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Gallantry Awards of India: Param Vir Chakra, Ashoka Chakra और Republic Day Honours

Gallantry Awards of India: Param Vir Chakra, Ashoka Chakra और Republic Day Honours

चर्चा में क्यों?

जैसे-जैसे राष्ट्र आगामी स्वतंत्रता दिवस समारोहों की तैयारी कर रहा था, जून 2026 में चर्चा भारत के वीरता पुरस्कारों (gallantry awards) के इतिहास और हाल ही में प्राप्तकर्ताओं की बहादुरी पर केंद्रित थी। गणतंत्र दिवस 2026 के लिए राष्ट्रपति की सूची में एक अशोक चक्र (Ashoka Chakra), तीन कीर्ति चक्र (Kirti Chakras) और तेरह शौर्य चक्र (Shaurya Chakras) शामिल थे。

पृष्ठभूमि

गणतंत्र बनने के बाद भारत ने वीरता पुरस्कारों की अपनी प्रणाली स्थापित की। 26 जनवरी 1950 को दुश्मन के सामने बहादुरी के कृत्यों को पहचानने के लिए तीन युद्धकालीन अलंकरण (wartime decorations) - परमवीर चक्र (Param Vir Chakra), महावीर चक्र (Maha Vir Chakra) और वीर चक्र (Vir Chakra) - स्थापित किए गए थे। दो साल बाद युद्ध के मैदान से दूर वीरता के लिए तीन श्रेणियों के शांति कालीन पुरस्कार (peacetime awards) (अशोक चक्र कक्षा I, कक्षा II और कक्षा III) पेश किए गए। जनवरी 1967 में इनका नाम बदलकर क्रमशः अशोक चक्र, कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र कर दिया गया。

पदानुक्रम और विशेषताएं (Hierarchy and characteristics)

  • युद्धकालीन पुरस्कार (Wartime awards): परमवीर चक्र भारत का सर्वोच्च सैन्य सम्मान है, जो दुश्मन की उपस्थिति में सबसे विशिष्ट बहादुरी के लिए दिया जाता है। महावीर चक्र और वीर चक्र कुछ कम स्तर के वीरतापूर्ण कार्यों को मान्यता देते हैं।
  • शांति कालीन पुरस्कार (Peacetime awards): अशोक चक्र युद्ध के मैदान से दूर सबसे असाधारण बहादुरी का सम्मान करता है। कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र शांति के दौरान स्पष्ट वीरता और पराक्रम को मान्यता देते हैं, जिसमें आतंकवाद विरोधी अभियान (counter-insurgency operations) और बचाव मिशन (rescue missions) शामिल हैं।
  • वरीयता क्रम (Order of precedence): भारतीय सम्मानों के समग्र पदानुक्रम में, अशोक चक्र परमवीर चक्र के ठीक नीचे आता है, जो शांति और युद्ध के दौरान बहादुरी से जुड़े समान महत्व को दर्शाता है।
  • चयन प्रक्रिया (Selection process): सिफारिशें इकाइयों से उत्पन्न होती हैं और सेवा मुख्यालय और रक्षा मंत्रालय द्वारा उनकी जांच की जाती है। अंतिम मंजूरी भारत के राष्ट्रपति द्वारा दी जाती है, जो राष्ट्रीय दिवसों पर पुरस्कार प्रदान करते हैं।

महत्व और हाल के पुरस्कार

वीरता पुरस्कार (Gallantry awards) असाधारण साहस का जश्न मनाते हैं और नागरिकों को समर्पण के साथ देश की सेवा करने के लिए प्रेरित करते हैं। 2026 की सम्मान सूची ने आतंकवाद विरोधी अभियानों से लेकर आपदा प्रतिक्रिया तक के कार्यों के लिए सेना, नौसेना और वायु सेना के कर्मियों को मान्यता दी। ऐसे नायकों की कहानियों को राष्ट्रीय गौरव को बढ़ावा देने और सर्वोच्च बलिदान देने वालों को सम्मानित करने के लिए व्यापक रूप से साझा किया जाता है。

निष्कर्ष

भारत के वीरता पुरस्कारों के विकास को समझने से हर गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर सम्मानित बहादुरी के लिए संदर्भ मिलता है। ये सजावट हमें याद दिलाती है कि साहस - चाहे युद्ध के दौरान हो या शांति के दौरान - राष्ट्र की सुरक्षा और मूल्यों की रक्षा करता है。

स्रोत

NOA

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