अर्थव्यवस्था

EIC: भारतीय निर्यात निरीक्षण परिषद, चावल निर्यात और गुणवत्ता प्रमाणन

EIC: भारतीय निर्यात निरीक्षण परिषद, चावल निर्यात और गुणवत्ता प्रमाणन

चर्चा में क्यों?

भारत सरकार ने घोषणा की है कि चावल के निर्यात के लिए निर्यात निरीक्षण परिषद (Export Inspection Council - EIC) से निरीक्षण के प्रमाण पत्र (certificate of inspection) की आवश्यकता अब केवल यूरोपीय संघ (European Union), यूके, आइसलैंड, लिकटेंस्टीन (Liechtenstein), नॉर्वे और स्विट्जरलैंड जाने वाले शिपमेंट पर लागू होगी। अन्य क्षेत्रों के निर्यातकों को प्रक्रियाओं को सरल बनाते हुए अब इस प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं होगी।

EIC के बारे में (About the EIC)

भारत के निर्यात व्यापार के व्यवस्थित विकास को बढ़ावा देने के लिए निर्यात (गुणवत्ता नियंत्रण और निरीक्षण) अधिनियम, 1963 (Export (Quality Control and Inspection) Act, 1963) की धारा 3 के तहत भारत सरकार द्वारा निर्यात निरीक्षण परिषद (EIC) की स्थापना की गई थी। यह एक सलाहकार निकाय (advisory body) है जो गुणवत्ता मानक निर्धारित करता है, निरीक्षण प्रणाली निर्धारित करता है और चेन्नई, दिल्ली, कोच्चि, कोलकाता और मुंबई में स्थित निर्यात निरीक्षण एजेंसियों (Export Inspection Agencies - EIAs) की देखरेख करता है। ये एजेंसियां परिषद की नीतियों को लागू करती हैं और निरीक्षण और प्रमाणीकरण करती हैं।

कार्य (Functions)

  • अधिसूचित वस्तुएं (Notifying commodities): परिषद यह अनुशंसा करती है कि निर्यात से पहले किन उत्पादों को गुणवत्ता नियंत्रण या निरीक्षण से गुजरना होगा। अधिसूचित सामानों में मछली और मत्स्य उत्पाद, डेयरी उत्पाद, शहद, अंडा और मांस उत्पाद, पोल्ट्री, जिलेटिन (gelatin) और हड्डी उत्पाद शामिल हैं।
  • मानक निर्धारित करना (Setting standards): यह गुणवत्ता और सुरक्षा मानक स्थापित करता है जो आयातक देशों (importing countries) की आवश्यकताओं को पूरा करते हैं। मानक स्वच्छता, पैकेजिंग और लेबलिंग जैसे पहलुओं को कवर करते हैं।
  • प्रमाणीकरण (Certification): ईआईसी (EIC) निरीक्षण प्रमाण पत्र, स्वास्थ्य प्रमाण पत्र और मूल प्रमाण पत्र (certificates of origin) जारी करता है। दो प्रकार के प्रमाणीकरण पेश किए जाते हैं: खेप-वार निरीक्षण (consignment-wise inspection) और प्रसंस्करण इकाइयों (processing units) में गुणवत्ता आश्वासन प्रणालियों का अनुमोदन।
  • तकनीकी नियंत्रण (Technical control): परिषद ईआईए (EIAs) पर प्रशासनिक और तकनीकी नियंत्रण रखती है और परीक्षण (testing) का समर्थन करने के लिए एनएबीएल-मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं (NABL-accredited laboratories) का एक नेटवर्क बनाए रखती है।

हालिया अद्यतन (Recent update)

इससे पहले, चावल के निर्यातकों को कई यूरोपीय देशों में जाने वाली खेप के लिए निरीक्षण प्रमाण पत्र प्राप्त करने की आवश्यकता थी। नवीनतम अधिसूचना इस आवश्यकता को ईयू (EU) और कुछ यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (European Free Trade Association) के देशों तक सीमित करती है। इस छूट का उद्देश्य सख्त यूरोपीय नियमों का पालन करते हुए निर्यात को सुव्यवस्थित करना है।

महत्व

  • व्यापार को सुगम बनाना (Facilitating trade): अनिवार्य प्रमाणपत्रों (mandatory certificates) की संख्या को कम करने से लेनदेन की लागत कम होती है और भारतीय निर्यातकों के लिए शिपमेंट में तेजी आती है।
  • गुणवत्ता बनाए रखना (Maintaining quality): ईआईसी संवेदनशील बाजारों के लिए गुणवत्ता की निगरानी करना जारी रखता है, यह सुनिश्चित करता है कि भारतीय उत्पाद अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानदंडों (international safety norms) को पूरा करते हैं।
  • आयातक देशों का अनुपालन: विशिष्ट गंतव्यों (destinations) के लिए निरीक्षण आवश्यकताओं को तैयार करके, भारत वैश्विक मानकों का पालन करते हुए अनावश्यक परीक्षण से बचता है।

स्रोत: Economic Times

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