पर्यावरण (Environment)

Jal Sanchay Jan Bhagidari: जल संरक्षण, सामुदायिक पुनर्भरण और पहल

Jal Sanchay Jan Bhagidari: जल संरक्षण, सामुदायिक पुनर्भरण और पहल

चर्चा में क्यों?

जल संचय जन भागीदारी (Jal Sanchay Jan Bhagidari - JSJB) पहल ने गति पकड़ना जारी रखा है क्योंकि राज्य हजारों वर्षा जल संचयन संरचनाओं (rainwater harvesting structures) के निर्माण के लिए काम कर रहे हैं। सितंबर 2024 में प्रधान मंत्री द्वारा शुरू की गई, JSJB नागरिकों, स्थानीय निकायों और सरकारों को जल संसाधनों के संरक्षण के लिए मिलकर काम करने के लिए प्रोत्साहित करती है। हालिया प्रगति रिपोर्ट हजारों रिचार्ज संरचनाओं के निर्माण और समुदायों की बढ़ती भागीदारी को उजागर करती है।

पृष्ठभूमि

तेजी से जनसंख्या वृद्धि, असमान वर्षा और भूजल के अत्यधिक दोहन के कारण भारत को पानी के भारी संकट का सामना करना पड़ रहा है। इसे संबोधित करने के लिए, सरकार ने "कम करें, पुन: उपयोग करें, रिचार्ज करें, रीसायकल करें (Reduce, Reuse, Recharge, Recycle)" संदेश के साथ जल संचय जन भागीदारी पहल शुरू की। इसका उद्देश्य टॉप-डाउन योजनाओं के बजाय जनभागीदारी के माध्यम से संरक्षण को बढ़ावा देना है। यह कार्यक्रम जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission), अटल भूजल योजना (Atal Bhujal Yojana) और वाटरशेड विकास कार्यक्रमों (watershed development programmes) जैसे मौजूदा प्रयासों का पूरक है।

पहल की मुख्य विशेषताएं

  • समुदाय के नेतृत्व वाली संरचनाएं: राज्य और स्थानीय निकाय वर्षा जल को जमा करने और जलभृतों (aquifers) को फिर से भरने के लिए रिचार्ज पिट्स, चेक डैम, रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम और बोरवेल रिचार्ज शाफ्ट का निर्माण कर रहे हैं। ऐसी 24,000 से अधिक संरचनाओं की सूचना दी गई है।
  • जन भागीदारी: समुदाय के सदस्य, स्कूल, पंचायतें और उद्योग सक्रिय रूप से जल संरक्षण संरचनाओं की योजना बनाने, निर्माण करने और रखरखाव में शामिल हैं। जागरूकता अभियान जल बजट (water budgeting) को बढ़ावा देते हैं और लोगों को पानी बचाने की आदतें अपनाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
  • मान्यता और पुरस्कार: भागीदारी को प्रेरित करने के लिए, कार्यक्रम जल संरक्षण में अनुकरणीय कार्य दिखाने वाले जिलों और पंचायतों को मान्यता देता है। निष्पक्ष तुलना के लिए राज्यों को जोनों में बांटा गया है।
  • डिजिटल ट्रैकिंग: एक समर्पित पोर्टल अधिकारियों और नागरिकों को संरचनाओं को जियोटैग (geotag) करने, प्रगति की तस्वीरें अपलोड करने और जल स्तर की निगरानी करने की अनुमति देता है। पारदर्शी ट्रैकिंग से कमियों की पहचान करने और सर्वोत्तम प्रथाओं को दोहराने में मदद मिलती है।
  • अन्य योजनाओं के साथ एकीकरण: JSJB सूक्ष्म-सिंचाई (micro-irrigation), वाटरशेड प्रबंधन, वृक्षारोपण और ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देने वाली योजनाओं के साथ मिलकर काम करता है, जो संसाधनों का अभिसरण (convergence) सुनिश्चित करता है।

निष्कर्ष

जल संचय जन भागीदारी पहल इस बात पर जोर देती है कि जल संरक्षण हर किसी की जिम्मेदारी है। पारंपरिक ज्ञान के साथ आधुनिक तकनीकों का संयोजन करके और जनभागीदारी को प्रोत्साहित करके, भारत का लक्ष्य एक लचीला जल भविष्य (resilient water future) बनाना है। JSJB की सफलता आने वाले वर्षों में निरंतर सामुदायिक जुड़ाव और रिचार्ज संरचनाओं की निगरानी पर निर्भर करेगी।

स्रोत

The Hindu

Home Current Affairs 📰 Daily News 🎬 Watch Shorts 📊 Economic Survey 2025-26 Subjects 📚 All Subjects ⚖️ Indian Polity 💹 Economy 🌍 Geography 🌿 Environment 📜 History Exam Info 📋 Syllabus 2026 📝 Prelims Syllabus ✍️ Mains Syllabus ✅ Eligibility Resources 📖 Booklist 📊 Exam Pattern 📄 Previous Year Papers ▶️ YouTube Channel
Sign In / Open Web App