चर्चा में क्यों?
भारत रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फ़ोर्स (Royal Australian Air Force - RAAF) द्वारा आयोजित एक बड़े बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास (multinational air exercise), एक्सर्साइज पिच ब्लैक 2026 (Exercise Pitch Black 2026) में भाग लेगा। यह अभ्यास 20 जुलाई से 7 अगस्त 2026 तक चलेगा और इसमें उन्नीस देश शामिल होंगे。
पृष्ठभूमि
अभ्यास पिच ब्लैक RAAF का प्रमुख द्विवार्षिक हवाई युद्ध अभ्यास (biennial air combat exercise) है। यह 1980 के दशक की शुरुआत में शुरू हुआ था और दुनिया भर की वायु सेनाओं को ऑस्ट्रेलिया के विशाल हवाई क्षेत्र में जटिल मिशनों का अभ्यास करने के लिए एक मंच प्रदान करता है। यह अभ्यास रात की उड़ान (night-time flying) (इसलिए नाम "पिच ब्लैक") और संयुक्त अभियानों (joint operations) पर ज़ोर देता है। भारत ने इससे पहले 2018, 2022 और 2024 के संस्करणों में भाग लिया था。
2026 संस्करण की मुख्य बातें
- पैमाना (Scale): उन्नीस देशों के 100 से अधिक विमान और कर्मी भाग लेंगे।
- अड्डे (Bases): उत्तरी क्षेत्र (Northern Territory) में RAAF बेस डार्विन और टिंडल (Bases Darwin and Tindal) तथा क्वींसलैंड (Queensland) में RAAF बेस एम्बरली (Base Amberley) से अभियान संचालित किए जाएंगे।
- प्रशिक्षण मिशन (Training missions): अभ्यास में आक्रामक और रक्षात्मक काउंटर-एयर ऑपरेशन (offensive and defensive counter-air operations), एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग (air-to-air refuelling), एयरबोर्न अर्ली वार्निंग (airborne early warning) और विविध विमानों एवं संचार प्रणालियों का सामरिक एकीकरण (tactical integration) शामिल होगा।
- सामुदायिक कार्यक्रम (Community events): स्थानीय समुदाय के साथ जुड़ने के लिए RAAF डार्विन के मिंडिल बीच (Mindil Beach) पर एयर शो और RAAF बेस डार्विन में ओपन डे की योजना बना रहा है।
- भारतीय भागीदारी: भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) एक बहु-भूमिका वाली टुकड़ी (multi-role contingent) भेजेगी, जो आधुनिक हवाई युद्ध रणनीति का अनुभव प्रदान करेगी और भागीदार देशों के साथ अंतर-संचालनीयता (interoperability) को मजबूत करेगी।
महत्त्व
अभ्यास पिच ब्लैक सामरिक कौशल को बढ़ाता है और भाग लेने वाली वायु सेनाओं के बीच सहयोग को बढ़ावा देता है। भारत के लिए यह ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त राज्य अमेरिका, फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों के उन्नत लड़ाकू विमानों (advanced fighters) के साथ संचालन का मूल्यवान अनुभव प्रदान करता है। यह अभ्यास एक स्वतंत्र, खुले और समावेशी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र (Indo-Pacific region) के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करता है。
निष्कर्ष
अभ्यास पिच ब्लैक 2026 में भागीदारी ऑस्ट्रेलिया और अन्य भागीदारों के साथ भारत के रक्षा संबंधों को और मजबूत करेगी। बहुराष्ट्रीय अभ्यासों में नियमित भागीदारी मित्रवत वायु सेनाओं के बीच तत्परता (readiness), अंतर-संचालनीयता और विश्वास को बढ़ाती है。