International Relations

Global Terrorism Index 2026: IEP रिपोर्ट, भारत की रैंकिंग और आतंकवाद के रुझान

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चर्चा में क्यों?

इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस (Institute for Economics and Peace) ने ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स (Global Terrorism Index - GTI) 2026 जारी किया। यह रिपोर्ट दुनिया भर में आतंकवाद के प्रभाव को मापती है और सरकारों और शोधकर्ताओं को बदलते रुझानों को समझने में मदद करती है।

पृष्ठभूमि

GTI आतंकवादी घटनाओं, हताहतों, बंधकों और संपत्ति के नुकसान के आधार पर 0 से 10 तक के स्कोर से देशों को रैंक करता है। एक उच्च स्कोर एक बड़े प्रभाव को इंगित करता है। इंडेक्स मैरीलैंड विश्वविद्यालय (University of Maryland) के नेशनल कंसोर्टियम फॉर द स्टडी ऑफ टेररिज्म एंड रिस्पॉन्स टू टेररिज्म (National Consortium for the Study of Terrorism and Responses to Terrorism) द्वारा बनाए गए ग्लोबल टेररिज्म डेटाबेस से डेटा प्राप्त करता है।

प्रमुख निष्कर्ष

  • हिंसा में गिरावट: आतंकवाद से होने वाली मौतों में लगभग 28% की कमी आई है और यह 5,582 हो गई है, और घटनाएं 22% गिरकर 2,944 हो गई हैं — जो 2007 के बाद से सबसे कम स्तर है। हालांकि, आतंकवादी गतिविधि कई संघर्ष क्षेत्रों में केंद्रित है।
  • क्षेत्रीय बदलाव: सबसे अधिक प्रभावित दस देशों में से छह उप-सहारा अफ्रीका (sub-Saharan Africa) में हैं। साहेल क्षेत्र (Sahel region) में चरमपंथी हिंसा बढ़ रही है, जबकि दक्षिण एशिया में मिली-जुली तस्वीर देखने को मिली है।
  • सूचकांक में पाकिस्तान शीर्ष पर: पाकिस्तान पहली बार पहले स्थान पर रहा, जहां 2025 में 1,100 से अधिक मौतें और 1,000 से अधिक घटनाएं हुईं, जो आतंकवाद के तेज पुनरुत्थान को दर्शाता है। इसने शीर्ष पर बुर्किना फासो (Burkina Faso) की जगह ली।
  • भारत की स्थिति: भारत 13वें स्थान पर रहा, जहां 140 से अधिक आतंकवादी घटनाओं में 100 से अधिक मौतें हुईं और कई लोग घायल हुए। अधिकांश हमले अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के 100 किमी के भीतर हुए।
  • सबसे घातक संगठन: इस्लामिक स्टेट (Islamic State) समूह सबसे घातक आतंकवादी संगठन बना रहा, जिसके बाद जमात नुसरत अल-इस्लाम वाल मुस्लिमिन (JNIM), तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और अल-शबाब (al-Shabaab) का स्थान रहा। ये समूह वैश्विक आतंकवाद से संबंधित मौतों के लगभग 70% के लिए जिम्मेदार थे।
  • उभरते पैटर्न: रिपोर्ट में अकेले-भेड़िए (lone-wolf) हमलों और ऑनलाइन कट्टरपंथ (online radicalisation) में वृद्धि का उल्लेख किया गया है। पश्चिमी देशों में, वैश्विक मौतों में समग्र गिरावट के बावजूद, असामाजिक (antisemitic) और इस्लामोफोबिक (Islamophobic) हमलों ने मौतों में योगदान दिया।

निष्कर्ष

जबकि आतंकवाद का समग्र बोझ कम हो गया है, GTI 2026 चेतावनी देता है कि कमजोर राज्य और सीमावर्ती क्षेत्र अभी भी असुरक्षित हैं। प्रगति को बनाए रखने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग, आतंकवाद विरोधी प्रयास और सामाजिक-आर्थिक विकास महत्वपूर्ण हैं।

स्रोत: Live Mint

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