खबरों में क्यों?
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने निष्क्रिय (inoperative) हो चुके पुराने भविष्य निधि (PF) खातों का पता लगाने में कर्मचारियों की मदद करने के लिए ई-प्राप्ति (E-PRAAPTI) नामक आधार-आधारित पोर्टल की घोषणा की। इस पहल का उद्देश्य निष्क्रिय खातों में पड़े लावारिस पैसे को वापस पाने की प्रक्रिया को आसान बनाना है।
पृष्ठभूमि
नौकरी छोड़ने के 36 महीने बाद जब किसी ईपीएफ (EPF) खाते में कोई योगदान नहीं होता है, तो वह खाता निष्क्रिय हो जाता है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, ऐसे 31 लाख से अधिक खातों में लगभग ₹10,181 करोड़ का योगदान और ब्याज जमा है। इनमें से कई खाते यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) प्रणाली से पहले के हैं और केवल एक सदस्य आईडी से जुड़े हैं, जिससे कर्मचारियों के लिए उन्हें ढूंढना मुश्किल हो जाता है।
प्रमुख विशेषताएँ
- आधार-आधारित खोज: सदस्य अपने आधार नंबर से लॉग इन कर सकते हैं और ऐसे ईपीएफ खाते ढूंढ सकते हैं जो उनके UAN से जुड़े नहीं हैं। आधार-पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजा गया वन-टाइम पासवर्ड (OTP) उपयोगकर्ता की पहचान को सत्यापित करेगा।
- चरणबद्ध शुरुआत: शुरुआती चरण में यह पोर्टल सदस्य आईडी का उपयोग करके खोज करने की अनुमति देगा। बाद के चरणों में स्वचालित रूप से कई खातों को मैप करने के लिए आधार और यूएएन जानकारी को एकीकृत किया जाएगा।
- मैन्युअल हस्तक्षेप में कमी: सत्यापन (verification) को स्वचालित करके, पोर्टल कागजी कार्रवाई को कम करेगा और निष्क्रिय खातों को सक्रिय खातों के साथ विलय करने की प्रक्रिया को गति देगा।
महत्व
- श्रमिकों की बचत की सुरक्षा: नौकरी बदलने वाले या विदेश जाने वाले लाखों श्रमिक अक्सर अपना भविष्य निधि भूल जाते हैं। यह पोर्टल सुनिश्चित करता है कि वे अपने हक का पैसा प्राप्त कर सकें।
- पारदर्शिता और जवाबदेही: खाते के विवरण तक आसान पहुंच से देरी कम होगी, धोखाधड़ी रुकेगी और ईपीएफ प्रणाली में विश्वास बहाल होगा।
- डेटा समेकन: पुराने खातों को UAN से जोड़ने से ईपीएफओ को सटीक रिकॉर्ड बनाए रखने और भविष्य के दावों के निपटारे को सुव्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।
स्रोत: The Hindu