अंतर्राष्ट्रीय संबंध Economy

India-New Zealand FTA: मुक्त व्यापार समझौता और टैरिफ में कटौती

India-New Zealand FTA: मुक्त व्यापार समझौता और टैरिफ में कटौती

समाचार में क्यों?

New Zealand के प्रधान मंत्री क्रिस्टोफर लक्सन (Christopher Luxon) ने घोषणा की कि उनका देश 27 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में भारत के साथ एक व्यापक मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement - FTA) पर हस्ताक्षर करेगा। यह समझौता New Zealand में प्रवेश करने वाले सभी भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ को समाप्त कर देगा और भारत को होने वाले 95% न्यूजीलैंड के निर्यात पर टैरिफ (tariffs) को हटा देगा या कम कर देगा।

पृष्ठभूमि

New Zealand दक्षिण-पश्चिमी प्रशांत महासागर में एक द्वीप राष्ट्र है, जो ऑस्ट्रेलिया के दक्षिण-पूर्व में लगभग 1,600 किमी दूर स्थित है। इसमें दो मुख्य द्वीप शामिल हैं — उत्तरी द्वीप (North Island) और दक्षिणी द्वीप (South Island) — जो कुक जलडमरूमध्य (Cook Strait) द्वारा अलग होते हैं। बर्फ से ढके पहाड़ों, सक्रिय ज्वालामुखियों और समशीतोष्ण वर्षावनों (temperate rainforests) के साथ, यह देश अपने विविध परिदृश्यों के लिए प्रसिद्ध है। वेलिंगटन (Wellington) राजधानी है, जबकि ऑकलैंड (Auckland) सबसे बड़ा शहर है।

New Zealand की भौगोलिक विशेषताएं

  • रिंग ऑफ फायर (Ring of Fire) का हिस्सा: भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट आम हैं क्योंकि New Zealand परि-प्रशांत भूकंपीय बेल्ट (circum-Pacific seismic belt) के साथ स्थित है। उत्तरी द्वीप पर माउंट रुआपेहु (Mount Ruapehu) एक सक्रिय ज्वालामुखी है।
  • पर्वत श्रृंखलाएं और हिमनद: दक्षिणी आल्प्स (Southern Alps) दक्षिणी द्वीप पर हावी हैं और इसमें Aoraki/Mount Cook शामिल है, जो 3,724 मीटर पर देश की सबसे ऊंची चोटी है। तस्मान ग्लेशियर (Tasman Glacier) New Zealand का सबसे बड़ा ग्लेशियर है।
  • झीलें और नदियां: सुपर ज्वालामुखी (supervolcano) के काल्डेरा (caldera) में बनी लेक टुपो (Lake Taupō) सबसे बड़ी झील है। वाइकाटो (Waikato) जैसी नदियां पनबिजली (hydropower) और सिंचाई प्रदान करती हैं।
  • प्राकृतिक संसाधन: द्वीपों में सोना, चांदी, लौह रेत (iron sands), चूना पत्थर और फॉस्फेट (phosphates) होते हैं, हालांकि कृषि, वानिकी (forestry) और पर्यटन अर्थव्यवस्था पर हावी हैं।

प्रस्तावित FTA के मुख्य प्रावधान

  • भारतीय निर्यात पर शून्य शुल्क: New Zealand में प्रवेश करने वाले सभी भारतीय सामानों पर शून्य सीमा शुल्क (zero customs duty) का लाभ मिलेगा, जिससे निर्माताओं और किसानों को कीवी बाज़ार में अधिक पहुंच मिलेगी।
  • New Zealand के उत्पादों के लिए टैरिफ उन्मूलन: New Zealand से निर्यात होने वाले लगभग 95% उत्पादों — जिनमें ऊन, कोयला, लकड़ी, वाइन, एवोकाडो और ब्लूबेरी शामिल हैं — पर उनके शुल्क हटा दिए जाएंगे या कम कर दिए जाएंगे। हालांकि, भारत स्थानीय किसानों की रक्षा के लिए संवेदनशील वस्तुओं जैसे डेयरी उत्पाद (दूध, दही, पनीर), प्याज, चीनी, खाद्य तेल और रबर पर टैरिफ (tariffs) बनाए रखेगा।
  • व्यापार लक्ष्य: दोनों देश पांच वर्षों के भीतर द्विपक्षीय व्यापार (bilateral trade) को दोगुना करके US $5 बिलियन करने का लक्ष्य रखते हैं। वर्तमान माल व्यापार लगभग US $1.3 बिलियन है, जिसमें वस्तुओं और सेवाओं का कुल व्यापार लगभग US $2.4 बिलियन है।
  • निवेश और नौकरियां: इस समझौते से 15 वर्षों में अनुमानित US $20 बिलियन के निवेश को आकर्षित करने और नवीकरणीय ऊर्जा (renewable energy), बागवानी और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में रोजगार पैदा करने की उम्मीद है।

महत्व

यह FTA वर्षों की रुकी हुई वार्ताओं के बाद भारत पर New Zealand के नए फोकस को दर्शाता है। भारत के लिए, यह समझौता अपने निर्यात बाजारों में विविधता लाने और उच्च आय वाली प्रशांत अर्थव्यवस्था (high-income Pacific economy) के साथ जुड़ाव को गहरा करने का अवसर प्रदान करता है। डेयरी और कुछ कृषि उत्पादों को बाहर रखकर, वार्ताकारों ने छोटे किसानों और घरेलू उद्योगों के संरक्षण के साथ उदारीकरण को संतुलित करने का प्रयास किया है।

स्रोत: The Hindu

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