पर्यावरण Biodiversity

Eulophia Picta: ऑर्किड वर्गीकरण, पश्चिमी घाट और खतरे

Eulophia Picta: ऑर्किड वर्गीकरण, पश्चिमी घाट और खतरे

समाचार में क्यों?

पश्चिमी घाट के कुछ हिस्सों में नई दृश्यता (sightings) की पुष्टि होने के बाद, वनस्पतिशास्त्रियों (Botanists) ने भारत के कई हिस्सों से रिपोर्ट की गई एक आर्किड प्रजाति Eulophia picta की ओर ध्यान आकर्षित किया है। इसके वर्गीकरण (classification) के बारे में जागरूकता महत्वपूर्ण है क्योंकि इस प्रजाति को अब Geodorum densiflorum का पर्याय (synonymous) माना जाता है, जो संरक्षण रिकॉर्ड को प्रभावित करता है।

पृष्ठभूमि

Eulophia picta एक स्थलीय आर्किड (terrestrial orchid) है जिसे पहले Eulophia जीनस में रखा गया था लेकिन अब इसे Geodorum का हिस्सा माना जाता है। यह भारत, श्रीलंका, म्यांमार, चीन, इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और प्रशांत द्वीपों सहित पूरे एशिया और प्रशांत क्षेत्र में उगता है। इस पौधे में भूमिगत गोलाकार स्यूडोबल्ब (pseudobulbs) होते हैं जिनमें कई भाले के आकार (lance-shaped) की पत्तियां होती हैं। फूलों की स्पाइक्स (Flowering spikes) में कई फूल होते हैं जो क्रमिक रूप से खुलते हैं। पुष्पक्रम (inflorescence) अक्सर U-आकार बनाता है और बीज के कैप्सूल परिपक्व होने पर सीधा हो जाता है।

विशेषताएं

  • पर्यावास (Habitat): यह आर्किड आर्द्र जंगलों (humid forests), नदियों के किनारों और तराई (lowlands) से 1,500 मीटर तक की घास वाली ढलानों में पनपता है। यह आमतौर पर छायादार या अर्ध-छायादार क्षेत्रों में पाया जाता है।
  • पुष्प (Flowers): पुष्पक्रम में 15–20 फूल आ सकते हैं जो गहरे रंग के निशान के साथ हल्के बैंगनी, गुलाबी या पीले रंग के होते हैं। प्रत्येक फूल कुछ ही दिन टिकता है।
  • संरक्षण की स्थिति: यद्यपि यह व्यापक है, लेकिन स्थानीय आबादी निवास स्थान के विनाश (habitat destruction) से खतरे में पड़ सकती है। समानार्थी (synonymy) को पहचानने से वनस्पतिशास्त्रियों को प्रजातियों की दोहरी-गिनती (double-counting) से बचने और सटीक संरक्षण योजनाएं विकसित करने में मदद मिलती है।

महत्व

Eulophia picta के वर्गीकरण (taxonomy) को स्पष्ट करने से जैव विविधता (biodiversity) मूल्यांकन में मदद मिलती है। ऑर्किड पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य (ecosystem health) के मूल्यवान संकेतक हैं और लुप्तप्राय प्रजातियों में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर सम्मेलन (Convention on International Trade in Endangered Species - CITES) के तहत संरक्षित हैं। उनके वितरण का ज्ञान वैज्ञानिकों और वन विभागों को सुरक्षा के लिए आवासों को प्राथमिकता (prioritise) देने में मदद करता है।

स्रोत: The Hans India

Sign in Today’s news
Current affairs Daily news Daily quiz News Blitz Shorts Economic Survey 2025-26 Subjects
Polity Economy Geography Environment History Science & Tech Intl. Relations Internal Security Art & Culture Social Issues
All subjects Exam info UPSC Syllabus Prelims syllabus Mains syllabus Exam pattern Eligibility & attempts OBC & EWS checker Resources Free downloads Booklist 2026 Previous year papers Video notes YouTube channel