विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

Hafnium-Oxide Memristor: न्यूरोमोर्फिक कंप्यूटिंग, AI और ऊर्जा दक्षता

Hafnium-Oxide Memristor: न्यूरोमोर्फिक कंप्यूटिंग, AI और ऊर्जा दक्षता

खबरों में क्यों?

कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय (University of Cambridge) की एक टीम ने एक मेमरिस्टर (memristor) विकसित किया है जो अत्यंत कम धाराओं (currents) पर काम करता है और कृत्रिम बुद्धिमत्ता हार्डवेयर (artificial intelligence hardware) की ऊर्जा खपत को 70 प्रतिशत तक कम कर सकता है। यह नवाचार (innovation) अधिक कुशल न्यूरोमॉर्फिक कंप्यूटिंग (neuromorphic computing) और ऑन-डिवाइस लर्निंग (on‑device learning) का मार्ग प्रशस्त करता है।

पृष्ठभूमि

मेमरिस्टर एक मूलभूत सर्किट घटक (fundamental circuit component) है जिसका प्रतिरोध (resistance) उसमें से गुजरने वाले करंट के इतिहास पर निर्भर करता है। 1971 में प्रस्तावित और 2000 के दशक में साकार हुए, मेमरिस्टर्स एक ही डिवाइस में डेटा स्टोर कर सकते हैं और तर्क कार्य (logic functions) कर सकते हैं। वे मस्तिष्क-समान कंप्यूटिंग प्रणालियों (brain‑like computing systems) के लिए वादा करते हैं क्योंकि उनका व्यवहार सिनैप्टिक प्लास्टिसिटी (synaptic plasticity) की नकल करता है - जिस तरह से उपयोग के माध्यम से न्यूरॉन्स के बीच संबंध मजबूत या कमजोर होते हैं।

इस उपकरण के बारे में नया क्या है?

  • पी-एन जंक्शन डिजाइन (P‑n junction design): शोधकर्ताओं ने पी-टाइप और एन-टाइप अर्धचालकों (p‑type and n‑type semiconductors) से मिलते-जुलते सूक्ष्म क्षेत्रों (microscopic regions) को बनाने के लिए स्ट्रोंटियम और टाइटेनियम (strontium and titanium) के साथ डोप किए गए हेफनियम ऑक्साइड (hafnium oxide) की एक पतली फिल्म का उपयोग किया। धातु फिलामेंट्स (metal filaments) बनाने के बजाय इन क्षेत्रों के बीच ऊर्जा अवरोध को स्थानांतरित करके स्विचिंग होती है, जिससे चिकना और अधिक विश्वसनीय संचालन सक्षम होता है।
  • अल्ट्रा-लो पावर (Ultra‑low power): पारंपरिक उपकरणों द्वारा आवश्यक की तुलना में दस लाख गुना कम धाराओं (currents) का उपयोग करके मेमरिस्टर कई चालन अवस्थाओं (conductance states) को स्विच और पकड़ सकता है, जिससे ऊर्जा खपत में नाटकीय रूप से कमी आती है।
  • कई अवस्थाएं (Multiple states): यह दर्जनों स्थिर चालन स्तरों (stable conductance levels) का समर्थन करता है, जिससे यह एनालॉग जानकारी को एनकोड कर सकता है और दीर्घकालिक क्षमता (long‑term potentiation) और अवसाद जैसे सिनैप्टिक लर्निंग नियमों (synaptic learning rules) को लागू कर सकता है।
  • चुनौतियाँ: उपकरण के निर्माण में उच्च तापमान (लगभग 900 °C) शामिल होता है, जो मौजूदा सिलिकॉन प्रक्रियाओं के साथ संगतता को सीमित कर सकता है। शोधकर्ता थर्मल बजट को कम करने के तरीके तलाश रहे हैं।

महत्व

  • ऊर्जा-कुशल AI (Energy‑efficient AI): प्रोसेसर में ऐसे मेमरिस्टर्स को एकीकृत करने से स्मार्टफोन, वियरेबल्स और एज कंप्यूटिंग (edge computing) में उपयोग किए जाने वाले मशीन-लर्निंग मॉडल (machine‑learning models) की शक्ति मांगों को कम किया जा सकता है।
  • न्यूरोमॉर्फिक कंप्यूटिंग (Neuromorphic computing): सिनैप्टिक व्यवहार (synaptic behaviour) का बारीकी से अनुकरण करके, उपकरण ऐसे हार्डवेयर को सक्षम कर सकते हैं जो मानव मस्तिष्क की तरह सीखते हैं और अनुकूल होते हैं, जिससे वास्तविक समय के पैटर्न पहचान (real‑time pattern recognition) और अनुकूली नियंत्रण (adaptive control) के लिए रास्ते खुलते हैं।
  • सामग्री विज्ञान में प्रगति: यह कार्य दर्शाता है कि कैसे सावधानीपूर्वक इंजीनियर किए गए ऑक्साइड इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में नई कार्यक्षमता (new functionality) प्रदान कर सकते हैं, जिससे गैर-वाष्पशील मेमोरी तत्वों (non‑volatile memory elements) में और अधिक शोध को प्रेरणा मिलती है।

स्रोत: The Hindu

Continue reading on the App

Save this article, highlight key points, and take quizzes.

App Store Google Play
Home Current Affairs 📰 Daily News 📊 Economic Survey 2025-26 Subjects 📚 All Subjects ⚖️ Indian Polity 💹 Economy 🌍 Geography 🌿 Environment 📜 History Exam Info 📋 Syllabus 2026 📝 Prelims Syllabus ✍️ Mains Syllabus ✅ Eligibility Resources 📖 Booklist 📊 Exam Pattern 📄 Previous Year Papers ▶️ YouTube Channel
Web App