अर्थव्यवस्था

क्रिटिकल मिनरल रिसाइकलिंग के लिए प्रोत्साहन योजना

क्रिटिकल मिनरल रिसाइकलिंग के लिए प्रोत्साहन योजना

खबरों में क्यों?

अप्रैल 2026 में केंद्रीय मंत्रिमंडल (Union Cabinet) ने महत्वपूर्ण खनिजों (critical minerals) के लिए रीसाइक्लिंग क्षमता विकसित करने के लिए ₹1,500 करोड़ की प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी। कुछ ही समय बाद खान मंत्रालय (Ministry of Mines) ने भाग लेने के लिए 58 कंपनियों को शॉर्टलिस्ट किया। इस पहल का उद्देश्य एक घरेलू रीसाइक्लिंग उद्योग बनाकर स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों (clean energy technologies) के लिए आवश्यक आयातित सामग्रियों पर भारत की निर्भरता को कम करना है।

पृष्ठभूमि

राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन (National Critical Mineral Mission) लिथियम, कोबाल्ट, निकल, ग्रेफाइट और दुर्लभ पृथ्वी तत्वों (rare earth elements) जैसे खनिजों को बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक्स और नवीकरणीय ऊर्जा (renewable energy) के लिए आवश्यक मानता है। जीवन के अंत के उत्पादों (end‑of‑life products) - जैसे लिथियम-आयन बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक कचरा और उत्प्रेरक कनवर्टर (catalytic converters) - को रीसायकल करने से इन खनिजों को पुनर्प्राप्त किया जा सकता है और पर्यावरणीय प्रभावों को कम किया जा सकता है। नई योजना वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक चलती है और यह बड़े रिसाइकिलर्स और छोटे स्टार्ट-अप दोनों के लिए खुली है।

प्रमुख प्रावधान

  • पूंजीगत सब्सिडी (Capital subsidy): जो कंपनियां योजना अवधि के भीतर रीसाइक्लिंग संयंत्र चालू करती हैं, वे संयंत्र और मशीनरी (plant and machinery) की लागत पर 20% सब्सिडी के लिए पात्र हैं।
  • परिचालन सब्सिडी (Operating subsidy): प्रोत्साहन आधार वर्ष (FY 2025-26) के मुकाबले पुनर्नवीनीकरण उत्पादों (recycled products) की वृद्धिशील बिक्री (incremental sales) से जुड़े हैं। लाभार्थियों (Beneficiaries) को दूसरे वर्ष में योग्य बिक्री के 40% और पांचवें वर्ष में 60% के बराबर सब्सिडी मिलती है।
  • प्रोत्साहन सीमाएँ (Incentive caps): बड़ी संस्थाओं को कुल प्रोत्साहन में ₹50 करोड़ तक प्राप्त हो सकते हैं, जबकि छोटी संस्थाओं को ₹25 करोड़ की सीमा (capped) तय की गई है। परिचालन सब्सिडी क्रमशः ₹10 करोड़ और ₹5 करोड़ तक सीमित है।
  • अपेक्षित परिणाम: खान मंत्रालय कम से कम 270 किलो-टन प्रति वर्ष (KTPA) रीसाइक्लिंग क्षमता बनाने और हर साल लगभग 40 KTPA महत्वपूर्ण खनिजों का उत्पादन करने की उम्मीद करता है। इस कार्यक्रम से लगभग ₹8,000 करोड़ का निवेश आकर्षित होने और लगभग 70,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने का अनुमान है।
  • प्रारंभिक स्वीकृतियां: पहले 58 स्वीकृत प्रस्ताव लगभग 850 KTPA की गिरवी रखी गई क्षमता और ₹5,000 करोड़ के निवेश का प्रतिनिधित्व करते हैं।

महत्व

घरेलू कचरे की धाराओं (waste streams) को रीसायकल करने से भारत को लैंडफिल प्रदूषण (landfill pollution) को कम करते हुए इलेक्ट्रिक वाहनों, सौर पैनलों और इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए महत्वपूर्ण खनिजों को सुरक्षित करने में मदद मिलेगी। यह योजना स्टार्ट-अप्स (start‑ups) के बीच नवाचार (innovation) को भी प्रोत्साहित करती है और आपूर्ति श्रृंखलाओं को एकल-स्रोत आयात (single‑source imports) से दूर करती है।

स्रोत: News On Air

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