समाचार में क्यों?
India और Uzbekistan ने 13 May 2026 को नई दिल्ली में Foreign Office Consultations के 17वें दौर का आयोजन किया। वार्ता की सह-अध्यक्षता भारत के सचिव (पश्चिम), सिबी जॉर्ज और उज़्बेकिस्तान के प्रथम उप विदेश मंत्री, बख्रोमजोन अलोएव ने की। बैठक में द्विपक्षीय संबंधों और व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और प्रौद्योगिकी में सहयोग को मज़बूत करने के तरीकों की समीक्षा की गई, जो नई दिल्ली और ताशकंद (Tashkent) के बीच बढ़ते जुड़ाव को रेखांकित करता है।
पृष्ठभूमि
Uzbekistan एक लैंडलॉक मध्य एशियाई गणराज्य है जिसने 1991 में सोवियत संघ के पतन के बाद स्वतंत्रता प्राप्त की थी। इसकी सीमा उत्तर में कज़ाखस्तान, पूर्व में किर्गिज़स्तान और ताजिकिस्तान, दक्षिण में अफ़ग़ानिस्तान और पश्चिम में तुर्कमेनिस्तान से लगती है। लगभग 35 मिलियन (3.5 करोड़) लोगों की आबादी और प्राकृतिक गैस, सोने तथा कपास के समृद्ध भंडार के साथ, उज़्बेकिस्तान क्षेत्रीय राजनीति और व्यापार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भारत ने स्वतंत्रता के तुरंत बाद राजनयिक संबंध स्थापित किए थे और तब से विशेष रूप से “Connect Central Asia” नीति के माध्यम से आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को गहरा करने की मांग की है।
चर्चा के मुख्य बिंदु
- व्यापार और निवेश: दोनों पक्षों ने वर्तमान व्यापार मात्रा — 2024 में लगभग US$980 मिलियन, जो 2025 में बढ़कर लगभग US$1.3 बिलियन हो गई — की समीक्षा की और फार्मास्यूटिकल्स, वस्त्र और सूचना प्रौद्योगिकी में वाणिज्य के विस्तार के अवसरों पर चर्चा की।
- पर्यटन और लोगों के बीच संपर्क: भारत ने अधिक उज़्बेक पर्यटकों को वाराणसी और बोधगया जैसे विरासत स्थलों की यात्रा करने के लिए प्रोत्साहित किया, जबकि उज़्बेकिस्तान ने समरकंद (Samarkand) और बुखारा (Bukhara) जैसे अपने सिल्क रोड शहरों को बढ़ावा दिया।
- ऊर्जा और नवाचार: प्रतिनिधिमंडलों ने नवीकरणीय ऊर्जा (renewable energy) में सहयोग की खोज की और सौर तथा पवन ऊर्जा में संयुक्त परियोजनाओं के बारे में बात की। उज़्बेकिस्तान ने Unified Payments Interface (UPI) जैसे भारत के डिजिटल पब्लिक गुड्स में रुचि व्यक्त की।
- क्षेत्रीय मुद्दे: उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान में घटनाक्रमों और मध्य एशिया की कनेक्टिविटी पहलों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया, तथा स्थिरता और खुले व्यापार मार्गों की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।
निष्कर्ष
परामर्श ने India‑Uzbekistan संबंधों के रणनीतिक महत्व की पुष्टि की। आर्थिक सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता पर ध्यान केंद्रित करके, दोनों देशों का लक्ष्य एक व्यापक साझेदारी का निर्माण करना है जो उनके लोगों को लाभान्वित करे और मध्य एशियाई कनेक्टिविटी में योगदान दे।