चर्चा में क्यों?
ICAR-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (ICAR-Indian Agricultural Research Institute) के राष्ट्रीय पूसा संग्रह (National Pusa Collection) के वैज्ञानिकों ने अरुणाचल प्रदेश के सुदूर (remote) जंगलों में माइक्रोमोथ (micromoths) की दो नई प्रजातियों, यूडेमोप्सिस हुनलियेन्सिस (Eudemopsis hunliensis) और यूडेमोप्सिस गोबुका (Eudemopsis gobuka) की खोज की है। मार्च 2026 में घोषित यह खोज, भारत में यूडेमोप्सिस जीनस के पहले रिकॉर्ड को चिह्नित करती है और पूर्वी एशिया (East Asia) से परे इन पतंगों की ज्ञात सीमा का विस्तार करती है।
पृष्ठभूमि
यूडेमोप्सिस (Eudemopsis) टोर्ट्रिसिड माइक्रोमोथ (tortricid micromoths) का एक जीनस है जो पहले चीन, जापान और वियतनाम से जाना जाता था। अगस्त 2024 में एक अभियान के दौरान, शोधकर्ता शशांक पी.आर. (Shashank P.R.) और संतोष नाइक (Santhosh Naik) ने ऊपरी सियांग (Upper Siang) और निचली दिबांग घाटी (Lower Dibang Valley) जिलों की मिश्मी हिल्स (Mishmi Hills) में ट्रेक किया। पारा वाष्प लैंप (mercury vapour lamps) और चांदनी की नकल करने वाले लेपीएलईडी (LepiLEDs) से सुसज्जित प्रकाश जाल (light traps) का उपयोग करते हुए, उन्होंने सफेद चादरों (white sheets) की ओर आकर्षित छोटे पतंगों को एकत्र किया।
दो प्रजातियों का नाम उन इलाकों के नाम पर रखा गया जहां वे पाए गए थे। हुनलियेन्सिस (hunliensis) नाम लोअर दिबांग घाटी के हुनली (Hunli) शहर को सम्मानित करता है, जबकि गोबुका (gobuka) अपर सियांग के गोबुक (Gobuk) गांव को संदर्भित करता है। उनकी खोज से यूडेमोप्सिस प्रजातियों की वैश्विक गिनती 17 हो गई है।
नैदानिक विशेषताएं (Diagnostic features)
- यूडेमोप्सिस हुनलियेन्सिस: नर के सिर पर विशिष्ट भूरे-बैंगनी (brownish-purple) रंग के तराजू (scales) और जननांगों में एक अद्वितीय घड़े के आकार (pitcher-shaped) की संरचना होती है। आगे के पंखों (forewings) पर सूक्ष्म निशान होते हैं जो इसे संबंधित प्रजातियों से अलग करते हैं।
- यूडेमोप्सिस गोबुका: इस प्रजाति के पिछले पंख (hindwings) गहरे भूरे रंग के होते हैं और आगे के पंखों (forewings) पर एक आयताकार पैच (rectangular patch) होता है। पंख पैटर्न और जननांग संरचनाओं (genital structures) की रूपात्मक (Morphological) जांच इसे वियतनाम में जन्मजात (congeners) से अलग करती है।
- आवास: पतंगे पूर्वी हिमालय (Eastern Himalayas) के उपोष्णकटिबंधीय सदाबहार (subtropical evergreen) वनों में रहते हैं। उनके कैटरपिलर (caterpillars) संभवतः पत्ती के कूड़े (leaf litter) या लाइकेन (lichens) पर फ़ीड करते हैं, लेकिन आगे के शोध की आवश्यकता है।
महत्व
- भारत के लिए नया रिकॉर्ड: अरुणाचल प्रदेश में जीनस का पता लगाना इसकी सीमा को पश्चिम की ओर बढ़ाता है और पूर्वी हिमालय की अल्प-अन्वेषित (underexplored) जैव विविधता पर प्रकाश डालता है।
- संरक्षण मूल्य: पूर्वी हिमालय एक वैश्विक जैव विविधता हॉटस्पॉट है। छोटे कीड़ों की खोज उनके आवासों को संरक्षित करने के महत्व को रेखांकित करती है।
- आगे का शोध: इन सुदूर जंगलों में और भी कई सूक्ष्म-पतंग प्रजातियां अनदेखी रह सकती हैं। विस्तृत सर्वेक्षण कीड़ों की विविधता और पारिस्थितिक (ecological) भूमिकाओं के बारे में हमारी समझ को समृद्ध कर सकते हैं।
स्रोत: Research Matters