चर्चा में क्यों?
मार्च 2026 में, अमेरिकी बलों ने ईरान के खार्ग द्वीप पर सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले (air strikes) किए। हालांकि तेल टर्मिनल बरकरार रहा, इस घटना ने द्वीप को वैश्विक सुर्खियों में ला दिया और ईरान के मुख्य कच्चे तेल निर्यात केंद्र (crude-export hub) के रूप में इसके रणनीतिक महत्व को रेखांकित किया।
पृष्ठभूमि
खार्ग द्वीप एक छोटा प्रवाल द्वीप (coral island) है जो उत्तरी फारस की खाड़ी (Persian Gulf) में बुशहर (Bushehr) शहर के पास ईरान के तट से लगभग 34 मील (55 किमी) दूर स्थित है। यह खाड़ी में प्राकृतिक मीठे पानी (freshwater) के स्रोतों वाले कुछ द्वीपों में से एक है, और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास इसकी रणनीतिक स्थिति ने इसे सदियों से एक महत्वपूर्ण व्यापारिक स्थल बना दिया है। पुरातत्वविदों (Archaeologists) ने द्वीप पर चट्टानों को काटकर बनाई गई कब्रें पाई हैं जो अचमेनिद काल (Achaemenid period) की हैं।
खार्ग क्यों मायने रखता है
- तेल निर्यात टर्मिनल: यह द्वीप ईरान के सबसे बड़े तेल टर्मिनल की मेजबानी करता है। गहरा पानी सुपरटैंकरों (supertankers) को बर्थ (berth) करने की अनुमति देता है, और मुख्य भूमि के तेल क्षेत्रों से पाइपलाइनें बड़े भंडारण टैंकों (storage tanks) को भरती हैं। टर्मिनल प्रतिदिन कई मिलियन बैरल लोड कर सकता है और एक साथ कई सुपरटैंकरों को समायोजित कर सकता है।
- ऐतिहासिक विकास: 1960 के दशक में अमेरिकी कंपनी एमोको (Amoco) ने खार्ग को एक निर्यात सुविधा के रूप में विकसित करने में मदद की। 1980 के दशक में ईरान-इराक युद्ध के दौरान द्वीप पर भारी बमबारी की गई थी, लेकिन मरम्मत के बाद संचालन फिर से शुरू हो गया।
- रणनीतिक भेद्यता (Strategic vulnerability): चूंकि ईरान का अधिकांश कच्चे तेल का निर्यात खार्ग से होकर गुजरता है, इसलिए कोई भी व्यवधान वैश्विक तेल बाजारों को प्रभावित कर सकता है। इसलिए मार्च 2026 के हवाई हमलों ने आपूर्ति सुरक्षा (supply security) के बारे में चिंताएं पैदा कीं।
- प्राकृतिक विशेषताएं: यह द्वीप लगभग 8 किमी लंबा और 4.5 किमी चौड़ा है, जिसका उच्चतम बिंदु समुद्र तल से लगभग 87 मीटर ऊपर है। तेल टर्मिनल के अलावा, इसमें विरल वनस्पति (sparse vegetation) और एक छोटी नागरिक बस्ती है।
महत्व
- भू-राजनीतिक लाभ (Geopolitical leverage): खार्ग पर नियंत्रण ईरान को प्रतिबंधों और राजनीतिक तनावों के बावजूद तेल भेजने में सक्षम बनाता है। इसलिए द्वीप की रक्षा करना तेहरान (Tehran) के लिए प्राथमिकता है।
- पर्यावरणीय चिंताएं: तेल रिसाव (Oil spills) या सैन्य क्षति फारस की खाड़ी के संवेदनशील समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंचा सकती है। द्वीप के सीमित मीठे पानी के भंडार (freshwater reserves) के भी सावधानीपूर्वक प्रबंधन की आवश्यकता होती है।
स्रोत: The Telegraph