इतिहास

ईस्टर द्वीप: प्राचीन लिपि, रोंगो-रोंगो अवशेष

ईस्टर द्वीप: प्राचीन लिपि, रोंगो-रोंगो अवशेष

खबरों में क्यों?

पुरातत्वविदों और भाषाविदों ने अप्रैल 2026 में घोषणा की कि रापा नूई (Rapa Nui - ईस्टर द्वीप) से प्राप्त लकड़ी की गोलियों (wooden tablets) की रेडियोकार्बन डेटिंग (radiocarbon dating) से पता चलता है कि द्वीप की स्वदेशी लिपि, जिसे रोंगो-रोंगो (Rongorongo) के नाम से जाना जाता है, का आविष्कार यूरोपीय संपर्क से पहले स्वतंत्र रूप से किया गया होगा। यह खोज उन लंबे समय से चली आ रही मान्यताओं को चुनौती देती है कि 1722 में डच खोजकर्ता जैकब रोगेवेन (Jacob Roggeveen) के आने के बाद द्वीप पर लेखन उभरा।

पृष्ठभूमि

ईस्टर द्वीप (Easter Island) दक्षिण-पूर्वी प्रशांत महासागर में एक छोटा ज्वालामुखी द्वीप है, जो अपनी लगभग 1,000 पत्थर की मूर्तियों के लिए प्रसिद्ध है जिन्हें मोई (moai) कहा जाता है। द्वीप के पॉलिनेशियन निवासी, रापा नूई ने 1200 और 1700 के बीच इन मूर्तियों को तराशा था। उन्होंने जटिल ग्लिफ़ (glyphs) खुदे हुए लकड़ी की गोलियां (tablets) भी बनाईं। चूंकि बचे हुए अधिकांश टैबलेट यूरोपीय संपर्क के बाद एकत्र किए गए थे, इसलिए विद्वान लंबे समय से इस बात पर बहस कर रहे थे कि क्या लिपि एक स्वतंत्र आविष्कार थी या बाहरी लेखन प्रणालियों से प्रभावित थी।

नए निष्कर्ष

  • रेडियोकार्बन तिथियां: शोधकर्ताओं ने 27 ज्ञात रोंगो-रोंगो टैबलेट्स में से चार का विश्लेषण किया। एक टैबलेट रोगेवेन के आने से एक सदी पहले, 1493 और 1509 के बीच का था। अन्य नमूने यूरोपीय काल (post-European period) के बाद के थे।
  • स्वतंत्र आविष्कार: साइंटिफिक रिपोर्ट्स (Scientific Reports) में प्रकाशित अध्ययन का तर्क है कि यदि संपर्क-पूर्व तिथि की पुष्टि हो जाती है, तो रोंगो-रोंगो लेखन के स्वतंत्र आविष्कार के रूप में मेसोपोटामिया की क्यूनिफॉर्म (cuneiform), मिस्र की चित्रलिपि (Egyptian hieroglyphics), चीनी वर्ण और मेसोअमेरिकन लिपियों में शामिल हो जाएगा।
  • सीमाएं: रेडियोकार्बन डेटिंग यह मापती है कि लकड़ी को कब काटा गया था, यह नहीं कि प्रतीकों को कब उकेरा गया था। शोधकर्ताओं का मानना ​​है कि लिपि के समय और विकास की पुष्टि करने के लिए अतिरिक्त गोलियों के आगे के विश्लेषण की आवश्यकता है।

यह क्यों मायने रखता है

  • सांस्कृतिक गौरव: यह संभावना कि रापा नूई ने अपनी स्वयं की लेखन प्रणाली बनाई, एक छोटे द्वीप समाज की सरलता (ingenuity) पर प्रकाश डालती है और उनकी विरासत को संरक्षित करने के प्रयासों को बढ़ावा दे सकती है।
  • मानव इतिहास: लेखन के स्वतंत्र आविष्कार दुर्लभ हैं। रोंगो-रोंगो को एक के रूप में स्थापित करने से हमारी यह समझ व्यापक होगी कि समाज कैसे जटिल संचार प्रणाली विकसित करता है।
  • संरक्षण की आवश्यकता: केवल 27 गोलियां बची हैं, जो संग्रहालयों में बिखरी हुई हैं। विद्वान इन नाजुक कलाकृतियों के अध्ययन और संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग का आग्रह करते हैं।

निष्कर्ष

नए साक्ष्य ईस्टर द्वीप की कहानी में एक आकर्षक अध्याय जोड़ते हैं। रोंगो-रोंगो एक स्वतंत्र लिपि साबित होती है या नहीं, यह शोध द्वीपवासियों की परिष्कृत सांस्कृतिक उपलब्धियों और उनकी शेष कलाकृतियों (artefacts) की सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करता है।

स्रोत: Times of India

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