विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

वैश्विक हेपेटाइटिस रिपोर्ट 2026: मुख्य निष्कर्ष और अपडेट

वैश्विक हेपेटाइटिस रिपोर्ट 2026: मुख्य निष्कर्ष और अपडेट

खबरों में क्यों?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अप्रैल में अपनी वैश्विक हेपेटाइटिस रिपोर्ट 2026 जारी की, जिसमें पता चला है कि वायरल हेपेटाइटिस के कारण 2024 में दुनिया भर में लगभग 1.3 मिलियन मौतें हुईं। रिपोर्ट चेतावनी देती है कि टीकाकरण (vaccination), परीक्षण और उपचार में तेजी से सुधार के बिना, 2030 तक हेपेटाइटिस से होने वाली मौतों को 65% तक कम करने का लक्ष्य प्राप्त नहीं किया जा सकेगा। भारत हेपेटाइटिस से संबंधित मौतों की सबसे अधिक संख्या वाले देशों में से एक है।

हेपेटाइटिस को समझना

हेपेटाइटिस यकृत (liver) की सूजन (inflammation) को संदर्भित करता है। यह वायरस, ऑटोइम्यून विकारों (autoimmune disorders), विषाक्त पदार्थों (शराब सहित), दवाओं या चयापचय रोगों (metabolic diseases) के कारण हो सकता है। अधिकांश संक्रमणों के लिए पांच मुख्य वायरस - प्रकार A, B, C, D और E - जिम्मेदार हैं:

  • हेपेटाइटिस A (HAV) और E (HEV): मुख्य रूप से दूषित भोजन (contaminated food) या पानी के अंतर्ग्रहण (ingestion) से फैलता है। संक्रमण आमतौर पर तीव्र (acute) होते हैं और अधिकांश लोग पूरी तरह से ठीक हो जाते हैं। एचएवी (HAV) और एचईवी (HEV) के लिए टीके मौजूद हैं, लेकिन एचईवी टीके व्यापक रूप से उपलब्ध नहीं हैं।
  • हेपेटाइटिस B (HBV): संक्रमित रक्त, वीर्य और शरीर के अन्य तरल पदार्थों (body fluids) के संपर्क में आने से फैलता है। यह जन्म के समय या बचपन के शुरुआती संपर्क के माध्यम से मां से बच्चे में जा सकता है। क्रोनिक एचबीवी (Chronic HBV) संक्रमण से सिरोसिस (cirrhosis) और लीवर कैंसर (liver cancer) हो सकता है। एक सुरक्षित और प्रभावी टीका संक्रमण को रोकता है।
  • हेपेटाइटिस C (HCV): ज्यादातर दूषित रक्त, असुरक्षित इंजेक्शन और, कम ही, यौन संपर्क (sexual contact) के माध्यम से फैलता है। कोई टीका (vaccine) नहीं है, लेकिन प्रत्यक्ष-अभिनय एंटीवायरल दवाएं (direct‑acting antiviral drugs) 95% से अधिक संक्रमणों को ठीक कर सकती हैं।
  • हेपेटाइटिस D (HDV): केवल उन लोगों में होता है जिन्हें पहले से ही एचबीवी (HBV) है। सह-संक्रमण (Co‑infection) के परिणामस्वरूप अधिक गंभीर बीमारी हो सकती है। एचबीवी टीकाकरण एचडीवी से बचाता है।

तीव्र हेपेटाइटिस (acute hepatitis) के लक्षणों में पीलिया (त्वचा और आंखों का पीला पड़ना), गहरा मूत्र (dark urine), अत्यधिक थकान, मतली और पेट दर्द शामिल हो सकते हैं। हालांकि, एचबीवी या एचसीवी वाले कई लोग वर्षों तक स्पर्शोन्मुख (asymptomatic) रहते हैं जबकि संक्रमण चुपचाप यकृत (liver) को नुकसान पहुंचाता है।

वैश्विक हेपेटाइटिस रिपोर्ट 2026 के निष्कर्ष

  • प्रसार (Prevalence): 2024 में लगभग 240 मिलियन लोग क्रोनिक एचबीवी (दुनिया की आबादी का ≈2.9%) के साथ जी रहे थे, और 47 मिलियन क्रोनिक एचसीवी (≈0.6%) के साथ जी रहे थे।
  • मृत्यु दर (Mortality): 2024 में वायरल हेपेटाइटिस के कारण अनुमानित 1.3 मिलियन मौतें हुईं। इनमें से लगभग 1.1 मिलियन मौतों के लिए एचबीवी जिम्मेदार है - 2015 के बाद से 17% की वृद्धि - जबकि एचसीवी के कारण लगभग 240,000 मौतें हुईं, जो 2015 के बाद से 12% की कमी है।
  • मौतों का वितरण: दस देश एचबीवी से होने वाली मौतों में 69% और एचसीवी से होने वाली मौतों में 58% का योगदान करते हैं। भारत सहित इनमें से कई देशों में उपचार का दायरा (treatment coverage) भी कम है।
  • उपचार अंतर (Treatment gap): क्रोनिक एचबीवी वाले 5% से भी कम लोगों ने 2024 में उपचार प्राप्त किया, जबकि लगभग आधे लोग डब्लूएचओ (WHO) के दिशानिर्देशों के तहत पात्र थे। 2015 के बाद से एचसीवी से निदान किए गए केवल 20% लोगों ने ही चिकित्सा शुरू की है।
  • बच्चे अभी भी जोखिम में: पांच साल से कम उम्र के बच्चों में एचबीवी का प्रसार 2024 में 0.6% था - जो 2015 में 0.8% से कम था, लेकिन अभी भी 0.1% के 2030 के लक्ष्य से बहुत ऊपर है। जन्म-खुराक टीकाकरण (Birth‑dose vaccination) कवरेज विशेष रूप से अफ्रीकी क्षेत्र (African region) में कम है।
  • प्राथमिकताएं: डब्ल्यूएचओ एचबीवी और एचसीवी उपचार को बढ़ाने, जन्म-खुराक टीकाकरण का विस्तार करने, एचबीवी वाली माताओं के लिए एंटीवायरल प्रोफिलैक्सिस (antiviral prophylaxis) बढ़ाने और ड्रग्स का इंजेक्शन लगाने वाले लोगों के लिए नुकसान-कमी सेवाओं (harm‑reduction services) में सुधार करने का आग्रह करता है।

भारत के लिए महत्व

भारत में वायरल हेपेटाइटिस का बोझ (burden) दुनिया में सबसे अधिक है। खराब जागरूकता, सीमित जांच और कम उपचार के कारण उच्च मृत्यु दर होती है। 2030 के उन्मूलन लक्ष्यों (elimination targets) को पूरा करने के लिए टीकाकरण (immunisation) कार्यक्रमों को मजबूत करना, प्रत्यक्ष-अभिनय एंटीवायरल (direct‑acting antivirals) को किफायती बनाना और प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल (primary health care) में हेपेटाइटिस सेवाओं को एकीकृत (integrating) करना महत्वपूर्ण कदम हैं।

स्रोत: TOI

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