अंतर्राष्ट्रीय संबंध

भारत-मालदीव FTA: पहला वार्ता दौर और द्विपक्षीय व्यापार

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समाचार में क्यों?

भारत और Maldives ने अपना पहला मुक्त-व्यापार (free-trade) वार्ता दौर पूरा किया। दोनों पक्षों ने कई क्षेत्रों में प्रगति दर्ज की। 2025-26 के दौरान द्विपक्षीय व्यापार 771 मिलियन डॉलर से अधिक हो गया। अभी तक किसी भी free trade agreement पर हस्ताक्षर नहीं किए गए हैं।

पृष्ठभूमि

Maldives हिंद महासागर (Indian Ocean) में एक छोटा दक्षिण एशियाई द्वीप देश है। यह भारत और श्रीलंका के दक्षिण-पश्चिम में स्थित है।

देश में लगभग 1,192 प्रवाल द्वीप (coral islands) हैं, और वे छब्बीस प्राकृतिक एटोल (atolls) की एक दोहरी श्रृंखला (double chain) बनाते हैं।

एक एटोल लैगून (lagoon) के चारों ओर एक अंगूठी के आकार की प्रवाल भित्ति (coral reef) है, और कई मालदीव द्वीप समुद्र तल से थोड़ा ही ऊपर उठते हैं।

माले (Malé) राष्ट्रीय राजधानी है। देश में लगभग 90,000 वर्ग किलोमीटर समुद्र में लगभग 298 वर्ग किलोमीटर भूमि है।

गिनती सावधानी: सर्वेक्षण और परिभाषा के अनुसार द्वीप और एटोल की कुल संख्या भिन्न होती है, और प्राकृतिक एटोल प्रशासनिक इकाइयों (administrative units) से भिन्न होते हैं।

द्वीपों का निर्माण कैसे हुआ?

  1. ज्वालामुखीय द्वीप (Volcanic islands) कभी हिंद महासागर के तल से उठे थे।
  2. उनके गर्म, उथले (shallow) तटों के चारों ओर प्रवाल भित्तियाँ विकसित हुईं।
  3. ज्वालामुखीय नींव (foundations) धीरे-धीरे डूब गई और नष्ट हो गई।
  4. मूंगे (Corals) सूर्य के प्रकाश की ओर ऊपर की ओर बढ़ते रहे।
  5. रीफ रिंग (Reef rings) और लैगून जलमग्न नींव के ऊपर रहे।
  6. रेत और टूटे मूंगे (coral) निचले द्वीपों में जमा हो गए।

यह प्रक्रिया देश की कम ऊंचाई (elevation) की व्याख्या करती है, और Maldives को व्यापक रूप से दुनिया के सबसे निचले देश के रूप में मान्यता प्राप्त है।

औसत जमीनी ऊंचाई लगभग 1.5 मीटर है, और उच्चतम प्राकृतिक बिंदु केवल लगभग 2.4 मीटर है।

इसलिए समुद्र के स्तर में वृद्धि तटों, घरों और मीठे पानी को खतरे में डालती है, और खारा पानी भी पतले भूमिगत मीठे पानी के लेंस (lenses) में प्रवेश कर सकता है।

कौन से चैनल महत्वपूर्ण हैं?

Eight Degree Channel मिनिकॉय (Minicoy) और उत्तरी मालदीव के बीच स्थित है, और मिनिकॉय भारत के लक्षद्वीप (Lakshadweep) द्वीपों का हिस्सा है।

चैनल अपना नाम पास के अक्षांश (latitude) से लेता है। भारत-मालदीव समुद्री सीमा भी इस व्यापक क्षेत्र से होकर गुजरती है।

One and a Half Degree Channel मालदीव के द्वीप श्रृंखला को पार करता है, और यह हदधुन्मथी (Haddhunmathi) और हुवाधु (Huvadhu) एटोल के बीच स्थित है।

ये गहरे चैनल द्वीपसमूह (archipelago) के माध्यम से नेविगेशन का समर्थन करते हैं, और उनके नाम प्रारंभिक परीक्षाओं (preliminary examinations) के लिए उपयोगी मानचित्र-आधारित तथ्य हैं।

मानचित्र तथ्य: Eight Degree Channel मिनिकॉय को उत्तरी मालदीव से अलग करता है। One and a Half Degree Channel और दक्षिण में स्थित है।

भारत-मालदीव संबंध कैसे विकसित हुए?

  1. Maldives जुलाई 1965 में ब्रिटेन से स्वतंत्र हुआ।
  2. भारत ने उसी वर्ष राजनयिक संबंध स्थापित किए।
  3. भारत ने 1988 में अनुरोधित हस्तक्षेप (requested intervention) के बाद Operation Cactus शुरू किया।
  4. भारतीय सेना ने तख्तापलट (coup) के प्रयास को विफल करने में मदद की।
  5. भारत ने 2004 हिंद महासागर सुनामी के बाद सहायता प्रदान की।
  6. भारत ने माले के 2014 के जल संकट के दौरान पीने के पानी की आपूर्ति की।
  7. कोरोनावायरस अवधि के दौरान चिकित्सा और आर्थिक सहायता जारी रही।
  8. दोनों पक्षों ने जुलाई 2025 में औपचारिक व्यापार-समझौते की वार्ता शुरू की।

भारत मालदीव की सबसे निकटतम बड़ी अर्थव्यवस्था है, और इसलिए भूगोल आपूर्ति, पर्यटन, सुरक्षा और आपदा प्रतिक्रिया (disaster response) को आकार देता है।

Maldives महत्वपूर्ण हिंद महासागर शिपिंग मार्गों के पास भी स्थित है, और इसका स्थान संबंधों को व्यापक रणनीतिक महत्व देता है।

Free trade agreement क्या है?

