सामाजिक

Florence Nightingale Award: नर्सिंग पेशेवर और इतिहास

Florence Nightingale Award: नर्सिंग पेशेवर और इतिहास

चर्चा में क्यों?

अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस (12 मई 2026) पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में 15 नर्सिंग पेशेवरों (nursing professionals) को राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार प्रदान किए। यह पुरस्कार पूरे भारत में नर्सों, दाइयों (midwives) और सहायक कर्मचारियों (auxiliary staff) द्वारा उत्कृष्ट सेवा को मान्यता देता है। प्रत्येक प्राप्तकर्ता को एक प्रमाण पत्र, एक पदक और 1 लाख रुपये नकद प्राप्त हुए। समारोह में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा और अन्य अधिकारियों ने भाग लिया।

पृष्ठभूमि

राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 1973 में स्थापित किया गया था। यह पंजीकृत नर्सों, दाइयों, सहायक नर्स दाइयों (ANMs) और महिला स्वास्थ्य आगंतुकों (Lady Health Visitors) को सम्मानित करता है जो अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और आउटरीच कार्यक्रमों (outreach programmes) में असाधारण सेवा प्रदान करते हैं। यह पुरस्कार फ्लोरेंस नाइटिंगेल (1820-1910) के नाम पर रखा गया है, जिन्हें व्यापक रूप से आधुनिक नर्सिंग का संस्थापक माना जाता है।

फ्लोरेंस नाइटिंगेल का जन्म 12 मई 1820 को फ्लोरेंस, इटली में हुआ था। अपने धनी पालन-पोषण के बावजूद, उन्होंने अपने व्यवसाय के रूप में नर्सिंग को चुना, और जर्मनी में कैसरवर्थ डीकोनेस इंस्टीट्यूट (Kaiserwerth Deaconess Institute) में अध्ययन किया। क्रीमिया युद्ध (Crimean War - 1854-56) के दौरान उन्होंने स्कुटारी (Scutari) में ब्रिटिश सैन्य अस्पताल में 38 नर्सों की एक टीम का नेतृत्व किया, जहां उन्होंने स्वच्छता में सुधार किया, हाथ धोने की शुरुआत की और मृत्यु दर को कम किया। उनके रात के दौरों ने उन्हें "लेडी विद द लैंप (Lady with the Lamp)" उपनाम दिया। युद्ध के बाद उन्होंने 1860 में लंदन के सेंट थॉमस अस्पताल (St Thomas’ Hospital) में दुनिया का पहला पेशेवर नर्सिंग स्कूल स्थापित किया। नाइटिंगेल ने चिकित्सा सुधारों (medical reforms) के लिए अभियान चलाया, नर्सिंग और महिलाओं के अधिकारों पर बड़े पैमाने पर लिखा, और 1907 में ऑर्डर ऑफ मेरिट (Order of Merit) प्राप्त करने वाली पहली महिला बनीं। 1910 में उनकी मृत्यु हो गई, लेकिन उनकी विरासत रेड क्रॉस और वैश्विक नर्सिंग पेशे को प्रेरित करती रहती है।

2026 के पुरस्कारों का विवरण

  • रोगी देखभाल (patient care), सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामुदायिक सेवा के प्रति समर्पण के लिए पंद्रह नर्सिंग पेशेवरों को सम्मानित किया गया।
  • पुरस्कार विजेताओं में सरकारी अस्पतालों, ग्रामीण स्वास्थ्य मिशनों और ऑन्कोलॉजी (oncology), क्रिटिकल केयर और जनजातीय स्वास्थ्य आउटरीच (tribal health outreach) जैसी विशेष इकाइयों की नर्सें शामिल थीं।
  • ये पुरस्कार सरकारी कार्यक्रमों को लागू करने, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुनिश्चित करने और आपात स्थितियों (emergencies) का जवाब देने में नर्सों की भूमिका पर प्रकाश डालते हैं।

महत्व

नर्सिंग कर्मियों को मान्यता देने से मनोबल बढ़ता है और दयालु देखभाल (compassionate care) के महत्व को रेखांकित किया जाता है। पुरस्कारों को फ्लोरेंस नाइटिंगेल की विरासत से जोड़ने से समाज को स्वास्थ्य सेवा में सेवा, नवाचार (innovation) और वकालत (advocacy) के मूल्यों की याद आती है।

स्रोत: PIB

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