समाचार में क्यों?
Indian Coast Guard ने 9 मई 2026 को गोवा शिपयार्ड में एक नए अत्याधुनिक Fast Patrol Vessel, ICGS Achal को कमीशन किया। यह जहाज़ भारत के पश्चिमी समुद्र तट पर तटीय निगरानी और समुद्री कानून प्रवर्तन क्षमताओं को बढ़ाएगा।
पृष्ठभूमि
1977 में स्थापित Indian Coast Guard, भारत के समुद्री हितों की रक्षा के लिए ज़िम्मेदार है। यह खोज और बचाव, तस्करी-रोधी, अवैध शिकार-रोधी और प्रदूषण-प्रतिक्रिया कार्यों को करने के लिए गश्ती जहाज़ों, इंटरसेप्टर नौकाओं, विमानों और हेलीकॉप्टरों का एक बेड़ा संचालित करता है। जैसे-जैसे समुद्री व्यापार बढ़ रहा है, Coast Guard स्वदेशी रूप से जहाज़ों के निर्माण की "Atmanirbhar Bharat" (आत्मनिर्भर भारत) नीति के तहत अपने बेड़े का विस्तार कर रहा है।
ICGS Achal की विशेषताएं
- डिज़ाइन और निर्माण: यह जहाज़ एक Adamya-श्रेणी का Fast Patrol Vessel है जिसे Goa Shipyard Limited द्वारा 50 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री के साथ बनाया गया है। इसके नाम "Achal" का अर्थ दृढ़ या अचल है।
- क्षमताएं: Achal तटीय निगरानी, संदिग्ध जहाज़ों की रोक-टोक, खोज-और-बचाव अभियान और प्रदूषण प्रतिक्रिया कर सकता है। यह उन्नत नेविगेशन और संचार प्रणाली, एक आधुनिक इंजन कक्ष और कानून प्रवर्तन कर्तव्यों के लिए एक छोटी मशीन गन से सुसज्जित है।
- महत्व: नए गश्ती शिल्प को चालू करने से भारत की अपनी तटरेखा की निगरानी करने, अवैध गतिविधियों को रोकने और संकट में मछुआरों की सहायता करने की क्षमता में सुधार होता है। स्वदेशी निर्माण स्थानीय उद्योग का समर्थन करता है और विदेशी आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भरता कम करता है।