Defence

Iran Sejjil Missile: सॉलिड-फ्यूल MRBM, इज़राइल पर हमला और मध्य पूर्व

Iran Sejjil Missile: सॉलिड-फ्यूल MRBM, इज़राइल पर हमला और मध्य पूर्व

चर्चा में क्यों?

16 मार्च 2026 को, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (Islamic Revolutionary Guard Corps) ने घोषणा की कि उसने मध्य पूर्व में इजरायली ठिकानों के खिलाफ जवाबी हमलों के दौरान सेज्जिल मिसाइलों का इस्तेमाल किया है। इस स्वदेशी मिसाइल के उपयोग ने क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा दिया है और इसकी क्षमताओं और उत्पत्ति के बारे में सवाल खड़े कर दिए हैं।

पृष्ठभूमि

सेज्जिल मिसाइल (Sejjil missile) ईरान द्वारा विकसित दो-चरणों वाली, ठोस-ईंधन मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल (solid-fuel medium-range ballistic missile - MRBM) है। इस डिजाइन पर काम संभवतः 1990 के दशक के अंत में शुरू हुआ था, जो पहले के ज़ेलज़ाल (Zelzal) रॉकेट परियोजनाओं पर आधारित था। पहली परीक्षण उड़ान नवंबर 2008 में हुई थी, और 2009 और बाद के वर्षों में हुए परीक्षणों ने इसकी सीमा और मार्गदर्शन में सुधार प्रदर्शित किया। चूंकि यह ठोस प्रणोदक (solid propellant) का उपयोग करती है, इसलिए मिसाइल को अपेक्षाकृत कम तैयारी के साथ मोबाइल सड़क वाहनों (mobile road vehicles) से ले जाया जा सकता है और लॉन्च किया जा सकता है।

प्रमुख विशेषताएं

  • संरचना: दो-चरणों वाली, ठोस-प्रणोदक बैलिस्टिक मिसाइल, जो लगभग 18 मीटर लंबी है और जिसका व्यास 1.25 मीटर है।
  • रेंज और पेलोड: अनुमानित सीमा लगभग 2,000 किलोमीटर है, कुछ स्रोतों का सुझाव है कि यह 2,500 किलोमीटर तक पहुंच सकती है। यह लगभग 700 किलोग्राम का वारहेड ले जा सकती है।
  • मार्गदर्शन (Guidance): मिसाइल इनर्शियल नेविगेशन (inertial navigation) और जेट-वेन कंट्रोल (jet-vane control) का उपयोग करती है; बाद के संस्करणों में उन्नत सेंसर और मार्गदर्शन प्रणाली है जिससे वारहेड को पैंतरेबाज़ी (manoeuvre) करने की अनुमति मिलती है, जिससे इसे रोकना मुश्किल हो जाता है।
  • गतिशीलता: सेज्जिल को रोड-मोबाइल ट्रांसपोर्ट-इरेक्टर-लॉन्चर (transport-erector-launcher) वाहनों से लॉन्च किया जाता है, जो इसे अलग-अलग स्थानों पर फैलाव की अनुमति देकर जीवित रहने की क्षमता (survivability) बढ़ाता है।

हालिया हमले का महत्व

मार्च 2026 का हमला सेज्जिल मिसाइलों का पहला पुष्टि किया गया परिचालन उपयोग (operational use) था। तरल-ईंधन वाली मिसाइलों (liquid-fuel missiles) की तुलना में ठोस ईंधन का उपयोग लॉन्च की तैयारी के समय को कम करता है, जिससे ईरान जल्दी प्रतिक्रिया दे सकता है। 2,000 किमी की सीमा मध्य पूर्व भर में, इज़राइल सहित, लक्ष्यों को अपनी पहुँच में लाती है। विश्लेषक इस हमले को विरोधियों को रोकने और अपने ही क्षेत्र के भीतर से हमला करने की ईरान की बढ़ती क्षमता के संकेत के रूप में देखते हैं।

स्रोत: The Economic Times

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