अर्थव्यवस्था

Government e Marketplace GeM: सार्वजनिक खरीद, MSMEs और डिजिटल इंडिया

Government e Marketplace GeM: सार्वजनिक खरीद, MSMEs और डिजिटल इंडिया

चर्चा में क्यों?

Government e Marketplace (GeM) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान ₹5 लाख करोड़ से अधिक का रिकॉर्ड सकल माल मूल्य (gross merchandise value) हासिल किया, जिससे प्लेटफॉर्म के लॉन्च के बाद से इसकी संचयी खरीद (cumulative procurement) ₹18.4 लाख करोड़ से अधिक हो गई। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय (Ministry of Commerce and Industry) ने केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) द्वारा व्यापक रूप से अपनाए जाने का श्रेय इस मील के पत्थर (milestone) को दिया।

पृष्ठभूमि

9 अगस्त 2016 को लॉन्च किया गया, GeM एक पूरी तरह से डिजिटल, कैशलेस और पेपरलेस पोर्टल है जो सार्वजनिक खरीद प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करता है। यह सरकारी खरीदारों को ई-बिडिंग (e-bidding), रिवर्स नीलामी (reverse auctions) और मांग एकत्रीकरण (demand aggregation) के माध्यम से पंजीकृत विक्रेताओं से सामान और सेवाएं खरीदने की अनुमति देता है। GeM ने Directorate General of Supplies and Disposals की जगह ली और General Financial Rules 2017 के नियम 149 के तहत अधिकांश सरकारी खरीद के लिए अनिवार्य है।

मुख्य विशेषताएं

  • समावेशी भागीदारी (Inclusive participation): यह पोर्टल 68,000 से अधिक खरीदार संगठनों और सूक्ष्म और लघु उद्यमों (MSEs), महिलाओं के नेतृत्व वाले व्यवसायों, स्टार्टअप और स्वयं सहायता समूहों (self-help groups) सहित 60 लाख से अधिक विक्रेताओं और सेवा प्रदाताओं की मेजबानी करता है। MSEs आदेशों के एक महत्वपूर्ण हिस्से के लिए जिम्मेदार हैं, जो स्थानीय उद्यमिता (local entrepreneurship) का समर्थन करते हैं।
  • प्रौद्योगिकी-संचालित उपकरण (Technology-driven tools): GeM इष्टतम खरीद मोड का सुझाव देने, मिलीभगत (collusion) को रोकने और विसंगतियों (anomalies) का पता लगाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (artificial intelligence) और रीयल-टाइम एनालिटिक्स (real-time analytics) का उपयोग करता है। यह मार्केटप्लेस कम मूल्य के ऑर्डर के लिए सीधी खरीद के साथ-साथ उच्च मूल्यों के लिए प्रतिस्पर्धी बोली (competitive bidding) का समर्थन करता है।
  • व्यापक उत्पाद श्रृंखला (Wide product range): खरीदार कार्यालय स्टेशनरी और वाहनों से लेकर क्लाउड कंप्यूटिंग, परामर्श और भवन रखरखाव जैसी जटिल सेवाओं तक सब कुछ प्राप्त कर सकते हैं। यह प्लेटफॉर्म बेहतर कीमतों पर बातचीत करने के लिए मांग एकत्रीकरण (demand aggregation) को सक्षम बनाता है।
  • पारदर्शिता और दक्षता: स्वचालित वर्कफ़्लोज़, इलेक्ट्रॉनिक भुगतान और ऑनलाइन ट्रैकिंग प्रसंस्करण समय (processing time) को कम करते हैं और भ्रष्टाचार के अवसरों पर अंकुश लगाते हैं। तुलनात्मक मूल्य चार्ट (Comparative price charts) और विक्रेता रेटिंग खरीदारों को सूचित निर्णय लेने में सहायता करते हैं।

प्रभाव

GeM भारत में सरकारी खरीद की आधारशिला बन गया है। प्रक्रियाओं को सरल बनाकर और प्रौद्योगिकी का लाभ उठाकर, यह करदाताओं के लिए बचत प्रदान करता है और वस्तुओं और सेवाओं की समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करता है। FY 2025-26 में रिकॉर्ड लेनदेन प्लेटफॉर्म की परिपक्वता (maturity) और स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं (local suppliers) के लिए एक समान अवसर (level playing field) प्रदान करके "Make in India" पहल का समर्थन करने में इसकी भूमिका को रेखांकित करते हैं।

स्रोत: Press Information Bureau, India Brand Equity Foundation, Wikipedia

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