और पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना करते हैं, ऐसे कम लागत वाले, स्व-निरंतर (self-sustaining) सेंसर परिवर्तनकारी हो सकते हैं। इन प्रारंभिक प्रयोगों को वास्तविक उत्पादों में बदलने के लिए प्लांट बायोलॉजी और भौतिक विज्ञान (material science) को समझना महत्वपूर्ण होगा।

स्रोत: The Hindu

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