चर्चा में क्यों?
भारत और मॉरीशस ने 680 मिलियन अमेरिकी डॉलर के विशेष आर्थिक सहायता पैकेज (special economic assistance package) के तहत परियोजनाओं को लागू करने के लिए समझौतों (agreements) पर हस्ताक्षर किए हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर (External Affairs Minister S. Jaishankar) की पोर्ट लुईस (Port Louis) यात्रा के दौरान, दोनों पक्ष बुनियादी ढांचे (infrastructure), स्वास्थ्य, शिक्षा और ऊर्जा परियोजनाओं (energy projects) को आगे बढ़ाने पर सहमत हुए। उन्होंने मॉरीशस को तेल और गैस (oil and gas) की आपूर्ति के लिए सरकार-से-सरकार (government-to-government) समझौते को भी अंतिम रूप दिया और मॉरीशस के सिविल सेवकों (civil servants) के लिए एक "कर्मयोगी (Karmayogi)" प्रशिक्षण पोर्टल लॉन्च किया।
पृष्ठभूमि
मॉरीशस हिंद महासागर में अफ्रीका के दक्षिण-पूर्वी तट से लगभग 2,000 किलोमीटर दूर स्थित एक द्वीप देश (island country) है। यह मैस्करेन द्वीप समूह (Mascarene Islands) का हिस्सा है, जिसमें रीयूनियन (Réunion) और रोड्रिग्स (Rodrigues) भी शामिल हैं। मुख्य द्वीप मूल रूप से ज्वालामुखीय है और प्रवाल भित्तियों (coral reefs) से घिरा हुआ है। मॉरीशस ने 12 मार्च 1968 को ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता प्राप्त की और 1992 में एक गणराज्य (republic) बन गया। पोर्ट लुइस इसकी राजधानी और सबसे बड़ा शहर है।
भूगोल और जलवायु (Geography and climate)
- भूभाग (Terrain): द्वीप एक तटीय मैदान से ज्वालामुखीय पर्वत श्रृंखलाओं (volcanic mountain ranges) से घिरे एक केंद्रीय पठार (central plateau) तक उगता है। उच्चतम बिंदु पिटोन डे ला पेटिट रिविएर नोयर (Piton de la Petite Rivière Noire) 828 मीटर पर है। व्यापक प्रवाल भित्तियाँ अधिकांश समुद्र तट के चारों ओर उथले लैगून (shallow lagoons) बनाती हैं।
- नदियां और झीलें (Rivers and lakes): ग्रांड रिवर साउथ ईस्ट (Grand River South East) और ब्लैक रिवर (Black River) जलविद्युत शक्ति (hydroelectric power) प्रदान करते हैं। लेक वाकोस (Lake Vacoas) एक प्रमुख मीठे पानी का जलाशय है।
- जलवायु (Climate): मॉरीशस में दो मौसमों के साथ एक समुद्री उपोष्णकटिबंधीय जलवायु (maritime subtropical climate) है - दिसंबर से अप्रैल तक एक गर्म, आर्द्र गर्मी और जून से सितंबर तक ठंडी, शुष्क सर्दी (drier winter)। वार्षिक वर्षा पश्चिमी तट पर 900 मिलीमीटर से लेकर मध्य पठार पर 5,000 मिलीमीटर से अधिक तक होती है।
लोग और संस्कृति (People and culture)
- विविध आबादी (Diverse population): लगभग दो-तिहाई मॉरीशसवासी इंडो-पाकिस्तानी मूल के हैं, जो 19वीं सदी के दौरान गन्ने के बागानों (sugarcane plantations) में काम करने वाले गिरमिटिया मजदूरों (indentured labourers) के वंशज हैं। बाकी क्रियोल (Creole) (मिश्रित अफ्रीकी और फ्रांसीसी), चीनी और फ्रेंको-मॉरीशस वंश के हैं।
- भाषाएं (Languages): अंग्रेजी आधिकारिक भाषा है, लेकिन अधिकांश लोग मॉरीशस क्रियोल (एक फ्रांसीसी-आधारित क्रियोल) बोलते हैं। फ्रेंच, भोजपुरी, हिंदी, तमिल और अन्य भाषाएं भी आम हैं।
- धर्म (Religion): मोटे तौर पर आधी आबादी हिंदू है, एक तिहाई ईसाई (मुख्य रूप से रोमन कैथोलिक) है और बाकी मुस्लिम या बौद्ध हैं। मॉरीशस आमतौर पर कई भाषाएं बोलते हैं और धार्मिक सहिष्णुता (religious tolerance) का अभ्यास करते हैं।
अर्थव्यवस्था और भारत के साथ संबंध (Economy and relations with India)
- आर्थिक संरचना (Economic structure): मॉरीशस एक मोनोक्रॉप चीनी अर्थव्यवस्था (monocrop sugar economy) से विनिर्मित निर्यात, पर्यटन, वित्तीय सेवाओं और सूचना प्रौद्योगिकी के आधार पर एक विविध अर्थव्यवस्था में बदल गया है। यह पूर्वी और दक्षिणी अफ्रीका के लिए सामान्य बाजार (Common Market for Eastern and Southern Africa - COMESA) और दक्षिणी अफ्रीकी विकास समुदाय (Southern African Development Community - SADC) का सदस्य है।
- भारत के साथ संबंध (Ties with India): भारत और मॉरीशस घनिष्ठ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध साझा करते हैं। भारत ने मॉरीशस में बुनियादी ढांचे, मेट्रो परियोजनाओं, शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल के लिए क्रेडिट लाइनों (lines of credit), अनुदान (grants) और विकास सहायता (development assistance) प्रदान की है। नए $680 मिलियन के पैकेज में 11 सामुदायिक परियोजनाएं शामिल हैं और तेल और गैस की आपूर्ति के माध्यम से ऊर्जा सुरक्षा (energy security) का समर्थन करता है।
- सामरिक स्थान (Strategic location): प्रमुख समुद्री लेन (sea lanes) के पार स्थित, मॉरीशस हिंद महासागर आयोग (Indian Ocean Commission) और हिंद महासागर रिम एसोसिएशन (Indian Ocean Rim Association) सचिवालय की मेजबानी करता है, जो इसे समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय सहयोग के लिए महत्वपूर्ण बनाता है।
निष्कर्ष
भारत के आर्थिक सहायता पैकेज का कार्यान्वयन दोनों देशों के बीच गहरी होती साझेदारी को दर्शाता है। बुनियादी ढांचे और ऊर्जा परियोजनाओं से परे, शिक्षा, शासन और सुरक्षा में सहयोग मॉरीशस को जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा निर्भरता (energy dependence) और सतत विकास (sustainable development) जैसी चुनौतियों से निपटने में मदद करेगा।