एक free trade agreement भाग लेने वाली अर्थव्यवस्थाओं के बीच चयनित बाधाओं को कम करता है, और इन बाधाओं में सीमा शुल्क (customs duties) और प्रतिबंधात्मक नियम (restrictive rules) शामिल हो सकते हैं।

इस तरह का समझौता हर उत्पाद को तुरंत शुल्क-मुक्त नहीं बनाता है, और देश बहिष्करण (exclusions), समय-सीमा और मूल आवश्यकताओं (origin requirements) पर बातचीत करते हैं।

Rules of origin पहचानते हैं कि उत्पाद को पर्याप्त रूप से कहाँ बनाया गया था। वे बाहरी लोगों को सरल री-रूटिंग के माध्यम से कम टैरिफ (tariffs) का दुरुपयोग करने से रोकते हैं।

आधुनिक समझौते सेवाओं, निवेश और डिजिटल व्यापार (digital trade) को भी कवर कर सकते हैं। समझौते के लागू होने के बाद भी घरेलू कानून लागू रहते हैं।

पहले दौर में क्या हुआ?

अधिकारियों ने वस्तुतः पहला वार्ता दौर आयोजित किया, और उन्होंने बाजार पहुंच, निवेश और व्यापक आर्थिक सहयोग पर चर्चा की।

दोनों पक्षों ने व्यापक अभिसरण (convergence) और ठोस प्रगति की सूचना दी, लेकिन सहमत शब्दों पर अभी भी आगे की बातचीत और कानूनी समीक्षा की आवश्यकता है।

भारत ने प्रस्तावित समझौते को व्यापक, संतुलित और समग्र (comprehensive) बताया, और निष्पक्षता और पारस्परिकता (reciprocity) घोषित मार्गदर्शक सिद्धांत (guiding principles) बने हुए हैं।

वर्तमान स्थिति: पहला दौर समाप्त हो गया है, और समझौते पर न तो हस्ताक्षर किए गए हैं और न ही यह लागू है।

व्यापार के आंकड़े क्या दिखाते हैं?

2025-26 के दौरान द्विपक्षीय माल व्यापार (goods trade) 771 मिलियन डॉलर से अधिक हो गया, और 2024-25 के दौरान यह 679 मिलियन डॉलर के करीब रहा।

यह 13.54 प्रतिशत की रिपोर्ट की गई वृद्धि को दर्शाता है, और भारत नवीनतम अवधि के दौरान Maldives का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार था।

ईंधन (fuel), निर्माण मांग और पर्यटन गतिविधि के साथ वार्षिक योग भिन्न हो सकते हैं। विनिमय दर (Exchange rates) और रिपोर्टिंग संशोधन (revisions) भी तुलना को प्रभावित कर सकते हैं।

प्रत्येक पक्ष को क्या लाभ हो सकता है?

  • Maldives को भोजन और दवाओं तक आसान पहुंच मिल सकती है।
  • निर्माण सामग्री सस्ती और अधिक पूर्वानुमानित (predictable) हो सकती है।
  • भारतीय व्यवसायों को स्पष्ट निवेश नियम (investment rules) मिल सकते हैं।
  • सेवा प्रदाताओं को बेहतर बाजार पहुंच प्राप्त हो सकती है।
  • छोटी फर्मों (firms) को सरल सीमा शुल्क प्रक्रियाओं से लाभ हो सकता है।
  • विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखलाएं आपातकालीन लचीलापन (resilience) में सुधार कर सकती हैं।

Maldives अधिकांश आवश्यक वस्तुओं का आयात करता है क्योंकि इसकी भूमि और विनिर्माण आधार छोटे हैं। आस-पास के भारतीय आपूर्तिकर्ता (suppliers) डिलीवरी का समय कम कर सकते हैं।

किन चिंताओं पर ध्यान देने की आवश्यकता है?

  • मालदीव के उत्पादकों को बड़ी भारतीय फर्मों से प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है।
  • टैरिफ (Tariff) कटौती से सरकार के सीमा शुल्क राजस्व (revenue) में कमी आ सकती है।
  • असमान आर्थिक आकार के लिए सावधानीपूर्वक संक्रमण अवधि (transition periods) की आवश्यकता होती है।
  • नियमों को भोजन, श्रम और पर्यावरण मानकों की रक्षा करनी चाहिए।
  • ऋण पैदा करने वाली परियोजनाओं (Debt-creating projects) को पारदर्शी वित्तीय मूल्यांकन की आवश्यकता होती है।
  • जलवायु-लचीले बुनियादी ढांचे को भविष्य के निवेश का मार्गदर्शन करना चाहिए।

एक टिकाऊ (durable) समझौते को राजनीतिक विश्वास और व्यावहारिक प्रवर्तन (enforcement) की आवश्यकता होती है, और इसे Maldives की छोटे-द्वीप कमजोरियों (vulnerabilities) को भी पहचानना चाहिए।

निष्कर्ष

पहला दौर प्रगति का प्रतीक है, पूर्णता का नहीं, और एक संतुलित समझौता छोटे और कमजोर क्षेत्रों की रक्षा करते हुए व्यापार को गहरा कर सकता है।

स्रोत

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