ख़बरों में क्यों है?
8 अप्रैल 2026 को भारत और तुर्किये (Türkiye) ने लगभग चार वर्षों के अंतराल के बाद नई दिल्ली में उच्च-स्तरीय राजनयिक वार्ता (high-level diplomatic talks) फिर से शुरू की। 12वें दौर के विदेश कार्यालय परामर्श (Foreign Office Consultations) में व्यापार, पर्यटन, शिक्षा, प्रौद्योगिकी सहयोग (technology cooperation) और आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त प्रयासों (joint efforts against terrorism) पर चर्चा की गई। दोनों पक्ष अगली बैठक तुर्किये में आयोजित करने पर सहमत हुए, जो द्विपक्षीय संबंधों (bilateral relations) में एक रीसेट (reset) का संकेत देता है।
पृष्ठभूमि (Background)
तुर्किये (Türkiye) (जिसे पहले तुर्की - Turkey कहा जाता था) एक अंतरमहाद्वीपीय देश (transcontinental country) है जो दक्षिण-पूर्वी यूरोप और पश्चिमी एशिया में फैला है। यह पश्चिम में ग्रीस और बुल्गारिया, उत्तर-पूर्व में जॉर्जिया, आर्मेनिया और अज़रबैजान और दक्षिण में ईरान, इराक और सीरिया के साथ भूमि सीमा (land borders) साझा करता है। तुर्की जलडमरूमध्य (Turkish Straits) को नियंत्रित करने वाली अपनी रणनीतिक स्थिति (strategic position) के कारण, तुर्किये यूरोप, एशिया और मध्य पूर्व के बीच एक पुल के रूप में कार्य करता है। देश में मिश्रित अर्थव्यवस्था (mixed economy) के भीतर एक रिपब्लिकन संसदीय लोकतंत्र (republican parliamentary democracy) और एक बढ़ता हुआ निजी क्षेत्र (private sector) है।
परामर्श की मुख्य बातें (Highlights of the consultations)
- आर्थिक सहयोग (Economic cooperation): अधिकारियों ने व्यापार और निवेश संबंधों (investment ties) की समीक्षा की, पर्यटन, सूचना प्रौद्योगिकी और फार्मास्यूटिकल्स जैसे क्षेत्रों पर जोर दिया, और द्विपक्षीय वाणिज्य (bilateral commerce) का विस्तार करने के तरीके तलाशे।
- सांस्कृतिक आदान-प्रदान (Cultural exchange): चर्चाओं में लोगों से लोगों के संपर्क (people‑to‑people contact) को बढ़ाने के उद्देश्य से शिक्षा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को शामिल किया गया, जिसमें छात्रवृत्तियां (scholarships) और छात्र आदान-प्रदान (student exchanges) शामिल हैं।
- आतंकवाद का मुकाबला (Counter‑terrorism): दोनों पक्षों ने सीमा पार आतंकवाद (cross‑border terrorism) का मुकाबला करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और सुरक्षा (security) तथा कानून प्रवर्तन (law enforcement) में सहयोग को गहरा करने पर सहमत हुए।
- भविष्य की बैठकें (Future meetings): यह सहमति हुई कि अगले दौर के परामर्श की मेजबानी तुर्किये द्वारा की जाएगी, जो नियमित संवाद (regular dialogue) बनाए रखने में आपसी हित (mutual interest) को उजागर करता है।
महत्व (Significance)
- नए सिरे से जुड़ाव (Renewed engagement): यह परामर्श वर्षों के तनावपूर्ण संबंधों (strained ties) के बाद पिघलने (thaw) का प्रतीक है और व्यापार, प्रौद्योगिकी और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में सहयोग के रास्ते खोलता है।
- रणनीतिक महत्व (Strategic importance): यूरोप और एशिया के चौराहे (crossroads) पर तुर्किये का स्थान इसे क्षेत्र में भारत की कनेक्टिविटी और आर्थिक पहलों के लिए एक मूल्यवान भागीदार बनाता है।
- साझा चुनौतियां (Shared challenges): आतंकवाद से निपटने और क्षेत्रीय स्थिरता (regional stability) पर सहयोग दोनों देशों के हितों की पूर्ति करता है और व्यापक अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा (international security) में योगदान देता है।
स्रोत (Sources)
स्रोत: द हिंदू (The Hindu)