रक्षा Naval Capabilities

INS Kalpeni: Indian Navy Fast Attack Craft और SAGAR पहल

INS Kalpeni: Indian Navy Fast Attack Craft और SAGAR पहल

समाचार में क्यों?

अप्रैल 2026 में Indian Navy का फास्ट अटैक क्राफ्ट INS Kalpeni मालदीव (Maldives) के अड्डू एटोल (Addu Atoll) में गन (Gan) बंदरगाह पर पहुंचा। यह यात्रा भारत की “Security and Growth for All in the Region” (SAGAR) पहल का हिस्सा है और मालदीव के साथ घनिष्ठ रक्षा सहयोग को रेखांकित करती है। इस जहाज का आगमन एक अन्य नौसेना जहाज, INS Sudarshini के कैनरी आइलैंड्स (Canary Islands) में विदेशी तैनाती के दौरान पोर्ट कॉल के साथ हुआ।

पृष्ठभूमि

INS Kalpeni कोलकाता में गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स द्वारा निर्मित 10 फ्लीट कैट कार निकोबार-क्लास वाटरजेट फास्ट अटैक क्राफ्ट (Fleet Cat Nicobar-class waterjet fast attack craft) में से एक है। इसे 14 अक्टूबर 2010 को नौसेना में शामिल किया गया था और इसका नाम लक्षद्वीप द्वीपसमूह में कल्पेनी द्वीप (Kalpeni Island) के नाम पर रखा गया है। दक्षिणी नौसेना कमान (Southern Naval Command) के तहत कोच्चि में स्थित इस क्राफ्ट का विस्थापन (displacement) लगभग 325 टन है और यह 35 समुद्री मील (knots) से अधिक की गति प्राप्त कर सकता है।

डिजाइन और क्षमताएं

  • वाटरजेट प्रोपल्शन: दो बड़े वाटरजेट जहाज को उथले तटीय पानी में जल्दी से पैंतरेबाज़ी करने में सक्षम बनाते हैं, जो इसे तटीय संचालन (littoral operations) के लिए आदर्श बनाते हैं।
  • आयुध: Kalpeni सतह पर संघर्ष के लिए 30 मिमी CRN-91 तोप और कई मध्यम और भारी मशीन गन से सुसज्जित है। कंधे से दागी जाने वाली इगला (Igla) मिसाइलें सीमित हवाई रक्षा प्रदान करती हैं।
  • भूमिकाएं: यह क्राफ्ट तटीय निगरानी, तस्करी विरोधी और अवैध शिकार विरोधी गश्त, खोज-और-बचाव मिशन तथा नौसैनिक उपस्थिति संचालन का संचालन करता है। यह संदिग्ध जहाजों की बोर्डिंग और निरीक्षण भी कर सकता है।
  • चालक दल और समर्थन: लगभग 45 कर्मियों का एक दल इस क्राफ्ट का संचालन करता है। कोच्चि में सहायक सुविधाएं रखरखाव और प्रशिक्षण को सक्षम बनाती हैं।

हालिया यात्रा का महत्व

अड्डू एटोल (Addu Atoll) में Kalpeni का आगमन हिंद महासागर में द्वीप राष्ट्रों की सहायता करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को उजागर करता है। ऐसी यात्राएं अंतर-संचालन क्षमता (interoperability), सद्भावना और समुद्री डोमेन जागरूकता को बढ़ावा देती हैं। SAGAR के तहत, सुरक्षित और स्थिर पड़ोस सुनिश्चित करने के लिए भारत ने क्षेत्रीय भागीदारों को प्रशिक्षण, संयुक्त गश्त और क्षमता निर्माण की पेशकश की है।

स्रोत: The Times of India

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