चर्चा में क्यों?
भारतीय नौसेना के स्टील्थ फ्रिगेट (stealth frigate) INS तरकश ने 15 जून 2026 को विक्टोरिया, सेशेल्स (Seychelles) की अपनी बंदरगाह यात्रा (port call) संपन्न की। यात्रा के दौरान जहाज के चालक दल ने सेशेल्स रक्षा बलों (Seychelles Defence Forces) के साथ पेशेवर आदान-प्रदान में भाग लिया, जनता के लिए ओपन डे की मेजबानी की और सामुदायिक आउटरीच कार्यक्रमों (community outreach programmes) का आयोजन किया। इस यात्रा ने हिंद महासागर क्षेत्र के लिए अपने "महासागर" (MAHASAGAR) दृष्टिकोण के तहत समुद्री सहयोग के प्रति भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
पृष्ठभूमि
INS तरकश रूस के कैलिनिनग्राद (Kaliningrad) में यंतर शिपयार्ड (Yantar Shipyard) में निर्मित एक तलवार-श्रेणी का गाइडेड-मिसाइल फ्रिगेट (Talwar-class guided-missile frigate) है, जिसे नवंबर 2012 में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था। यह 2006 में हस्ताक्षरित भारत-रूस समझौते (Indo-Russian agreement) के तहत ऑर्डर किए गए तीन फ्रिगेट में से दूसरा है। स्टील्थ विशेषताओं के साथ डिज़ाइन किया गया यह जहाज ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल (BrahMos supersonic cruise missiles), श्टिल (Shtil) सतह-से-हवा में मार करने वाली मिसाइल, 100-मिलीमीटर नौसैनिक बंदूक, पनडुब्बी रोधी रॉकेट (anti-submarine rockets) और टॉरपीडो (torpedoes) ले जाता है। इसने हॉर्न ऑफ अफ्रीका (Horn of Africa) में समुद्री डकैती रोधी गश्त (anti-piracy patrols), अंतर्राष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास और मानवीय सहायता मिशनों में भाग लिया है।
सेशेल्स यात्रा की मुख्य बातें
- पेशेवर बातचीत (Professional interaction): INS तरकश के अधिकारियों ने समुद्री सुरक्षा (maritime security) और आपदा प्रतिक्रिया (disaster response) पर ध्यान केंद्रित करते हुए, प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए और सेशेल्स के नाविकों के साथ सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान किया।
- सामुदायिक आउटरीच (Community outreach): चालक दल ने चिकित्सा शिविर आयोजित किए, बुनियादी स्वास्थ्य सेवा प्रदान की और स्थानीय समुदायों को दवाएं और आवश्यक आपूर्ति वितरित की।
- ओपन डे (Open day): 13 जून को यह जहाज आगंतुकों के लिए खोला गया था, जिससे छात्रों और भारतीय प्रवासियों के सदस्यों को नौसैनिक अभियानों के बारे में जानने का अवसर मिला।
- सांस्कृतिक संध्या (Cultural evening): जहाज पर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में भारतीय संगीत और नृत्य का प्रदर्शन किया गया, जिसमें सेशेल्स के उपराष्ट्रपति और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया।
- रणनीतिक महत्व (Strategic significance): इस यात्रा ने भारत और सेशेल्स के बीच संबंधों को मजबूत किया, जो समुद्री सुरक्षा और ब्लू-इकोनॉमी (blue-economy) सहयोग पर समान चिंताएं साझा करते हैं।
निष्कर्ष
भारतीय नौसैनिक जहाजों की बंदरगाह यात्राएं कूटनीतिक (diplomatic), सुरक्षा और मानवीय उद्देश्यों की पूर्ति करती हैं। INS तरकश की सेशेल्स यात्रा ने हिंद महासागर में नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर (net security provider) के रूप में भारत की भूमिका को रेखांकित किया और सामुदायिक आउटरीच के माध्यम से सद्भावना (goodwill) बनाने में मदद की। निरंतर नौसैनिक सहयोग से क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक विकास को लाभ होगा।