समाचार में क्यों?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 23 जुलाई 2026 को स्टेट विज़िट (State Visit) के लिए बुखारेस्ट (Bucharest) पहुँचीं। लगभग तीन दशकों में यह वहां किसी भारतीय राष्ट्रपति की पहली स्टेट विज़िट थी। उन्होंने रोमानियाई राष्ट्रपति Nicușor Dan के साथ वार्ता की। दोनों पक्ष आर्थिक, शैक्षिक, वैज्ञानिक और रक्षा सहयोग को गहरा करने पर सहमत हुए।
पृष्ठभूमि
रोमानिया दक्षिण-पूर्वी यूरोप में स्थित है, जहां मध्य यूरोप, बाल्कन (Balkans) से मिलता है। बुखारेस्ट इसकी राजधानी और सबसे बड़ा शहर है।
रोमानियाई (Romanian) आधिकारिक भाषा है, जबकि यूरो (euro) के बजाय रोमानियाई लियू (Romanian leu) मुद्रा बनी हुई है।
यह देश एक अर्ध-अध्यक्षीय गणराज्य (semi-presidential republic) है, जिसमें एक राष्ट्रपति राज्य का प्रमुख होता है और एक प्रधानमंत्री सरकार का नेतृत्व करता है।
स्थान और पड़ोसी
- उत्तर और पूर्व: रोमानिया की सीमा यूक्रेन के साथ लगती है।
- पूर्व: मोल्दोवा (Moldova) पूर्व में रोमानिया की सीमा से लगा है।
- दक्षिण: बुल्गारिया अधिकांश निचली डेन्यूब (Danube) सीमा के पार स्थित है।
- दक्षिण-पश्चिम: रोमानिया सर्बिया के साथ ज़मीनी सीमा साझा करता है।
- पश्चिम: हंगरी रोमानिया का पश्चिमी ज़मीनी पड़ोसी है।
- दक्षिण-पूर्व: रोमानिया का एक तट ब्लैक सी (Black Sea) पर स्थित है।
प्रमुख भौतिक विशेषताएं
Carpathian Mountains मध्य रोमानिया से होकर गुजरती हैं, जो ट्रांसिल्वेनियाई (Transylvanian) बेसिन को निचले बाहरी मैदानों से अलग करती हैं।
दक्षिणी कार्पेथियन (Southern Carpathians) के भीतर स्थित Moldoveanu Peak, 2,544 मीटर पर रोमानिया का सबसे ऊँचा बिंदु है।
Danube River रोमानिया की अधिकांश दक्षिणी सीमा बनाती है। यह फिर उत्तर और पूर्व की ओर ब्लैक सी की तरफ मुड़ जाती है।
Danube Delta रोमानिया और यूक्रेन में फैला हुआ है, जिसमें चैनल, नरकट (reed) के बिस्तर, झीलें और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण आर्द्रभूमि (wetlands) शामिल हैं।
एक संक्षिप्त कालानुक्रमिक (chronological) इतिहास
- 1859: मोल्दाविया (Moldavia) और वालाचिया (Wallachia) ने एक ही शासक चुना और एक राजनीतिक संघ बनाया।
- 1877–1878: रोमानिया ने स्वतंत्रता की घोषणा की, जिसे युद्ध के बाद अंतर्राष्ट्रीय मान्यता मिली।
- 1881: देश किंगडम ऑफ़ रोमानिया (Kingdom of Romania) बन गया।
- 1918: प्रथम विश्व युद्ध के बाद ट्रांसिल्वेनिया (Transylvania) और अन्य क्षेत्र शामिल हुए।
- 1947: राजशाही (monarchy) समाप्त हो गई, और एक कम्युनिस्ट गणराज्य (communist republic) स्थापित किया गया।
- 1989: एक क्रांति ने कम्युनिस्ट शासन को समाप्त कर दिया और लोकतांत्रिक संक्रमण (democratic transition) का मार्ग प्रशस्त किया।
- 2004: रोमानिया North Atlantic Treaty Organization (NATO) में शामिल हो गया।
- 2007: रोमानिया यूरोपीय संघ (European Union) का सदस्य बन गया।
- 31 मार्च 2024: रोमानिया ने हवाई और समुद्री सीमाओं पर आंतरिक शेंगेन (Schengen) जांच हटा दी।
- 1 जनवरी 2025: इसने आंतरिक ज़मीनी जांच हटा दी और पूर्ण शेंगेन (Schengen) सदस्य बन गया।
भारत के साथ संबंधों का इतिहास
भारत और रोमानिया ने 14 दिसम्बर 1948 को राजनयिक संबंध (diplomatic relations) स्थापित किए, जिसके बाद शैक्षिक, सांस्कृतिक, औद्योगिक और तकनीकी सहयोग हुआ।
रोमानियाई विश्वविद्यालय भारतीय मेडिकल और इंजीनियरिंग छात्रों को शिक्षित करते हैं, जबकि भारतीय पेशेवर और कंपनियाँ पूरे रोमानिया में काम करती हैं।
दोनों देश 2028 में राजनयिक संबंधों के अस्सी वर्ष पूरे करेंगे, जिसे India–Romania Year of Innovation के रूप में नामित किया गया है।
2026 की यात्रा के दौरान क्या हुआ?
- दोनों नेता तीन साल के भीतर द्विपक्षीय व्यापार (bilateral trade) को दोगुना करने की दिशा में काम करने पर सहमत हुए।
- उन्होंने मज़बूत व्यावसायिक संबंधों और अधिक लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं (resilient supply chains) का समर्थन किया।
- वे एक विज्ञान सहयोग कार्यक्रम के तहत संयुक्त अनुसंधान (joint research) का विस्तार करने पर सहमत हुए।
- University of Bucharest में एक Indian Studies Chair खोली जाएगी।
- Indian Council for Cultural Relations उस शैक्षणिक चेयर का समर्थन करेगी।
- एक नई समझ खेलों में द्विपक्षीय सहयोग को मज़बूत करेगी।
- भारत अपने तकनीकी कार्यक्रम के तहत रोमानिया के प्रशिक्षण अवसरों को दोगुना करेगा।
- उन्होंने रक्षा आदान-प्रदान, प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और घनिष्ठ उद्योग संबंधों का समर्थन किया।
Indian Technical and Economic Cooperation (ITEC) Programme ये प्रशिक्षण अवसर प्रदान करता है।
भारत के लिए रोमानिया क्यों महत्वपूर्ण है?
- रोमानिया यूरोपीय संघ (European Union) के बाज़ारों और औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखलाओं तक पहुँच प्रदान करता है।
- ब्लैक सी (Black Sea) में इसका स्थान इसे बढ़ता हुआ रणनीतिक और परिवहन महत्व देता है।
- इंजीनियरिंग, ऊर्जा, सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और विनिर्माण (manufacturing) में इसकी ताकत है।
- यह भारत के साथ शिक्षा, अनुसंधान और कुशल-श्रमिक साझेदारी का समर्थन कर सकता है।
भारत और यूरोपीय संघ ने 27 जनवरी 2026 को मुक्त-व्यापार वार्ता (free-trade negotiations) संपन्न की।
इस समझौते को लागू होने से पहले अभी भी कानूनी और घरेलू प्रक्रियाओं की आवश्यकता है।
निष्कर्ष
2026 की यात्रा ने व्यापार, अनुसंधान, शिक्षा और नवाचार (innovation) के माध्यम से एक पुरानी दोस्ती को व्यावहारिक सहयोग की ओर बढ़ाया।