पर्यावरण

Indravati Tiger Reserve: छत्तीसगढ़, जंगली जल भैंस और पर्यावरण पर्यटन

Indravati Tiger Reserve: छत्तीसगढ़, जंगली जल भैंस और पर्यावरण पर्यटन

ख़बरों में क्यों है?

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में सुरक्षा में सुधार के साथ, अधिकारियों ने पर्यटकों के लिए इंद्रावती टाइगर रिजर्व (Indravati Tiger Reserve) को फिर से खोलने की योजना की घोषणा की। माओवादी उग्रवाद (Maoist insurgency) के कारण यह रिजर्व वर्षों से काफी हद तक दुर्गम था। अधिकारी अब नदी के किनारे एक पर्यटन गांव (tourism village) बनाने का प्रस्ताव कर रहे हैं, जो इको-पर्यटन (eco-tourism) के अवसर प्रदान करेगा और स्थानीय युवाओं को गाइड के रूप में प्रशिक्षित करेगा।

पृष्ठभूमि (Background)

इंद्रावती टाइगर रिजर्व दक्षिणी छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले (Bijapur district) में स्थित है। यह 1981 में इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान के रूप में शुरू हुआ और 1983 में प्रोजेक्ट टाइगर (Project Tiger) कार्यक्रम के तहत इसे टाइगर रिजर्व घोषित किया गया। इंद्रावती नदी के नाम पर, जो इसकी उत्तरी सीमा के साथ बहती है, यह संरक्षित क्षेत्र लगभग 2,799 वर्ग किमी में फैला हुआ है। यह मध्य भारत में जंगली जल भैंसों (wild water buffaloes) के अंतिम गढ़ों (strongholds) में से एक है और बाघों, तेंदुओं, भालू (sloth bears), चित्तीदार हिरण (spotted deer) और कई पक्षी प्रजातियों के लिए आवास प्रदान करता है।

प्रमुख पहल (Key initiatives)

  • पर्यटन गांव (Tourism village): योजनाओं में इंद्रावती नदी के पास एक मॉडल गांव (model village) स्थापित करना शामिल है ताकि होमस्टे (homestays), सांस्कृतिक अनुभव और प्रकृति ट्रेल्स (nature trails) प्रदान किए जा सकें, यह सुनिश्चित करते हुए कि पर्यटन से स्थानीय समुदायों को लाभ मिले।
  • इको-पर्यटन प्रशिक्षण (Eco‑tourism training): आसपास के गांवों के युवाओं को नेचर गाइड (nature guides), ड्राइवर और हॉस्पिटैलिटी स्टाफ (hospitality staff) के रूप में प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे उन्हें संरक्षण (conservation) को बढ़ावा देते हुए आजीविका कमाने में मदद मिलेगी।
  • बुनियादी ढांचे का विकास (Infrastructure development): उग्रवाद के कारण वर्षों की उपेक्षा के बाद, सुरक्षित यात्रा और वन्यजीवों की निगरानी (wildlife monitoring) को सुविधाजनक बनाने के लिए सड़कों, शिविरों और वॉचटावर (watchtowers) में सुधार किया जा रहा है।

महत्व (Importance)

  • संरक्षण (Conservation): पार्क को फिर से खोलने से आवास प्रबंधन और अवैध शिकार विरोधी प्रयासों (anti-poaching efforts) के लिए धन उपलब्ध होता है, जो जंगली भैंस जैसी दुर्लभ प्रजातियों की रक्षा करने में मदद करता है।
  • सामुदायिक जुड़ाव (Community engagement): पर्यटन में स्थानीय लोगों को शामिल करके, अधिकारियों का उद्देश्य वन शोषण (forest exploitation) के आर्थिक विकल्प तैयार करना और संरक्षण के लिए समर्थन बनाना है।
  • सांस्कृतिक आदान-प्रदान (Cultural exchange): आगंतुक (Visitors) प्रकृति का आनंद लेते हुए रिजर्व के आसपास रहने वाले स्वदेशी समुदायों (indigenous communities) की परंपराओं के बारे में जान सकते हैं।

स्रोत (Sources)

स्रोत: टीओआई (TOI)

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