समाचारों में क्यों?
2 अप्रैल 2026 को केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (Central Board of Direct Taxes - CBDT) ने आगामी आयकर अधिनियम 2025 (Income Tax Act 2025) के लिए एक नए ई-फाइलिंग पोर्टल का अनावरण किया। इस पोर्टल का एक अभिन्न अंग कर साथी (Kar Saathi) नामक एक आर्टिफिशियल-इंटेलिजेंस चैटबॉट (artificial-intelligence chatbot) है जो करदाताओं को नए कानून को समझने और ऑनलाइन फाइलिंग को नेविगेट करने में मदद करने के लिए अंग्रेजी और हिंदी में चौबीसों घंटे सहायता प्रदान करता है। यह पहल वित्त मंत्रालय के आउटरीच कार्यक्रम PRARAMBH 2026 का हिस्सा है।
पृष्ठभूमि
अस्पष्टता (ambiguity) को कम करने और अनुपालन (compliance) को सुव्यवस्थित करने के लिए आयकर अधिनियम 1961 को एक सरलीकृत कोड—जिसे अक्सर आयकर अधिनियम 2025 कहा जाता है—द्वारा प्रतिस्थापित किया जा रहा है। PRARAMBH 2026 (Programme for Rationalisation and Review of Acts via Modernisation for Business Harmony) का उद्देश्य डिजिटल टूल और आउटरीच के माध्यम से नागरिकों को इन बदलावों के बारे में शिक्षित करना है। कर साथी कर नियमों, प्रपत्रों (forms) और समय-सीमाओं (deadlines) पर प्रशिक्षित एक डोमेन-विशिष्ट एआई सहायक है; सामान्य चैटबॉट्स के विपरीत, यह क्यूरेट किए गए उत्तर प्रदान करता है, राय (opinions) नहीं।
विशेषताएं और संचालन (Features and operation)
- 24×7 बहुभाषी सहायता (24×7 multilingual help): उपयोगकर्ता अंग्रेजी या हिंदी में किसी भी समय प्रश्न पूछ सकते हैं। आवासीय स्थिति (residential status), कर स्लैब (tax slabs), कटौती पात्रता (deduction eligibility), फाइलिंग समय-सीमा और ई-सत्यापन प्रक्रियाओं (e-verification processes) के बारे में प्रश्नों के उत्तर सरल भाषा में दिए जाते हैं।
- सुलभ प्लेटफॉर्म (Accessible platforms): वेब पोर्टल के अलावा, कर साथी एसएमएस और कॉल-सेंटर इंटरफेस (call-centre interface) के माध्यम से भी उपलब्ध है, जो गैर-इंटरनेट उपयोगकर्ताओं का समावेश सुनिश्चित करता है।
- निर्देशित सहायता (Guided assistance): यह चैटबॉट ITR फॉर्म भरने पर चरण-दर-चरण मार्गदर्शन (step-by-step guidance) और अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं के लिंक प्रदान करता है, जिससे त्रुटि दर (error rates) कम होती है। यह वर्तमान में व्यक्तिगत और छोटे व्यवसायों की फाइलिंग को कवर करता है और नए कानून के लागू होने के साथ ही अन्य श्रेणियों में इसका विस्तार किया जाएगा।
लाभ
- नियमों और प्रक्रियाओं को स्पष्ट करके नई कर व्यवस्था (tax regime) में परिवर्तन को आसान बनाता है।
- डिजिटल साक्षरता (digital literacy) और अनुपालन को प्रोत्साहित करता है, बुनियादी प्रश्नों के लिए मध्यस्थों (intermediaries) पर निर्भरता को कम करता है।
- नागरिक-केंद्रित, प्रौद्योगिकी-संचालित (technology-driven) सार्वजनिक सेवाओं के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
स्रोत: बिजनेस स्टैंडर्ड (Business Standard) · फाइनेंशियल एक्सप्रेस (Financial Express) · प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB)