समाचार में क्यों?
वित्तीय सेवा विभाग (Department of Financial Services - DFS) ने भारत के ऋण वसूली न्यायाधिकरणों (Debt Recovery Tribunals) में सुधारों पर चर्चा करने के लिए एक संगोष्ठी (colloquium) बुलाई। अधिकारियों ने दबावग्रस्त संपत्तियों (stressed assets) की तेजी से वसूली के लिए डिजिटल परिवर्तन, क्षमता निर्माण (capacity building) और उच्च मूल्य वाले मामलों (high-value cases) को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
पृष्ठभूमि
बैंकों और वित्तीय संस्थानों के बकाए की वसूली में तेजी लाने के लिए ऋण और दिवालियापन वसूली अधिनियम (Recovery of Debts and Bankruptcy Act) के तहत ऋण वसूली न्यायाधिकरण स्थापित किए गए थे। कई DRT को मामलों के बैकलॉग (backlog) का सामना करना पड़ता है, जिससे समाधान में देरी होती है।
- डिजिटल पहल: अनिवार्य ई-फाइलिंग (e-filing), हाइब्रिड सुनवाई (hybrid hearings) (आभासी और भौतिक), और नई e-DRT 2.0 केस-मैनेजमेंट प्रणाली दलीलों (pleadings) को इलेक्ट्रॉनिक रूप से जमा करने, आभासी सुनवाई और रीयल-टाइम ट्रैकिंग की अनुमति देगी।
- प्राथमिकता: संगोष्ठी ने न्यायाधिकरणों को अधिकार क्षेत्रों में सर्वोत्तम प्रथाओं (best practices) को दोहराते हुए उच्च-मूल्य वाले मामलों (high-value cases) और गैर-निष्पादित संपत्तियों (non-performing assets - NPAs) पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया।
- वैकल्पिक विवाद समाधान (Alternative dispute resolution): छोटे और निर्विरोध (uncontested) मामलों को जल्दी हल करने के लिए लोक अदालतों (Lok Adalats) और निपटान शिविरों (settlement camps) को बढ़ावा देना। न्यायाधिकरणों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (National Legal Services Authority) के साथ सहयोग करने और ऑनलाइन विवाद समाधान (online dispute resolution) प्लेटफार्मों का उपयोग करने के लिए कहा गया था।
- प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण: पीठासीन अधिकारियों (presiding officers) और कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बेहतर बुनियादी ढांचा (infrastructure), अधिक न्यायाधिकरण सदस्यों की भर्ती और प्रौद्योगिकी को अपनाने से लंबित मामलों (pendency) के कम होने की उम्मीद है।
इन सुधारों का उद्देश्य DRT को अधिक कुशल और पारदर्शी (transparent) बनाना है, जिससे बैंकों के लिए वसूली दर (recovery rates) में सुधार होगा और वित्तीय प्रणाली (financial system) पर खराब ऋणों (bad loans) का बोझ कम होगा।