विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (Science & Technology)

Isobutanol Biofuel: डीजल सम्मिश्रण, जीवाश्म ईंधन स्वतंत्रता और ऊर्जा सुरक्षा

Isobutanol Biofuel: डीजल सम्मिश्रण, जीवाश्म ईंधन स्वतंत्रता और ऊर्जा सुरक्षा

समाचारों में क्यों?

भारत के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (Ministry of Road Transport and Highways) ने घोषणा की कि वह 2026 के अंत तक डीजल के साथ आइसोबुटानॉल (isobutanol) को मिलाने के जनादेश (mandate) पर गंभीरता से विचार कर रहा है। यह प्रस्ताव इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल (ethanol‑blended petrol) की सफलता के बाद आया है और इसका उद्देश्य भारी वाहनों से होने वाले उत्सर्जन (emissions) में कटौती करते हुए आयातित जीवाश्म ईंधन (imported fossil fuels) पर देश की निर्भरता को कम करना है।

पृष्ठभूमि

आइसोबुटानॉल (रासायनिक सूत्र C4H10O) एक चार-कार्बन अल्कोहल है और ब्यूटेनॉल (butanol) के आइसोमर्स (isomers) में से एक है। गन्ने, मकई या कृषि अपशिष्ट जैसे बायोमास (biomass) के किण्वन (fermentation) के माध्यम से उत्पादित, यह रासायनिक रूप से इथेनॉल (ethanol) के समान है लेकिन इसमें महत्वपूर्ण अंतर हैं। इसमें प्रति लीटर अधिक ऊर्जा होती है और यह इथेनॉल की तुलना में कम संक्षारक (corrosive) और कम हाइग्रोस्कोपिक (hygroscopic) है। ये गुण आइसोबुटानॉल को डीजल के लिए एक आशाजनक योजक (additive) बनाते हैं, जो इथेनॉल के साथ आसानी से नहीं मिल सकता है。

गुण (Properties)

  • भौतिक विशेषताएं (Physical characteristics): आइसोबुटानॉल एक हल्का मादक गंध वाला एक स्पष्ट, रंगहीन तरल है। यह पानी में मध्यम रूप से घुलनशील है, अत्यधिक ज्वलनशील है और इसका फ्लैश प्वाइंट (flash point) कमरे के तापमान से थोड़ा ऊपर है।
  • ऊर्जा सामग्री (Energy content): चूंकि इसमें इथेनॉल की तुलना में अधिक ऊर्जा घनत्व है, इसलिए आइसोबुटानॉल और डीजल का मिश्रण प्रति इकाई ईंधन में अधिक शक्ति प्रदान कर सकता है।
  • अनुकूलता (Compatibility): आइसोबुटानॉल बिना किसी विशेष योजक के डीजल के साथ समान रूप से मिश्रित होता है और इथेनॉल की तुलना में ईंधन लाइनों (fuel lines) और इंजन घटकों (engine components) में कम क्षरण (corrosion) का कारण बनता है।

अनुप्रयोग (Applications)

  • औद्योगिक विलायक (Industrial solvent): आइसोबुटानॉल का व्यापक रूप से वार्निश (varnishes), लाख (lacquers), पेंट रिमूवर (paint removers) और रेजिन (resins) के उत्पादन में उपयोग किया जाता है। यह प्लास्टिसाइज़र (plasticisers) और स्नेहक (lubricants) बनाने के लिए फीडस्टॉक (feedstock) के रूप में भी कार्य करता है।
  • भोजन और सुगंध (Food and fragrance): यौगिक (compound) कुछ फलों और मादक पेय पदार्थों में स्वाभाविक रूप से होता है और कम सांद्रता में खाद्य स्वाद एजेंट के रूप में अनुमोदित है।
  • जैव ईंधन (Biofuel): क्लीनर-बर्निंग ईंधन (cleaner‑burning fuel) बनाने के लिए आइसोबुटानॉल को डीजल के साथ मिलाया जा सकता है। इथेनॉल की तुलना में, इसमें उच्च फ्लैश प्वाइंट, कम वाष्प दबाव (vapour pressure) और डीजल के साथ बेहतर मिश्रण क्षमता (miscibility) है। ये गुण चरण पृथक्करण (phase separation) को कम करते हैं और मौजूदा पाइपलाइनों के माध्यम से परिवहन करना आसान बनाते हैं।

भारत आइसोबुटानॉल सम्मिश्रण की खोज क्यों कर रहा है

  • ऊर्जा सुरक्षा (Energy security): भारत अपने कच्चे तेल का 85% से अधिक आयात करता है। पेट्रोलियम खपत में डीजल का हिस्सा लगभग 40% है। आइसोबुटानॉल जैसे घरेलू उत्पादित जैव ईंधन का सम्मिश्रण आयात निर्भरता (import dependence) को कम कर सकता है।
  • पर्यावरणीय लाभ (Environmental benefits): आइसोबुटानॉल-डीजल मिश्रण से शुद्ध डीजल की तुलना में कम कण और ग्रीनहाउस गैसों (greenhouse gases) का उत्सर्जन होने की उम्मीद है। सफल सम्मिश्रण परीक्षण (blending trials) परिवहन को डीकार्बोनाइज (decarbonise transport) करने के भारत के अभियान के पूरक हो सकते हैं।
  • इथेनॉल से सबक (Lessons from ethanol): E20 पेट्रोल (पेट्रोल के साथ 20% इथेनॉल मिश्रित) को 2026 में पूरे भारत में शुरू किया गया था, लेकिन खराब मिश्रण क्षमता के कारण डीजल के साथ इथेनॉल को मिलाने के प्रयास विफल रहे। आइसोबुटानॉल एक बेहतर रासायनिक मेल (chemical match) प्रदान करता है और मामूली संशोधनों के साथ मौजूदा डीजल इंजनों में काम कर सकता है।
  • चुनौतियां (Challenges): ऑटोमोटिव विशेषज्ञों (Automotive experts) ने चेतावनी दी है कि यदि मिश्रित डीजल का लंबे समय तक उपयोग नहीं किया जाता है तो पुराने इंजनों में जंग लग सकता है। आइसोबुटानॉल वर्तमान में डीजल की तुलना में अधिक महंगा है, इसलिए संक्रमण के दौरान सरकारी सहायता या मूल्य प्रोत्साहन (price incentives) की आवश्यकता हो सकती है।

निष्कर्ष

आइसोबुटानॉल भारत को अपने ईंधन मिश्रण (fuel mix) में विविधता लाने का एक दिलचस्प अवसर प्रस्तुत करता है। उच्च ऊर्जा सामग्री और इथेनॉल की तुलना में डीजल के साथ बेहतर संगतता के साथ, यह देश की जैव ईंधन रणनीति (biofuel strategy) की आधारशिला बन सकता है। एक सुचारू रोलआउट (smooth rollout) सुनिश्चित करने के लिए सावधानीपूर्वक परीक्षण, इंजन समायोजन और स्पष्ट मूल्य निर्धारण नीतियां आवश्यक होंगी।

स्रोत

HT

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