समाचार में क्यों?
International Big Cat Alliance (IBCA) 1-2 जून 2026 को नई दिल्ली में अपना उद्घाटन शिखर सम्मेलन आयोजित करेगा। 25 रेंज देशों और पर्यवेक्षक राष्ट्रों के प्रतिनिधि दिल्ली घोषणा (Delhi Declaration) को अपनाने के लिए बैठक करेंगे, जो बड़ी बिल्लियों (big cats) के संरक्षण के लिए समर्पित पहला वैश्विक दस्तावेज़ है। मई 2026 में हुई इस घोषणा ने शेर, बाघ, तेंदुआ और अन्य बड़ी बिल्लियों की मेजबानी करने वाले देशों को एक साथ लाने में भारत के नेतृत्व की ओर ध्यान आकर्षित किया。
पृष्ठभूमि
गठबंधन को 9 अप्रैल 2023 को भारत सरकार द्वारा मैसूर में लॉन्च किया गया था। इसका उद्देश्य सात बड़ी बिल्लियों – बाघ, शेर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ (snow leopard), चीता, जगुआर और प्यूमा – की आबादी वाले 95 देशों के बीच प्रयासों का समन्वय करना है। International Solar Alliance की तर्ज पर तैयार किया गया IBCA, भारत की ओर से 150 करोड़ रुपये की एकमुश्त वित्तीय सहायता के साथ एक संधि-आधारित संगठन के रूप में स्थापित किया गया था。
गठबंधन के स्तंभ
- वैश्विक सहयोग को मजबूत करना: सदस्य देश आवास संरक्षण, अवैध शिकार विरोधी गश्त (anti‑poaching patrols) और समुदाय-आधारित पर्यटन पर सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करते हैं। यह गठबंधन दक्षिण-दक्षिण (South-South) सहयोग और जैव विविधता व जलवायु समझौतों के साथ संरेखण को भी प्रोत्साहित करता है।
- नीतिगत तालमेल और संसाधन जुटाना: दिल्ली घोषणा संयुक्त वित्त पोषण तंत्र को बढ़ावा देगी और संरक्षण योजनाओं को राष्ट्रीय विकास रणनीतियों में एकीकृत करेगी। यह आवासों को बहाल करने, कनेक्टिविटी में सुधार करने और अवैध वन्यजीव व्यापार का मुकाबला करने के लिए अंतरराष्ट्रीय वित्त की मांग करता है।
- सामुदायिक जुड़ाव: बड़ी बिल्लियाँ अक्सर संरक्षित क्षेत्रों के बाहर घूमती हैं। IBCA स्थानीय समुदायों को निगरानी में शामिल करके और इको-टूरिज्म जैसे टिकाऊ आजीविका विकल्प बनाकर सह-अस्तित्व पर जोर देता है।
- ज्ञान का आदान-प्रदान: अनुसंधान और प्रशिक्षण कार्यक्रम आनुवंशिकी (genetics), रोग निगरानी और 'रीवाइल्डिंग' (rewilding) पर ध्यान केंद्रित करेंगे। वैज्ञानिकों और पार्क प्रबंधकों का एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क रेंज राज्यों में निगरानी का समर्थन करेगा।
महत्व
बड़ी बिल्लियाँ शीर्ष शिकारी (apex predators) हैं जो अपने निवास वाले पारिस्थितिक तंत्र का संतुलन बनाए रखती हैं। भारत सात प्रजातियों में से पांच का घर है और Project Tiger के माध्यम से बाघों की संख्या सफलतापूर्वक बढ़ाई है। IBCA का नेतृत्व करके, भारत अपने संरक्षण मॉडल को विश्व स्तर पर विस्तारित करना चाहता है और यह प्रदर्शित करना चाहता है कि वन्यजीवों की सुरक्षा विकास के साथ-साथ चल सकती है। आगामी शिखर सम्मेलन और दिल्ली घोषणा इन करिश्माई जानवरों और उनके आवासों की रक्षा के लिए वैश्विक संकल्प को मजबूत कर सकती है。