खबरों में क्यों?
मार्च 2026 में कश्मीर घाटी में झेलम नदी कई निगरानी स्टेशनों (monitoring stations) पर शून्य गेज (zero gauge) से नीचे गिर गई - जो कि शुरुआती वसंत (early spring) के लिए एक असामान्य घटना है। मौसम विज्ञानियों (Meteorologists) ने इस गिरावट का कारण असामान्य रूप से उच्च तापमान (abnormally high temperatures) और सर्दियों में बर्फबारी कम होने (reduced winter snowfall) को बताया, जिससे जल सुरक्षा (water security) और जलवायु परिवर्तन (climate change) के बारे में चिंताएं पैदा हो गई हैं।
पृष्ठभूमि
झेलम नदी, जिसे संस्कृत में वितस्ता (Vitasta) और प्राचीन यूनानियों द्वारा हाइडेस्पेस (Hydaspes) के नाम से जाना जाता है, सिंधु (Indus) की सबसे पश्चिमी सहायक नदी है। यह जम्मू और कश्मीर के अनंतनाग जिले (Anantnag district) में वेरीनाग (Verinag) के एक झरने से निकलती है। कश्मीर की सुंदर घाटी (Vale of Kashmir) के माध्यम से उत्तर और फिर पश्चिम की ओर बहते हुए, यह वुलर झील (Wular Lake) (दक्षिण एशिया की सबसे बड़ी मीठे पानी की झीलों में से एक) में फैलती है और फिर पीर पंजाल पर्वतमाला (Pir Panjal range) को पार कर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में प्रवेश करती है, जहाँ यह अंततः त्रिमू (Trimmu) के पास चिनाब (Chenab) में मिल जाती है।
नदी के बारे में मुख्य तथ्य
- लंबाई: स्रोत से चिनाब के संगम (confluence) तक लगभग 725 किलोमीटर।
- सहायक नदियाँ (Tributaries): प्रमुख सहायक नदियों में किशनगंगा (नीलम), कुनहार, पोहरु और सिंध नदियाँ शामिल हैं। बर्फ पिघलने से ये पहाड़ी धाराएं उफान पर होती हैं और मुख्य चैनल को पानी देती हैं।
- हाइड्रोलॉजी (Hydrology): झेलम पीर पंजाल और हिमालय में सर्दियों की बर्फ और वसंत की बारिश पर बहुत अधिक निर्भर करती है। नदी का प्रवाह मई-जून के दौरान चरम (peaks) पर होता है जब बर्फ का पिघलना और मानसून की पहली बारिश एक साथ होती है।
- उपयोग: भारतीय-प्रशासित कश्मीर में, नदी कृषि (agriculture) और परिवहन (transport) का समर्थन करती है। पाकिस्तान में, मंगला बांध (Mangla Dam) सिंचाई और जलविद्युत उत्पादन (hydropower generation) के लिए इसके पानी का उपयोग करता है।
- पारिस्थितिक और सांस्कृतिक महत्व: झेलम मछली और जलपक्षी (waterfowl) के लिए आवास प्रदान करती है और कश्मीरी संस्कृति (Kashmiri culture) में बुनी गई है - यह कविता और लोककथाओं में प्रदर्शित होती है और ऐतिहासिक रूप से एक व्यापार मार्ग (trade route) थी।
जलस्तर क्यों गिर रहा है?
मार्च 2026 में नदी के प्रवाह में गिरावट का कारण तीन कारकों (factors) को बताया गया: औसत से अधिक गर्म सर्दियां (warmer-than-average winter) जिसने स्नोपैक (snowpack) को कम कर दिया; शुष्क मौसम (dry weather) जिससे वर्षा सीमित हो गई; और बढ़ा हुआ अवसादन (sedimentation) जिससे चैनल की गहराई कम हो गई। इस तरह के बदलाव जलवायु परिवर्तन के तहत हिमालयी नदियों की नाजुकता (fragility) को उजागर करते हैं।
स्रोत: DTE.