समाचार में क्यों?
Estonia के विदेश मंत्री और व्यापारिक नेताओं ने हाल ही में व्यापार, डिजिटल गवर्नेंस (digital governance) और रक्षा सहयोग पर चर्चा करने के लिए भारत का दौरा किया। बाल्टिक (Baltic) देश खुद को भारतीय कंपनियों के लिए उत्तरी यूरोप (northern Europe) तक पहुंचने के प्रवेश द्वार के रूप में स्थापित कर रहा है। यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और दुर्लभ-पृथ्वी चुंबक (rare-earth magnets) पर सहयोग करने में भी संभावनाएं देखता है。
पृष्ठभूमि
Estonia बाल्टिक सागर (Baltic Sea) पर एक छोटा उत्तरी यूरोपीय देश है। इसने 1991 में सोवियत संघ (Soviet Union) से स्वतंत्रता प्राप्त की और 2004 में European Union में शामिल हो गया। अपनी डिजिटल सरकारी सेवाओं और स्टार्ट-अप संस्कृति के लिए जाना जाने वाला, Estonia एक ई-रेजीडेंसी (e-residency) कार्यक्रम संचालित करता है और उसने ऑनलाइन वोटिंग में भी अग्रणी भूमिका निभाई है। भारत ने 1991 में Estonia को मान्यता दी, और राजनयिक संबंध लगातार बढ़े हैं। Estonia के प्रौद्योगिकी क्षेत्र में दो हजार भारतीय काम करते हैं। दोनों देश साइबर सुरक्षा और डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे (digital public infrastructure) पर सहयोग करते हैं。
सहयोग के प्रमुख क्षेत्र
- व्यापार वृद्धि: द्विपक्षीय व्यापारिक माल का व्यापार 2025 में कुल मिलाकर लगभग €139 मिलियन रहा और पिछले वर्ष की तुलना में 150 प्रतिशत से अधिक बढ़ा। भारत Estonia को मशीनें, वाहन और रसायन निर्यात करता है तथा वहां से बिजली के उपकरण और ऑप्टिकल उपकरण (optical instruments) आयात करता है।
- यूरोप का प्रवेश द्वार: एस्टोनियाई अधिकारी भारतीय फर्मों को यूरोपीय बाजार में प्रवेश करने के लिए आधार के रूप में Estonia का उपयोग करने के लिए आमंत्रित करते हैं। उनका तर्क है कि यह छोटा देश त्वरित डिजिटल व्यापार सेवाएं और कम प्रशासनिक लागत प्रदान करता है।
- डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा: Estonia अपनी डिजिटल पहचान और ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म के लिए जाना जाता है। भारत की डिजिटल सार्वजनिक वस्तुओं जैसे कि Aadhaar, UPI और India Stack को अन्य देशों के साथ साझा किया गया है। दोनों पक्षों का उद्देश्य एक-दूसरे से सीखना और ओपन-सोर्स समाधानों को बढ़ावा देना है।
- रक्षा और सुरक्षा: Estonia ने रक्षा उपकरणों के सह-विकास और सह-उत्पादन का प्रस्ताव दिया है। यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के कारण इसका रक्षा बजट GDP के पांच प्रतिशत से अधिक है। Estonia हवाई रक्षा प्रणालियों (air defence systems), तोपखाने और गोला-बारूद में भारतीय विशेषज्ञता की तलाश में है, जबकि वह स्थानीय स्तर पर उत्पादन होने पर जोर दे रहा है।
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और दुर्लभ पृथ्वी (Rare-earths): विदेश मंत्री ने इलेक्ट्रिक वाहनों और पवन टर्बाइनों में उपयोग किए जाने वाले दुर्लभ-पृथ्वी चुंबकों (rare-earth magnets) के निर्माण और AI अनुसंधान में अवसरों पर प्रकाश डाला। Estonia को उम्मीद है कि यदि India-EU मुक्त व्यापार समझौता (free trade agreement) संपन्न हो जाता है, तो इससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
निष्कर्ष
Estonia और भारत डिजिटल नवाचार (digital innovation) और उभरती प्रौद्योगिकियों में स्वाभाविक भागीदार हैं। चूंकि Estonia यूरोपीय एकल बाजार (European single market) में एक स्प्रिंगबोर्ड प्रदान करता है, भारतीय कंपनियों को सॉफ्टवेयर, हरित ऊर्जा (green energy) और रक्षा निर्माण में अवसर मिल सकते हैं। एक संतुलित व्यापार समझौता दोनों देशों के व्यवसायों और स्टार्ट-अप के लिए और अधिक क्षमता को अनलॉक कर सकता है。