Environment

Indian Wolf: सुभेद्य स्थिति, घास के मैदान और वन्यजीव संघर्ष

Indian Wolf: सुभेद्य स्थिति, घास के मैदान और वन्यजीव संघर्ष

खबरों में क्यों?

इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (IUCN) ने 2025 का आकलन जारी किया जिसमें भारतीय भेड़िये (Indian wolf) को एक अलग टैक्सोन (taxon) के रूप में माना गया और इसे सुभेद्य (Vulnerable) के रूप में वर्गीकृत किया गया। आकलन में भारत और पाकिस्तान में केवल 2,877-3,310 परिपक्व (mature) व्यक्तियों का अनुमान लगाया गया है, जिसमें उनकी सीमा का 13 प्रतिशत से भी कम संरक्षित क्षेत्रों (protected areas) के अंतर्गत आता है। संरक्षणवादियों ने आवास के नुकसान और मानव संघर्ष के कारण निरंतर गिरावट की चेतावनी दी है।

पृष्ठभूमि

भारतीय भेड़िया (Canis lupus pallipes) ग्रे भेड़िये (grey wolf) का एक प्राचीन वंश है जो लगभग 110 हजार साल पहले अन्य भेड़ियों से अलग हो गया था। दो आबादी (populations) मौजूद हैं: एक हिमालयी क्षेत्र में (लगभग 400-1,100 जानवर) और प्रायद्वीपीय भारत के अर्ध-शुष्क घास के मैदानों (semi-arid grasslands) और झाड़ियों (scrublands) में लगभग 4,000-6,000 का एक बड़ा समूह। इन भेड़ियों का एक भूरा कोट और छोटा कद होता है जो गर्म, खुले मैदानों के अनुकूल होता है।

पारिस्थितिकी और खतरे

  • आवास (Habitat): भारतीय भेड़िये झाड़ियों, कांटेदार जंगलों (thorn forests) और अर्ध-शुष्क घास के मैदानों में निवास करते हैं। अधिकांश संरक्षित क्षेत्रों के बाहर रहते हैं, अक्सर चरवाहों (pastoralists) के साथ जगह साझा करते हैं।
  • आहार और संघर्ष: वे मृग (antelopes), खरगोश और छोटे स्तनधारियों का शिकार करते हैं, लेकिन जंगली शाकाहारियों (wild herbivores) की गिरावट के कारण तेजी से पशुओं का शिकार करते हैं, जिससे चरवाहों (shepherds) के साथ संघर्ष होता है। पशुधन के नुकसान के लिए पर्याप्त मुआवजा सहिष्णुता (tolerance) में सुधार कर सकता है।
  • खतरे (Threats): प्रमुख खतरों में कृषि और विकास के लिए आवास का नुकसान, पशुओं के शिकार (livestock predation) के प्रतिशोध में उत्पीड़न, जंगली कुत्तों (feral dogs) से संकरण (hybridisation) और रोग संचरण, और वन्यजीव गलियारों (wildlife corridors) की कमी वाले परिदृश्यों में सड़क पर मौत शामिल हैं।
  • संरक्षण स्थिति (Conservation status): भेड़िये के वितरण का केवल 12 प्रतिशत ही संरक्षित क्षेत्रों के अंदर है, जो समुदाय-आधारित संरक्षण और आवास गलियारों को इसके अस्तित्व के लिए आवश्यक बनाता है।

महत्व

  • भारतीय भेड़िया सबसे पुराने भेड़िया वंशों में से एक है और चरागाह पारिस्थितिक तंत्र (grassland ecosystems) में एक शीर्ष शिकारी (apex predator) है, जो शाकाहारी आबादी को विनियमित करने में मदद करता है।
  • भेड़ियों की रक्षा करने से भारत के कम होते घास के मैदानों और काले हिरण (blackbuck) और ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (great Indian bustard) जैसी संबद्ध प्रजातियों (associated species) का संरक्षण हो सकता है।

स्रोत: The Hindu

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